Celebration of Chhath: उत्तर प्रदेश में आज छठ महापर्व का तीसरा दिन मनाया जा रहा है, जो षष्ठी तिथि के रूप में जाना जाता है। यह चार दिवसीय लोक आस्था का महापर्व भगवान सूर्य और छठी मइया की उपासना को समर्पित है। इसे राज्य के पूर्वांचल क्षेत्रों में विशेष उत्साह के साथ मनाया जा रहा है।
Celebration of Chhath: सूर्य उपासना और सामाजिक एकजुटता का प्रतीक
इंफोपोस्ट न्यूजडेस्क
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!Celebration of Chhath: चंद्रमा धनु राशि में प्रवेश कर चुका है। सुबह 7:27 बजे से सुकर्मा योग और दोपहर 1:27 बजे से रवि योग का संयोग बन रहा है। इस पावन अवसर पर लाखों श्रद्धालु नदियों, तालाबों और घाटों पर एकत्र होकर अस्ताचलगामी सूर्य को अर्घ्य अर्पित कर रहे हैं। यह महापर्व न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक है, बल्कि सामाजिक सद्भाव और पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी देता है।
छठ पूजा की परंपरा महाभारत काल से जुड़ी मानी जाती है, जब द्रौपदी ने सूर्य देव की आराधना से अपने पुत्रों को अमरत्व प्राप्त कराया था। उत्तर प्रदेश में यह पर्व बिहार, झारखंड और पूर्वी उत्तर प्रदेश के जिलों जैसे गोरखपुर, वाराणसी, बलिया, आजमगढ़, मऊ, देवरिया, कुशीनगर, सिद्धार्थनगर, मिर्जापुर, सोनभद्र और प्रयागराज में व्यापक रूप से मनाया जाता है। आज के दिन व्रतधारी महिलाएं कठोर व्रत रखते हुए सूर्यास्त के समय ठेकुआ, फल-फूल और जल से अर्घ्य चढ़ाती हैं।
छठ पूजा के उपलक्ष्य में सार्वजनिक अवकाश
सुबह के समय नहाय-खाय से शुरू होकर यह पर्व कल संध्या अर्घ्य के साथ चरम पर पहुंचेगा।राज्य सरकार ने इस पर्व को ध्यान में रखते हुए विशेष व्यवस्थाएं की हैं। लखनऊ में 28 अक्टूबर को छठ पूजा के उपलक्ष्य में सार्वजनिक अवकाश घोषित किया गया है, जिससे स्कूल-कॉलेज और सरकारी कार्यालय बंद रहेंगे। वाराणसी में कक्षा 12 तक के स्कूलों को दोपहर 12 बजे तक ही खुला रखा गया है, ताकि भीड़भाड़ वाले घाटों पर यातायात सुगम रहे।
इसी प्रकार गोरखपुर और प्रयागराज जैसे जिलों में स्थानीय अवकाश रहा। रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया के अनुसार, बिहार, झारखंड और उत्तर प्रदेश के कुछ हिस्सों में 27 और 28 अक्टूबर को बैंक अवकाश रहेगा। दिल्ली में भी छठ पूजा के लिए 27 अक्टूबर को स्कूल अवकाश घोषित किया गया है, जहां बड़ी संख्या में बिहारी प्रवासी समुदाय भाग ले रहा है। इस पर्व के दौरान प्रशासन ने सुरक्षा, सफाई और स्वास्थ्य व्यवस्थाओं पर विशेष जोर दिया है।
नदियों के घाटों पर हजारों पुलिसकर्मी तैनात
गंगा, गोमती और अन्य नदियों के घाटों पर हजारों पुलिसकर्मी तैनात हैं। स्वास्थ्य विभाग ने डेंगू, मलेरिया जैसी बीमारियों से बचाव के लिए दवाइयां वितरित की हैं। पर्यावरण प्रेमी इस अवसर पर जल संरक्षण का संदेश दे रहे हैं, क्योंकि छठ घाटों पर प्लास्टिक मुक्त अभियान चलाया जा रहा है। एक अनुमान के अनुसार, राज्य में 50 लाख से अधिक लोग इस पर्व में भाग ले रहे हैं, जो उत्तर प्रदेश की सांस्कृतिक विविधता को दर्शाता है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आज लखीमपुर खीरी के दौरे पर रहते हुए कबीरधाम आश्रम में सत्संग और स्मृति प्रकटोत्सव कार्यक्रम में भाग लिया। उन्होंने कहा कि छठ महापर्व एकता और भाईचारे का प्रतीक है। “जाति-पाति देश की गुलामी का कारण रही है, आज हम एकजुट होकर राष्ट्र निर्माण में योगदान दें।”
छठ की धूम के बीच सामाजिक सद्भाव का संदेश
Celebration of Chhath: उनका यह दौरा छठ की धूम के बीच सामाजिक सद्भाव का संदेश दे रहा है। एक दिलचस्प घटना बलिया जिले के रसड़ा से जुड़ी है, जहां पांच वर्षों से सिंगापुर में रहने वाली मनीषा छठ पर्व को विदेश में भी जीवंत रख रही हैं। वह वीडियो कॉल के माध्यम से परिवार के साथ जुड़ी हुई हैं, जो प्रवासी उत्तर प्रदेशियों की आस्था को दर्शाता है।
मेरठ में एक सेंट्रल मार्केट विवाद थप्पड़ से शुरू होकर विध्वंस तक पहुंच गया, जो स्थानीय स्तर पर चर्चा का विषय बना। छठ महापर्व उत्तर प्रदेश की लोक संस्कृति का अभिन्न अंग है। यह महिलाओं की सहनशक्ति और पारिवारिक एकता को मजबूत करता है। कल 28 अक्टूबर को उगते सूर्य को अर्घ्य के साथ यह पर्व समाप्त होगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी ट्वीट कर सभी को शुभकामनाएं दीं, कहा कि “सूर्यदेव की कृपा से सबका कल्याण हो।” इस पर्व के माध्यम से राज्य न केवल धार्मिक उत्सव मना रहा है, बल्कि सामाजिक एकीकरण का संदेश भी दे रहा है।


