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Fake exit polls: फेक न्यूज का सबसे बड़ा उदाहरण

infopost June 2, 2024
Fake exit polls

Fake exit polls: एक्जिट पोल को फेक न्यूज यानी फर्जी खबर का सबसे बड़ा उदाहरण बताया जा रहा है। कांग्रेस ने तो यहां तक दावा कर दिया है कि एक्जिट पोल प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने तैयार करवाए हैं। आखिर ऐसा क्यों? एक्जिट पोल का चुनाव परिणाम पर क्या असर पड़ सकता है? बताया जा रहा है कि मतगणना में बेईमानी को हवा देने के लिए अधिकारियों पर एक्जिट पोल के जरिये मनोवैज्ञानिक दबाव बनाया जा रहा है। तभी तो कुछ भाजपा नेता मनमाफिक एक्जिट पोल का जोर शोर से प्रचार करने में लगे हैं।

Fake exit polls: मोदी ने तैयार कराए ये एक्जिट पोल!

इंफोपोस्ट डेस्क
infopost.org@gmail.com

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Fake exit polls: कांग्रेस ने दावा किया है कि एक्जिट पोल प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने तैयार करवाए हैं। ये सभी मनोवैज्ञानिक खेल हैं, जो वह खेल रहे हैं। वास्तविक परिणाम बहुत अलग होंगे। कई एक्जिट पोल ने भविष्यवाणी की कि प्रधानमंत्री मोदी लगातार तीसरी बार सत्ता बरकरार रखेंगे और भाजपा के नेतृत्व वाले राजग को लोकसभा चुनावों में भारी बहुमत मिलने की उम्मीद है।

कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने कहा, जिस व्यक्ति का चार जून को जाना तय है, उसने ही ये एक्जिट पोल बनवाए हैं। आईएनडीआईए जनबंधन को कम-से-कम 295 सीटें जरूर मिलेंगी, जो स्पष्ट और निर्णायक बहुमत है। कांग्रेस नेता शशि थरूर ने इस तरह की चुनावी भविष्यवाणियों को ”बेहद अवैज्ञानिक” करार दिया। कहा कि भाजपा केरल और तमिलनाडु में लाभ की स्थिति में नहीं होगी और कर्नाटक में भी उसे करारी हार का मुंह देखना होगा।

Fake exit polls:

कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने कहा कि कांग्रेस कर्नाटक में दोहरे अंकों तक पहुंचने में कामयाब होगी। उपमुख्यमंत्री ने पत्रकारों से कहा, मैं इन एक्जिट पोल पर विश्वास नहीं करता। राजद नेता तेजस्वी यादव ने कहा कि कौन सा और किसका एक्जिट पोल? हम चुनाव के दौरान जमीन पर लोगों के बीच रहे हैं और हमें जनता पर पूरा भरोसा है। चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर ने एक्स पर पोस्ट किया, अगली बार चुनाव और राजनीति की बात हो तो अपना कीमती वक्त खाली बैठे फर्जी पत्रकार, बड़बोले नेताओं और इंटरनेट मीडिया के स्वयंभू विशेषज्ञों की फिजूल की बातों और विश्लेषण पर बर्बाद मत कीजिए।

मैदान में उतारे गए फर्जी ज्योतिषी

विश्व प्रसिद्ध ज्योतिषी राजीव नारायण ने दावा किया है कि फर्जी एक्जिट पोल के साथ ही कुछ फर्जी ज्योतिषियों को मैदान में उतार दिया गया है, जिन्हें ज्योतिष की बेसिक जानकारी तक नहीं है। क्योंकि दुनिया भर में जो ज्योतिषी मोदी जी की कुंडली डिस्कस कर रहे हैं, वे सबसे बड़े फ्रॉड हैं। वे मोदी जी की जिस जन्मतिथि के आधार पर भविष्यवाणी कर रहे हैं, वही गलत है। इन्हें ज्योतिष के वैज्ञानिक आधार का कोई ज्ञान ही नहीं है।

Fake exit polls:

उन्होंने कहा कि एक्जिट पोल की कुंडली ही बता रही है कि उनके अनुमान बुरी तरह धराशायी हो जाएंगे और इंडिया को सत्ता संभालने का मौका मिलेगा। चार सौ पार का नारा एक माइंड गेम है जो एक्जिट पोल एजेंसियों के जेहन में बैठा दिया गया है। सच यह है कि एक्जिट पोल और सत्ता शनि ग्रह से पीड़ित है। इतिहास में ऐसा ज्योतिषीय संयोग जब भी पैदा हुआ है, एक्जिट पोल एजेंसियां गलत साबित हुई हैं और निश्चित रूप से सत्ता परिवर्तन हुआ है। बता दें कि राजीव नारायण एक ऐसे ज्योतिषी हैं जो 4पीएम पर रविवार को राजनीतिक भविष्यवाणियां करते हैं और उनकी ज्यादातर भविष्यवाणियां सटीक साबित होती हैं।

आखिर कैमरे पर कौन बोल पाएगा कि उसने भाजपा को वोट नहीं दिया?

बुनियादी बात यह है कि सरकार की मनमानी कार्रवाइयों से लोग इतना डर गए हैं कि कैमरा और माइक पर आकर बोलने की किसी में हिम्मत नहीं बची है। आखिर कैमरे पर कौन बोल पाएगा कि उसने भाजपा को वोट नहीं दिया है। इंफोपोस्ट न्यूज ने एक सर्वे किया था, जिसमें अलग अलग उम्र के बच्चों से पूछा गया था कि आज कल क्या खबर चल रही है? इस प्रश्न का बच्चों ने जो जवाब दिया, वह चौंकाने वाला था। लगभग सभी बच्चों ने यही कहा, अंकल जी खबरें तो सब पता हैं, लेकिन कैमरे पर खबर बता दी तो हमें गिरफ्तार कर लिया जाएगा। फिर भी चार सौ पार का प्रचार जारी है।

यह भी कहा जा रहा है कि टीवी न्यूज चैनलों पर फर्जी एक्जिट पोल प्रसारित करने वालों पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए। सत्ता परिवर्तन के बाद ऐसा होगा भी। क्योंकि सांच बराबर तप नहीं, झूठ बराबर पाप। यानी सत्य के बराबर कोई भी तप या पुण्य नहीं होता और झूठ के बराबर कोई पाप नहीं होता। इस पाप के परिणाम को फर्जी एक्जिट पोल फैलाने वाले जरूर भुगतेंगे। क्योंकि यह समाज और लोकतंत्र के साथ बहुत बड़ा धोखा है। एक्जिट पोल के फर्जी नतीजे लोगों की प्राण शक्ति को कमजोर कर रहे हैं। जाहिर है कि इससे मतगणना में लगे अधिकारियों के मनोबल को गिराने की साजिश रची जा रही है।

गली गली चार सौ पार का प्रचार क्यों?

Fake exit polls: मतगणना में लगे अधिकारियों के मनोबल को गिराने की साजिश का प्रमाण यह है कि गांव गांव और गली गली चार सौ पार का प्रचार भाजपा के नेता कर रहे हैं। क्योंकि मोदी जी ने बहुत पहले भाजपा कार्यकर्ताओं और नेताओं को सदन से संदेश दे दिया था कि 2024 जीतने के लिए आपको कुछ नहीं करना है। सिर्फ चार सौ पार का प्रचार करना है। और आज वे यही कर रहे हैं। लेकिन कहीं भी उनकी दाल गलती नजर नहीं आ रही है।

अभी कल की ही बात है। नोएडा मीडिया क्लब में आयोजित पत्रकार वार्ता में कुछ भाजपा नेता चार सौ पार का प्रचार कर रहे थे। इस पर वहां मौजूद पत्रकार भड़क गए और चार सौ पार के प्रचार का मकसद और आधार पूछने लगे। इस पर भाजपा नेता भी चिल्लाने पर उतर आए। पत्रकारों ने कहा, यह पत्रकार वार्ता है भाजपा की जनसभा नहीं। हम आपका भाषण सुनने नहीं आए हैं। आपको मुद्दों पर जवाब देना होगा। पत्रकार वार्ता धीरे धीरे मौखिक झड़प में तब्दील होने लगी। आखिरकार पत्रकार वार्ता को इसी क्लाइमेक्स पर रोक देना पड़ा। इसी को चार सौ पार के प्रचार का रहस्य बताया जा रहा है। इस संदर्भ में आप क्या सोचते हैं, कमेंट करके जरूर बताएं।

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