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Iran US Israel conflict: अमेरिका और इज़राइल ने ईरान पर बड़े पैमाने पर हमले किए

infopost February 28, 2026
Iran US Israel conflict

Iran US Israel conflict: अमेरिका और इज़राइल ने ईरान पर बड़े पैमाने पर हवाई हमले किए। तेहरान में विस्फोट, ईरान ने जवाबी मिसाइल अटैक किए। ट्रंप ने ‘मेजर कॉम्बैट ऑपरेशंस’ घोषित किया। मिडिल ईस्ट युद्ध के कगार पर – लाइव अपडेट्स और पूरी खबर पढ़ें।

Iran US Israel conflict: मिडिल ईस्ट में बड़ा संघर्ष, क्षेत्र युद्ध के कगार पर

इंफोपोस्ट न्यूजडेस्क/दुबई/तेहरान/वाशिंगटन/Iran US Israel conflict

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मिडिल ईस्ट में आज एक बड़ा सैन्य संघर्ष भड़क उठा है। संयुक्त राज्य अमेरिका और इज़राइल ने ईरान पर संयुक्त रूप से बड़े पैमाने पर हवाई हमले किए, जिसके जवाब में ईरान ने इज़राइल और क्षेत्र में अमेरिकी सैन्य अड्डों पर मिसाइल हमले किए।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इसे “मेजर कॉम्बैट ऑपरेशंस” करार दिया है, लेकिन इज़राइल ने ऑपरेशन का नाम “रोरिंग लायन” रखा है। अमेरिकी रक्षा विभाग ने इसे “ऑपरेशन एपिक फ्यूरी” नाम दिया है। यह हमला जून 2025 के 12-दिवसीय हवाई युद्ध के बाद सबसे गंभीर वृद्धि है और पूरे क्षेत्र को पूर्ण युद्ध की ओर धकेल रहा है।

इज़राइली अधिकारियों ने की पुष्टि

हमलों की शुरुआत शनिवार सुबह ईरानी समयानुसार हुई, जब तेहरान, इस्फहान, क़ुम, कराज और केरमानशाह सहित कई शहरों में विस्फोटों की रिपोर्ट आई। अमेरिकी और इज़राइली लड़ाकू विमानों ने ईरान के सैन्य ठिकानों, बैलिस्टिक मिसाइल साइटों, नौसेना सुविधाओं और परमाणु-संबंधित स्थलों को निशाना बनाया। इज़राइली अधिकारियों ने पुष्टि की कि हमलों में ईरान के सर्वोच्च नेता आयतुल्लाह अली खामेनेई के कंपाउंड, राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान और सशस्त्र बलों के प्रमुख को भी लक्षित किया गया।

सैटेलाइट इमेजरी से तेहरान में खामेनेई के परिसर में व्यापक क्षति और धुआं उठता दिखा, हालांकि उनकी स्थिति स्पष्ट नहीं है। कुछ रिपोर्टों में ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड्स के वरिष्ठ कमांडरों की मौत की खबर है। ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर एक वीडियो संदेश में हमलों की घोषणा की। उन्होंने कहा, “हम ईरान की मिसाइल इंडस्ट्री को जमींदोज कर देंगे, उनकी नौसेना को तबाह करेंगे और सुनिश्चित करेंगे कि ईरान कभी परमाणु हथियार न बना सके।”

ईरानियों से ट्रंप की अपील, यह आपकी आजादी का मौका

ट्रंप ने ईरानी नागरिकों से अपील की, “यह आपकी आजादी का मौका है। अपने सरकार को अपने हाथ में लो। यह पीढ़ियों का एकमात्र अवसर है।” उन्होंने इसे “मैसिव एंड ऑनगोइंग” अभियान बताया और चेतावनी दी कि अमेरिकी जानें जा सकती हैं। इज़राइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा कि ऑपरेशन “जितना जरूरी होगा उतना चलेगा” और इसका उद्देश्य आयतुल्लाह के शासन को हटाना है।

ईरान ने तुरंत जवाबी कार्रवाई की। तेहरान ने इज़राइल के उत्तरी हिस्से, विशेष रूप से हाइफा क्षेत्र में मिसाइलें दागीं। साथ ही, खाड़ी क्षेत्र में अमेरिकी सैन्य अड्डों पर हमले किए गए—बहरैन में यूएस नेवी मुख्यालय, कतर, कुवैत, संयुक्त अरब अमीरात, जॉर्डन और सऊदी अरब में स्थित ठिकाने शामिल हैं। जॉर्डन ने दो बैलिस्टिक मिसाइलों को रोक लिया।

इज़राइली और अमेरिकी ठिकानों को निशाना बनाया गया

Iran US Israel conflict: ईरानी मीडिया ने दावा किया कि सभी इज़राइली और अमेरिकी ठिकानों को निशाना बनाया गया। ईरान ने हमलों को “अपराध” करार दिया और “क्रशिंग रिटेलिएशन” की कसम खाई। कुछ रिपोर्टों में ईरान के दक्षिणी हिस्से में एक लड़कियों के स्कूल पर हमले से 50 से अधिक मौतों की खबर है, जिसे तेहरान ने नागरिक लक्ष्य बताया। यह संघर्ष महीनों के बढ़ते तनाव का नतीजा है। ट्रंप प्रशासन ने ईरान से परमाणु कार्यक्रम सीमित करने के लिए 10-दिन की समयसीमा दी थी, जो समाप्त हो गई।

जून 2025 के युद्ध के बाद भी बातचीत चल रही थी, लेकिन असफल रही। खाड़ी के अरब देशों ने अमेरिकी कार्रवाई पर चिंता जताई है, क्योंकि इससे तेल आपूर्ति और क्षेत्रीय स्थिरता प्रभावित हो सकती है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह स्थिति पूर्ण क्षेत्रीय युद्ध में बदल सकती है, जिसमें ईरान के प्रॉक्सी ग्रुप्स जैसे हिजबुल्लाह, हूती और इराकी मिलिशिया शामिल हो सकते हैं। अंतरराष्ट्रीय समुदाय ने तनाव कम करने की अपील की है, लेकिन फिलहाल हमले जारी हैं। स्थिति तेजी से बदल रही है—अमेरिका ने कई दिनों तक हमले जारी रखने की योजना बनाई है।

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