Skip to content
Primary Menu
  • Home
  • ताजा तरीन
  • आलेख
    • सत्ता की सियासत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • राष्ट्रीय
  • दिल्ली एनसीआर
  • राज्यों से …
  • कारोबार
  • साहित्य
  • संस्कार
  • तकनीक
  • मनोरंजन
  • स्वास्थ्य
  • शिक्षा
  • खेल
Logo300

INFOPOST NEWS

The power of information

October 24, 2026

Connect with Us

  • Home
  • ताजा तरीन
  • आलेख
    • सत्ता की सियासत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • राष्ट्रीय
  • दिल्ली एनसीआर
  • राज्यों से …
  • कारोबार
  • साहित्य
  • संस्कार
  • तकनीक
  • मनोरंजन
  • स्वास्थ्य
  • शिक्षा
  • खेल

Categories

  • INFOPOST PDF
  • अंतरराष्ट्रीय
  • आलेख
  • कारोबार
  • ख़ास ख़बर
  • खेल पोस्ट
  • तकनीक
  • ताजा तरीन
  • दिल्ली एनसीआर
  • बोलती तस्वीरें
  • मनोरंजन
  • राज्यों से …
  • राष्ट्रीय
  • शिक्षा
  • सत्ता की सियासत
  • संस्कार
  • साहित्य
  • स्वास्थ्य
An error has occurred, which probably means the feed is down. Try again later.

  • ताजा तरीन
  • संस्कार

क्या शंख की आवाज से खत्म होते हैं रोगाणु

August 9, 2020
S1

हिंदू धर्म ग्रंथों में बताया गया है कि समुद्र मंथन में 14 रत्न मिले थे। उनमें एक शंख भी था। शंख से घर में सुख-समृद्धि आती है। ज्योतिषाचार्यों का कहना है कि घर में शंख बजाने से दोष दूर होते हैं। शंख बजाना सेहत के लिए भी अच्छा होता है। इससे सांस और फेफड़ों से जुड़ी बीमारियों में राहत मिलती है। शंख बजाने से फेफड़ों की एक्सरसाइज होती है।

बर्लिन यूनिवर्सिटी के वैज्ञानिकों ने अपने शोध में बताया कि शंख से निकलने वाली आवाज से आसपास के क्षेत्र में उत्साह और ऊर्जा पैदा होती है। यह रोगाणुओं और नेगेटिव एनर्जी को खत्म करती है। शंख की आवाज से उत्साह बढ़ता है और रोगाणुओं से लड़ने के लिए हमारे अंदर चेतना जागृत होती है।

यदि आप नियमित रूप से शंख बजाते हैं तो आपके फेफड़ों में मजबूती आती है। ऐसे लोग जिन्हें दमा है, उन्हें शंख जरूर बजाना चाहिए। शंख बजाने से कई तरह के फेफड़ों के रोग दूर होते हैं। शंख बजाने से त्वचा की समस्याएं भी दूर होती हैं। चेहरे के मसल्स की एक्सरसाइज होती है और झुर्रियों से बचाव होता है।

जो लोग पूजा करते समय शंख बजाते हैं उन्हें हार्ट अटैक आने की आशंका कम हो जाती है। इससे नसों का ब्लॉकेज खुल जाता है। रेक्टल मसल्स सिकुड़ती और फैलती है। नियमित रूप से शंख बजाने से वोकल कॉर्ड का व्यायाम होता है और इस वजह से हकलाने की समस्या कम हो जाती है। रोज शंख बजाने से गुदा द्वार की मांसपेशियां मजबूत बनती हैं। मूत्राशय और पेट के निचले हिस्सों की मांसपेशियों के लिए शंख बजाना काफी बेहतर साबित होता है।

बर्लिन यूनिवर्सिटी ने 1928 में शंख ध्वनि पर अनुसंधान करके यह सिद्ध किया कि इसकी ध्वनि रोगाणुओं को नष्ट करने कि उत्तम औषधि है। वैज्ञानिकों का मानना है कि शंख की ध्वनि के प्रभाव में सूर्य की किरणें रुकावट बनती हैं। इसलिए सुबह जल्दी या शाम को जब सूर्य की किरणें निस्तेज होती हैं, तभी शंख बजाने का विधान है। इससे आसपास का वातावरण और पर्यावरण शुद्ध रहता है।

आयुर्वेद के अनुसार शंखोदक भस्म से पेट की बीमारियां, पीलिया, कास प्लीहा यकृत, पथरी आदि रोग ठीक होते हैं। रुक रुक कर बोलने व हकलाने वाले यदि नित्य शंख-जल का पान करें, तो उन्हें आश्चर्यजनक लाभ मिलेगा। मूकता व हकलापन दूर करने के लिए शंख-जल एक महौषधि है।

शंख से जुड़े नियमों को भी जानना जरूरी है। शंख को कभी भी इधर उधर नहीं रखना चाहिए। इसे हमेशा लाल कपड़े में लपेट कर घर के पूजा स्थल पर रखें। शास्त्रों में घर में शंख बजाने का सही समय सुबह और शाम बताया गया है।

इसके अलावा कभी भी शंख न बजाएं। अपने घर के पूजा घर में एक से ज्यादा शंख न रखें। कभी भी किसी दूसरे को अपना शंख न दें और न खुद कभी किसी दूसरे का शंख इस्तेमाल करें।शंख को जमीन पर न रखें। पवित्र लकड़ी के स्टेंड पर या किसी बाजोट पर ही शंख रखना चाहिए।

About Author

See author's posts

Post navigation

Previous: अब WhatsApp में मिलेंगे फिंगरप्रिंट और फेस अनलॉक जैसे फीचर्स
Next: बायकॉट चायना

Related Stories

SIR Protest
  • ताजा तरीन
  • राष्ट्रीय

SIR Protest: दिल्ली में प्रदर्शन तेज, 1 नवंबर की रैली पर नजर

infopost October 24, 2026 0
November 1 Rally
  • ताजा तरीन
  • सत्ता की सियासत

November 1 Rally: विपक्ष के बड़े शक्ति प्रदर्शन की तैयारी

infopost October 24, 2026 0
Election Transparency
  • ताजा तरीन
  • सत्ता की सियासत

Election Transparency: लोकतंत्र में बढ़ती राजनीतिक बहस

infopost October 23, 2026 0

Copyright © All rights reserved. | MoreNews by AF themes.