Lifestyle: अरुण मौर्य, नोएडा। लेखक वरिष्ठ पत्रकार और वर्तमान में आईएमएस नोएडा में असिस्टेंट प्रोफेसर हैं। विभिन्न समसामयिक विषयों पर लिखने में रुचि रखते हैं।
Lifestyle: नेचुरल लाइफ स्टाइल, योगा, सिद्धा, पंचकर्मा और म्यूजिक थेरेपी का सहारा
Lifestyle: कोरोना वायरस महामारी की त्रासदी को देखने के बाद अब शहर के लोग पहले के मुकाबले सेहत को लेकर ज्यादा जागरूक हो गए हैं। शहर में रहने वाले युवा से लेकर बुजुर्ग तक खुद को फिट रखने के लिए नेचुरल लाइफ स्टाईल को तेजी से अपना रहे हैं। त्रिता योगा एंड फिटनेश के फाउंडर बिपिन कर्माकर और सुधीर रॉय ने बताया कि नेचुरल लाइफ स्टाइल का मतलब है, प्रकृति के अनुरूप जीवन जीना।
इसमें स्वस्थ भोजन, पर्याप्त नींद, शारीरिक गतिविधि और तनाव प्रबंधन शामिल है। यह जीवनशैली बीमारियों से बचाव और समग्र कल्याण को बढ़ावा देने में मदद करती है। फिटनेश ट्रेनर सुधीर रॉय ने बताया कि शहर में लोग डाइट से लेकर कसरत तक, वो सभी काम कर रहे हैं, जिससे वे सेहतमंद रहें और बीमारियां उनसे दूर रहें। हालांकि, एक अच्छी सेहत के लिए सिर्फ डाइट और एक्सरसाइज़ ही नहीं बल्कि लाइफस्टाइल में भी बदलाव लाने की ज़रूरत होती है।
वह पिछले पांच वर्षों से शहर में रहने वाले लोगों को योगा और नेचुरल लाइफ स्टाईल को अपनाने को लेकर ट्रेनिंग दे रहे हैं। उन्होंने इन पिछले पांच वर्षों में लोगों में तेजी से नेचुरल लाइफ स्टाईल को अपनाने को लेकर क्रेज को देखा है। उन्होंने बताया कि उनके खुद के सेंटर पर इस समय शहर के सौ से अधिक लोग योगा, सिद्धा और पंचकर्मा के साथ ही नेचुरल तरीके से खुद को फिट रखने की ट्रेंनिंग ले रहें हैं। उन्होंने नियमित नेचुरल लाइफ स्टाइल को अपनाने वाले लोगों के स्वास्थ्य में तेजी से हो रहे बदलाव को भी देखा है।
जीवन का सबसे बड़ा सुख निरोगी काया
Lifestyle: नेचुरल लाइफ स्टाइल और फिटनेश ट्रेनर निकिता गौतम ने बताया कि हमारे पूर्वज अकसर एक कहावत कहते थे कि जीवन का सबसे बड़ा सुख निरोगी काया। जिसको पिछले कुछ वर्षों में लोगों ने कोरोना महामारी में भली भांति समझ लिया है। जिसके बाद से लोग फिर से अब नेचुरल लाइफ स्टाईल और फिटनेश की तरफ तेजी से रूख कर रहें हैं। उनके फिटनेश सेंटर त्रिता योगा एंड फिटनेश पर भी इस समय दो सौ से अधिक लोग नेचुरल लाइफ स्टाइल को लेकर ट्रेनिंग ले रहें हैं। उन्होंने बताया कि नेचुरल लाइफ स्टाइल, जिसे प्राकृतिक जीवनशैली भी कहा जाता है, एक ऐसी जीवनशैली है जो प्रकृति के नियमों के अनुसार जीने पर जोर देती है।
इसका मतलब है कि हम अपने शरीर और मन को प्राकृतिक रूप से स्वस्थ रखने के लिए प्रयास करते हैं। इसी ध्येय के साथ शरीर को स्वस्थ और मन को प्रसन्न रखने के लिए लोग जहां मार्निंग वाक, शारीरिक व्यायाम को प्राथमिकता दे रहे हैं वहीं अब योग क्रिया भी अपना रहे हैं। मौजूदा दौर में युवाओं में भी जिम के अलावा योग, प्रणायाम का क्रेज तेजी से बढ़ रहा है। शहर के युवा योग क्रियाओं के लिए जहां योग क्लास जा रहे हैं वहीं कुछ ऐसे भी हैं जो सोशल मीडिया के जरिए घर पर ही सुरक्षित तरीके से योग आसान और सिद्ध्धा कर अपनी सेहत बना रहे हैं।
नेचुरल फिटनेश में योगा और प्रणायाम की बड़ी भूमिका
फिटनेश ट्रेनर अंशु वर्मा ने बताया कि नेचुरल लाइफ स्टाईल में योग और प्रणायम की बड़ी भूमिका है। योगाचार्यों की मानें तो सर्द सीजन में ठंड से बचने में भी योग क्रिया काफी कारगर है। सावधानी पूर्वक योग क्रिया करने से ह्दय संबंधी बीमारियां से निजात मिलती है, ह्दय स्वस्थ्य रहता है। उन्होंने बताया कि योग क्रियाएं व्यक्ति के समग्र स्वास्थ्य को बढ़ाती हैं। यह कई अलग अलग कारणों के लिए किया जाता है, जिनमें शामिल हैं: मांसपेशियों को मजबूत बनाना, हृदय प्रणाली को सुदृढ़ बनाना, वजन घटाना या फिर सिर्फ आनंद के लिए भी किया जाता है।
योगा और फिटनेश ट्रेनर उपासना और सुधीर रॉय ने बताया कि नेचुरल लाइफ स्टाईल की विद्या प्राचीनकाल से चली आ रही है। वर्तमान परिवेश में अब ये गूढ़ नहीं रही। लोगों की दिनचर्या में शामिल हो हो चुकी है। विश्व के सभी देशों एवं वर्गों में योग, प्रणायम, सिद्ध्धा, पंचकर्मा और औषधिय फल और सब्जियों के सेवन को बड़ी सहजता से अपनाया जा रहा है। उन्होंने बताया कि आधुनिक युग में लोगों को कई जटिल रोगों से लड़ना पड़ रहा हैं। जिसमें प्रमुख रूप से हृदय रोग, थायराइड, मधुमेह ,मोटापा एवं मानसिक तनाव शामिल है। इन व्याधियों से नेचुरल लाइफ स्टाईल को अपना कर छुटकारा पाया जा सकता है।
म्यूजिक थेरपी और योगा डांस का भी क्रेज
Lifestyle: योगा ट्रेनर निकिता गौतम ने बताया कि शहर में वजन कम करने के लिए युवाओं और महिलाओं में योगा डांस का क्रेज बढ़ रहा है। यह डांस करने में जितना आसान है, फिटनेस के लिए भी उतना ही महत्वपूर्ण है। म्यूजिक की बीट्स पर इसमें डांस स्टेप्स का नहीं, बल्कि पहले योगासन और फिर डांस की मुद्राओं का प्रदर्शन किया जाता है। इसलिए यह सुर, ताल और लय के साथ विभिन्न आसनों का परफेक्ट कॉम्बिनेशन है।
इस डांस के जरिए रोजाना एक घंटे की प्रैक्टिस कर 600 कैलोरी को लगातार बर्न किया जा सकता है। इसलिए इस डांस को फिटनेस के लिए जरूरी एक्सरसाइज माना जाता है। इस डांस को बच्चे ही नहीं युवा, महिलाएं और यहां तक कि सीनियर सिटीजन भी कर सकते हैं। वहीं इसी प्रकार से म्यूजिक थेरपी भी लोगों को दी जाती है। जिसमें नाद, शास्त्रीय संगीत के संयोजन से तैयार धुन से लोगों के विभिन्न बीमारियों ने निजात दिलाते हैं।
नेचुरल लाइफ स्टाइल के लिए जरूरी संतुलित आहार
डाइटिशियन लक्ष्मी ने बताया कि आहार फिटनेस का एक महत्वपूर्ण घटक है, खासकर जब इसे नियमित व्यायाम के साथ जोड़ा जाए। पोषक तत्वों से भरपूर संतुलित आहार स्वास्थ्य बनाए रखने और वजन नियंत्रित रखने में मदद करता है। स्वस्थ आहार के लिए यहां कुछ सुझाव दिए गए हैं। खाना पकाते समय कम चीनी, नमक और तेल का प्रयोग करें। तलने से बचें। भाप में पकाए या ग्रिलिंग का विकल्प चुनें।
Lifestyle: भोजन में अधिक फल, सब्जियां और साबुत अनाज शामिल करें। अतिरिक्त पोषण के लिए अंकुरित अनाज, सलाद और दही शामिल करें। बेहतर पाचन के लिए किण्वित खाद्य पदार्थों का सेवन करें। ताजे फल और सब्जियों से भरपूर संतुलित आहार लें। शराब, धूम्रपान और गैजेट्स पर निर्भरता को सीमित करें। एक नियमित नींद की दिनचर्या निर्धारित करें और शारीरिक रूप से सक्रिय रहें।



Lifestyle: अरुण मौर्य, नोएडा। लेखक वरिष्ठ पत्रकार और वर्तमान में आईएमएस नोएडा में असिस्टेंट प्रोफेसर हैं। विभिन्न समसामयिक विषयों पर लिखने में रुचि रखते हैं।