The Dictator: आज कल एक विमर्श सोशल मीडिया पर थोक में अपलोड किया जा रहा है। कुकुरमुत्ते की तरह नए नए यूट्यूबर सोशल मीडिया की जमीन पर उग आए हैं। सभी एकसुर से ध्रुव राठी को राष्ट्र विरोधी साबित करने में लगे हैं।
The Dictator: अभी तक कहां थे ये यूट्यूबर?
श्रीकांत सिंह
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!The Dictator: ऐसा क्यों हो रहा है? अभी तक कहां थे ये यूट्यूबर? ये किसके लिए काम कर रहे हैं? क्या मोदी सत्ता ध्रुव राठी से डर गई है जो इन यूट्यूबरों को मैदान में उतार रही है? क्योंकि उनके द डिक्टेटर वीडियो में उठाए गए सवालों के जवाब बजाय सरकार के, ये यूट्यूबर देने की कोशिश कर रहे हैं। या वाकई ध्रुव राठी ने नेम, फेम और मोटी कमाई करने के लिए आम आदमी पार्टी समेत तमाम ऐसे समूहों का सहारा लिया जिन्हें राष्ट्र विरोधी कहा जा रहा है।
मजे की बात यह है कि ये यूट्यूबर बजाय द डिक्टेटर में उठाए गए सवालों के जवाब देने के, ध्रुव राठी के व्यक्तिगत जीवन पर फोकस कर रहे हैं। इनका तर्क यह है कि भारत में डिक्टेटरशिप नहीं है। जबकि ध्रुव राठी मोदी सत्ता को डिक्टेटर बता रहे हैं। लेकिन ध्रुव राठी ने यह साफ कर दिया है कि उन्होंने कभी भी यह नहीं कहा कि भारत में डिक्टेटरशिप है। उनका सिर्फ इतना कहना है कि जिस कदर ईडी, सीबीआई, इनकम टैक्स, ईवीएम, चुनाव आयोग और इलेक्टोरल बांड के जरिये सत्ता में बने रहने की कोशिश की जा रही है, उससे भारत डिक्टेटरशिप यानी तानाशाही की ओर बढ़ रहा है।
ध्रुव राठी के वीडियो पर करोड़ों व्यू
The Dictator: हरियाणा में जन्मे और जर्मनी में सेटल हो चुके ध्रुव राठी वह शख्स हैं जिन्होंने सोशल मीडिया के माध्यम से न केवल अपनी अलग पहचान बनाई है, बल्कि अपने कंटेंट के जरिये अरबों रुपये कमा चुके हैं। ध्रुव राठी ने यूट्यूब पर तब वीडियो बनाना शुरू किया था, जब इसके बारे में बहुत कम लोग जानते थे। आज कल तो उनके वीडियो पर करोड़ों व्यू आ रहे हैं।
उनका ताजा वीडियो द डिक्टेटर तो इस समय सोशल मीडिया पर कोहराम मचा रहा है। इसके आते ही दिलीप मंडल जैसे लोग इसके विरोध और समर्थन में खड़े हो गए हैं। यह वीडियो दरअसल, नरेंद्र मोदी के दस साल के कार्यकाल पर आधारित है। इसमें दी गई दलीलों और तथ्यों से यह साबित करने की कोशिश की गई है कि नरेंद्र मोदी ने पिछले 10 साल में सिवाय अपनी छवि चमकाने के, देश के लिए कोई भी उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल नहीं कर पाए हैं।
ध्रुव राठी का पूरा विडियो देखिए
उनके इस वीडियो की तारीफ में आम आदमी पार्टी के एडवोकेट संजीव नासिरा लिखते हैं, ध्रुव राठी का पूरा विडियो देखिए। मोदी जी ने 10 साल में 10 हजार करोड़ अपने चेहरे पर खर्च कर दिए। ध्रुव ने एक विडियो से ही इस भारी भरकम खर्च को मिट्टी में मिला दिया है। कहीं मोदी सरकार इस वीडियो को डिलीट न करवा दे। उससे पहले ही हर किसी को इसे पूरा देख लेना चाहिए। पूरी दुनिया में भारतीय लोगों के बीच इस वीडियो की खासी चर्चा है।
इस वीडियो के छोटे-छोटे टुकड़े को कुछ लोग अपने सोशल मीडिया हैंडल पर अपनी अपनी दलीलों के साथ शेयर कर रहे हैं। वीडियो को बनाने के लिए उन्होंने जिस तरह के तथ्य जुटाए हैं, उसी का लोग समर्थन और विरोध कर रहे हैं। वीडियो का कौन विरोध और कौन समर्थन कर रहा है? इसे जानने के लिए ऐसे लोगों के प्रोफाइल को टटोला जा सकता है।
समर्थन और विरोध करने वाले कौन?
यह रिपोर्ट तैयार करने का मकसद यह कतई नहीं है कि ध्रुव राठी के वीडियो को क्लीन चिट दी जाए या उसे गलत बताया जाए। हम इस सवाल का विश्लेषण करना चाहते हैं कि समर्थन और विरोध करने वाले कौन लोग हैं? आम जनता को इससे क्या लेना-देना? बहरहाल, वीडियो के विरोध में प्रदीप मैखुरी ने अपना एक वीडियो शेयर करते हुए लिखा है, ध्रुव राठी के विडियो का सच। ध्रुव राठी का वीडियो एक प्रोपेगैंडा है। जाने आखिर क्या है इस वीडियो में। वैसे प्रदीप ने अपने डीपी में योगी का चेहरा लगा रखा है।
इसी तरह पुष्पेंद्र चहर लिखते हैं, जर्मन शेफर्ड ध्रुव राठी ने आज खालिस्तानियों के बचाव में वीडियो बनाया। यहां वह वीडियो है जहां वह पूरी तरह से बेनकाब हो गए। एक अवश्य देखने योग्य वीडियो। इस वीडियो के विरोध में पुष्पेंद्र ने भी कुछ ददीलें रखी हैं। यह अलग बात है कि इनके एक्स की प्रोफाइल तस्वीर में भगवा झंडा लहरा रहा है और उसपर लिखा है, ‘राष्ट्र सर्वपरि’। यानी यह राष्ट्रवादियों के ‘खेमे’ से हैं। बावजूद इसके, ध्रुव राठी ने अपने ताजा वीडियो में मोदी सरकार के बारे में क्या कहा है, इसके निहितार्थ को समझने की जरूरत है। न कि उनके व्यक्तिगत जीवन की चर्चा करके देश के नरेटिव को भटकाना।
निष्कर्ष
The Dictator: हमारा मत ये है कि पूर्वाग्रह के आधार पर जो भी तथ्य सामने लाए जाते हैं, उन पर आसानी से यकीन नहीं किया जा सकता। हमें सिर्फ इस बात पर ध्यान देना चाहिए कि अगले की बात में कोई दम या सच्चाई है या नहीं। जो लोग ध्रुव राठी को डेस्ट्रायड यानी खत्म बता रहे हैं, वे जाने अनजाने ध्रुव राठी के वीडियो को प्रमोट ही कर रहे हैं। #DhruvRathee


