Skip to content
Primary Menu
  • Home
  • ताजा तरीन
  • आलेख
    • सत्ता की सियासत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • राष्ट्रीय
  • दिल्ली एनसीआर
  • राज्यों से …
  • कारोबार
  • साहित्य
  • संस्कार
  • तकनीक
  • मनोरंजन
  • स्वास्थ्य
  • शिक्षा
  • खेल
Logo300

INFOPOST NEWS

The power of information

October 21, 2026

Connect with Us

  • Home
  • ताजा तरीन
  • आलेख
    • सत्ता की सियासत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • राष्ट्रीय
  • दिल्ली एनसीआर
  • राज्यों से …
  • कारोबार
  • साहित्य
  • संस्कार
  • तकनीक
  • मनोरंजन
  • स्वास्थ्य
  • शिक्षा
  • खेल

Categories

  • INFOPOST PDF
  • अंतरराष्ट्रीय
  • आलेख
  • कारोबार
  • ख़ास ख़बर
  • खेल पोस्ट
  • तकनीक
  • ताजा तरीन
  • दिल्ली एनसीआर
  • बोलती तस्वीरें
  • मनोरंजन
  • राज्यों से …
  • राष्ट्रीय
  • शिक्षा
  • सत्ता की सियासत
  • संस्कार
  • साहित्य
  • स्वास्थ्य
An error has occurred, which probably means the feed is down. Try again later.

  • आलेख

आत्महत्या की बढ़ती प्रवृत्ति खत्म करने के लिए सिटीजन फोरम ऑफ मोतिहारी ने किया मंथन

ohm verma December 19, 2023
seminar

इंफोपोस्ट संवाददाता, मोतिहारी। seminar :


इस भागदौड़ भरे जीवन में आकांक्षाएं बढ़ती जा रही हैं। तनाव जन्म लेना आम बात हो गई है। यहीं से आत्महत्या की प्रवृत्ति घर करने लगती है। आज यह बहुत ​बड़ी समस्या बन गई है। इससे निजात पाने के लिए समाज को आगे आना होगा। इसी सोच के तहत मंगलवार को मोतिहारी शहर के बरियारपुर स्थित ए​क होटल में सिटीजन फोरम ऑफ़ मोतिहारी ने चिंतन संगोष्ठी का आयोजन किया। इसमें आत्महत्या की बढ़ती प्रवृत्ति को खत्म करने के लिए चिंतन मंथन किया गया।

सकारात्मक गुणों के विकास पर जोर

बतौर मुख्य अतिथि प्रख्यात मनोचिकित्सक डॉक्टर नजमा जमीर ने वीडियोग्राफिक असाइनमेंट के द्वारा आत्महत्या की प्रवृत्ति और उसके निदान पर विस्तृत व्याख्या दी। उन्होंने आत्महत्या की प्रवृत्ति बढ़ने वाले व्यक्तियों के प्रति जागरूक रहने, सरकारी तथा गैर सरकारी संगठनों से मदद लेने पर जोर दिया। उन्होंने उन लोगों में सकारात्मक गुण का विकास करने पर जोर देते हुए एक विस्तृत पावर प्रेजेंटेशन दिया। उन्होंने इस सामाजिक आपराधिक प्रवृत्ति पर अंकुश लगाने के लिए परिवार के सभी सदस्यों को एक दूसरे की निगरानी करने, बच्चों को अकेले ना छोड़ने तथा उनकी गतिविधियों पर सर्वेक्षण, आत्म निगरानी रखने पर जोर दिया। उन्होंने बताया कि जिन बच्चों में आत्महत्या की प्रवृत्ति देखने को मिले, उन्हें तुरंत मेडिकल ट्रीटमेंट और परिवार को साथ में रखना चाहिए। स्वभाव में चिड़चिड़ापन, नींद का कम आना या अत्यधिक आना, व्यवहार में अप्रत्याशित परिवर्तन देखने को मिलता है तो तुरन्त चिकित्सीय सलाह लेना लाभदायक होता है।

seminar

इससे पूर्व परिचर्चा की शुरुआत करते हुए फोरम के अध्यक्ष बीरेंद्र जालान ने सबों का स्वागत किया। संगोष्ठी के संयोजक अंगद कुमार सिंह ने चर्चा के मुद्दे पर सामाजिक चिंता व्यक्त की एवं सबको अपनी जिम्मेदारी निभाने का आग्रह किया।

संगोष्ठी में विभिन्न सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने इस गंभीर समस्या पर विचार व्यक्त किए। सभा की शुरुआत में सिटीजन फोरम के संरक्षकद्वय श्रीप्रकाश चौधरी एवं शशिकला देवी के संबोधन के बाद ख्वाब फाउंडेशन के मोटीवेटर मुन्ना कुमार ने कहा कि आत्महत्या की प्रवृत्ति युवाओं में ज्यादा पाई जाती है और मूल रूप से उनमें स्ट्रेस को सहने की शक्ति का अभाव होता है।

seminar

जीवन शैली में लाएं बदलाव

seminar : शहर की प्रख्यात स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉक्टर संगीता ने सुसाइड को एक मेंटल डिजीज बताया। उन्होंने कहा कि कोई व्यक्ति आत्महत्या करता है तो इस प्रवृत्ति के पीछे वह कम से कम 20 बार तक आत्महत्या करने के बारे में सोचता है। हमें अपनी जीवन शैली में बदलाव लाना चाहिए।

छोटे बच्चों पर रखें विशेष निगरानी

seminar : पूर्वी चंपारण तलवारबाजी संघ के साजिद रजा, चंपारण लायंस क्लब के अध्यक्ष सुजीत कुमार सिंह, भारत विकास परिषद के डॉक्टर सच्चिदानंद पटेल, हिंदी बाजार संघ के अध्यक्ष मनमोहन शर्मा, पूर्वी चंपारण पेट्रोलियम संगठन के अध्यक्ष सुधांशु रंजन, रक्तदाता समूह के अनिरुद्ध लोहिया, आर्य विद्यापीठ के डायरेक्टर रंजीत कुमार ने कहा कि हमने आत्महत्या की समस्या को बड़े करीब से देखा है और उसे महसूस किया है। हमें छोटे आयु के बच्चों पर व्यापक निगरानी रखनी चाहिए। उनके स्वभाव में हो रहे परिवर्तन का निरीक्षण करते रहना चाहिए। प्रख्यात अधिवक्ता पत्रकार एसके पंकज ने कहा कि हमारी जो संस्कृति है उसके विलुप्त हो जाने के कारण बच्चों और युवाओं में आत्महत्या की प्रवृत्ति में वृद्धि हुई है।

आधुनिकता ​का दुष्परिणाम

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि वक्ता आर्ट ऑफ़ लिविंग के आनंद कुमार ने बताया कि आत्महत्या की प्रवृत्ति का विकास आधुनिकता की दौड़ का परिणाम है। आधुनिक जीवन शैली अपनाने से तन और मन में संतुलन स्थापित न करने के कारण इस मानवीय समस्या का जन्म होता है।

seminar : उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि यह एक मानवीय समस्या है क्योंकि यह सिर्फ मनुष्य में मिलता है। मनुष्य को छोड़ किसी दूसरी प्रजाति में आत्महत्या की प्रवृत्ति देखने को नहीं मिलती है। हम अपने जीवन शैली को सहज सरल रखें तो हमारे अंदर आत्महत्या की प्रवृत्ति का विकास नहीं होगा। प्राणायाम, ध्यान योग से काफी लाभ मिलता है। उन्होंने कहा कि इन कार्यों के द्वारा हम अपने अंदर की नकारात्मक शक्ति की जगह सकारात्मक शक्ति का विकास करते हैं। तब आत्महत्या की प्रवृत्ति का जन्म नहीं होता। उन्होंने खेल और संगीत के माध्यम से लोग को तनाव मुक्त रहने के उपाय बताए।

महासचिव रामभजन ने धन्यवाद ज्ञापन किया। सभा में कौशल किशोर सिंह, सुधीर कुमार गुप्ता, राजकुमारी गुप्ता, बिंटी शर्मा, धर्मवर्धन आर्य, सतीश टंडन, राय रोहित शर्मा, अजय आजाद, अंकुर कुमार, प्रशांत जायसवाल प्लाईवुड संघ के जयप्रकाश गुप्ता, सुजीत कुमार, डॉक्टर उत्तम कुमार सहित कई नागरिक कार्यक्रम में उपस्थित रहे।

About Author

ohm verma

editor

See author's posts

Post navigation

Previous: winter session: गिरावट की कोई हद नहीं
Next: ईस्ट चंपारण लायंस क्लब ने मोतिहारी रेलवे स्टेशन सुप्रीटेंडेंट दिलीप कुमार को किया सम्मानित

Related Stories

WhatsApp Image 2026-10-18 at 9.35.28 AM (1)
  • आलेख
  • ख़ास ख़बर
  • तकनीक
  • दिल्ली एनसीआर
  • बोलती तस्वीरें

मेरठ की कलाकार मुक्ता सिंघल की चार पेंटिंग्स ‘शेयर्ड कैनवास’ प्रदर्शनी में बनीं आकर्षण का केंद्र

Avatar Shrikant Singh October 18, 2026 0
SIM UPI Fraud 2026
  • आलेख
  • ख़ास ख़बर
  • ताजा तरीन

SIM UPI Fraud 2026: SIM से UPI फ्रॉड, ऐसे उड़ सकते हैं पैसे

infopost September 22, 2026
Indian politics
  • आलेख
  • ताजा तरीन

Indian politics: The Week India Went Back to the 1980s

Shrikant Singh Shrikant Singh September 11, 2026

Copyright © All rights reserved. | MoreNews by AF themes.