गाजियाबाद। दिल्ली-एनसीआर के रियल एस्टेट मानचित्र पर गाजियाबाद की वेव सिटी तेजी से एक प्रमुख स्मार्ट टाउनशिप के रूप में अपनी पहचान बना रही है। करीब 4,200 एकड़ में फैली यह टाउनशिप अपनी आधुनिक सुविधाओं के साथ-साथ बेहतरीन कनेक्टिविटी के कारण हजारों परिवारों और निवेशकों को आकर्षित कर रही है।
वेव सिटी की सबसे बड़ी खासियत इसकी लोकेशन मानी जा रही है। यह सीधे 14-लेन वाले दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे से जुड़ी हुई है। यहां से दिल्ली के अक्षरधाम तक की दूरी करीब 20 से 30 मिनट में पूरी की जा सकती है, जबकि नोएडा सेक्टर-62 जैसे प्रमुख कारोबारी केंद्र तक पहुंचने में महज 15 मिनट लगते हैं।
टाउनशिप के समीप से गुजरने वाला ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे इसे हरियाणा और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कई शहरों से सीधे जोड़ता है। वहीं दिल्ली-मेरठ नमो भारत कॉरिडोर का गाजियाबाद स्टेशन यहां से केवल 8 से 10 मिनट की दूरी पर है, जिससे दिल्ली और मेरठ के बीच आवागमन पहले की तुलना में कहीं अधिक आसान हो गया है।
भविष्य की कनेक्टिविटी के लिहाज से भी वेव सिटी को मजबूत माना जा रहा है। यूपी मास्टर प्लान 2031 के तहत प्रस्तावित मेट्रो विस्तार और डासना के पास संभावित स्टेशन इस क्षेत्र के विकास को नई गति दे सकते हैं।
सिर्फ कनेक्टिविटी ही नहीं, बल्कि आधुनिक स्मार्ट सुविधाएं भी वेव सिटी को अलग पहचान देती हैं। यहां फिलहाल 30 हजार से अधिक लोग निवास कर रहे हैं। पूरे परिसर में 800 से ज्यादा सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं और निगरानी के लिए समर्पित कमांड एंड कंट्रोल सेंटर संचालित है।
करीब 1,470 एकड़ क्षेत्र हरियाली और पार्कों के लिए सुरक्षित रखा गया है। टाउनशिप के भीतर स्कूल, अस्पताल, थाना और जीपीएस-ट्रैक्ड बस सेवा जैसी सुविधाएं पहले से उपलब्ध हैं।
रियल एस्टेट विशेषज्ञों का मानना है कि जेवर एयरपोर्ट तक प्रस्तावित रैपिड रेल कॉरिडोर और एनएच-24 के चौड़ीकरण जैसे प्रोजेक्ट वेव सिटी को न सिर्फ रहने के लिए बल्कि निवेश के लिहाज से भी एनसीआर के सबसे आकर्षक केंद्रों में शामिल कर रहे हैं।


