Skip to content
Primary Menu
  • Home
  • ख़ास ख़बर
  • आलेख
    • सत्ता की सियासत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • राष्ट्रीय
  • दिल्ली एनसीआर
  • राज्यों से …
  • कारोबार
  • साहित्य
  • संस्कार
  • तकनीक
  • मनोरंजन
  • स्वास्थ्य
  • शिक्षा
  • खेल
Logo300

INFOPOST NEWS

The power of information

September 7, 2026

Connect with Us

  • Home
  • ख़ास ख़बर
  • आलेख
    • सत्ता की सियासत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • राष्ट्रीय
  • दिल्ली एनसीआर
  • राज्यों से …
  • कारोबार
  • साहित्य
  • संस्कार
  • तकनीक
  • मनोरंजन
  • स्वास्थ्य
  • शिक्षा
  • खेल

Categories

  • INFOPOST PDF
  • sports
  • Uncategorized
  • अंतरराष्ट्रीय
  • आलेख
  • कारोबार
  • ख़ास ख़बर
  • तकनीक
  • दिल्ली एनसीआर
  • बोलती तस्वीरें
  • मनोरंजन
  • राज्यों से …
  • राष्ट्रीय
  • शिक्षा
  • सत्ता की सियासत
  • संस्कार
  • साहित्य
  • स्वास्थ्य
An error has occurred, which probably means the feed is down. Try again later.

  • ख़ास ख़बर
  • संस्कार

जानें ऋषि पंचमी और सप्त ऋषि पूजन व्रत के बारे में

August 23, 2020
A1

ऋषि पंचमी व्रत वर्ष 2020 में रविवार, 23 अगस्त को मनाया जा रहा है। इस दिन यानी भाद्रपद शुक्ल पंचमी को सप्त ऋषि पूजन व्रत का विधान है। ब्रह्म पुराण के अनुसार इस दिन चारों वर्ण की स्त्रियों को चाहिए कि वे यह व्रत करें। यह व्रत जाने-अनजाने हुए पापों के प्रक्षालन के लिए स्त्री और पुरुषों को अवश्य करना चाहिए। इस दिन गंगा स्नान करने का विशेष माहात्म्य है।

Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!

ऋषि पंचमी के दिन प्रातः नदी आदि पर स्नान कर स्वच्छ वस्त्र पहनें। तत्पश्चात घर में ही किसी पवित्र स्थान पर पृथ्वी को शुद्ध करके हल्दी से चौकोर मंडल (चौक पूरें) बनाएं। फिर उस पर सप्त ऋषियों की स्थापना करें। गंध, पुष्प, धूप, दीप, नैवेद्य आदि से सप्तर्षियों का पूजन करें। तत्पश्चात निम्न मंत्र से अर्घ्य दें-

‘कश्यपोऽत्रिर्भरद्वाजो विश्वामित्रोऽथ गौतमः।
जमदग्निर्वसिष्ठश्च सप्तैते ऋषयः स्मृताः॥
दहन्तु पापं मे सर्वं गृह्नणन्त्वर्घ्यं नमो नमः॥

अब व्रत कथा सुनकर आरती कर प्रसाद वितरित करें। तदुपरांत अकृष्ट (बिना बोई हुई) पृथ्वी में पैदा हुए शाकादि का आहार लें। इस प्रकार सात वर्ष तक व्रत करके आठवें वर्ष में सप्त ऋषियों की सोने की सात मूर्तियां बनवाएं।

तत्पश्चात कलश स्थापन करके यथाविधि पूजन करें। अंत में सात गोदान तथा सात युग्मक-ब्राह्मण को भोजन करा कर उनका विसर्जन करें। इस बार भाद्रपद शुक्ल पंचमी तिथि का प्रारंभ शनिवार, 22 अगस्त 2020 को शाम 07.57 मिनट पर हो रहा है, जो कि अगले दिन यानी रविवार, 23 अगस्त 2020 को शाम 05.04 मिनट तक पंचमी तिथि रहेगी।

इस दौरान ऋषि पंचमी पर पूजा का खास मुहूर्त 02 घंटे 36 मिनट का है। अत: आप रविवार, 23 तारीख को दिन में 11.06 मिनट से शुरू होकर दोपहर 01.41 मिनट तक विशेष मुहूर्त होने से इस समय पूजन करना अति शुभ रहेगा।

About Author

See author's posts

Post navigation

Previous: जब राजग की हार हुई और यूपीए की सरकार बनी
Next: कांग्रेस की सरपस्ती में संस्थाओं पर कब्जे की रणनीति

Related Stories

Social Politics
  • ख़ास ख़बर
  • दिल्ली एनसीआर

Social Politics: नोएडा के युवा नेताओं में तेजी से उभरता नाम संदीप अवाना

infopost September 5, 2026 0
Ram Mandir Trust Controversy
  • ख़ास ख़बर
  • राष्ट्रीय

Ram Mandir Trust Controversy: राम मंदिर ट्रस्ट पर उठे सवाल

infopost June 27, 2026
Narendra Modi IVLP Program
  • ख़ास ख़बर
  • राष्ट्रीय

Narendra Modi IVLP Program: क्या 1993 का अमेरिकी कार्यक्रम आज भी खड़ा करता है सवाल?

infopost June 27, 2026

Copyright © All rights reserved. | MoreNews by AF themes.