गाजियाबाद। देश की हाईटेक टाउनशिप मानी जाने वाली Wave City इन दिनों तनाव के माहौल से गुजर रही है। स्थानीय निवासियों का आरोप है कि किसानों के नाम पर कुछ अराजक तत्व समय–समय पर हुड़दंग मचाते हैं, जिससे आम लोगों की दिनचर्या प्रभावित हो रही है। खासकर कामकाजी महिलाएं, बुजुर्ग और स्कूल जाने वाले बच्चे खुद को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!निवासियों के मुताबिक, जब भी मुआवजे को लेकर विरोध प्रदर्शन की आड़ में भीड़ इकट्ठा होती है, तो सड़कों पर शोर–शराबा और नारेबाजी शुरू हो जाती है। कई बार स्थिति इतनी तनावपूर्ण हो जाती है कि लोगों को घरों से निकलने में भी डर लगता है। महिलाओं का कहना है कि वे बच्चों को स्कूल भेजते समय आशंकित रहती हैं कि कहीं रास्ते में कोई अप्रिय घटना न हो जाए।
टाउनशिप के पास स्थित थाना क्षेत्र और मुख्य मार्गों पर कई बार भीड़ जमा होने की घटनाएं सामने आई हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि प्रदर्शन के दौरान यातायात बाधित हो जाता है, जिससे ऑफिस जाने वाले लोगों और आपातकालीन सेवाओं को भी परेशानी उठानी पड़ती है। स्कूल के आसपास शोर–शराबा होने से बच्चों में भय का माहौल बन जाता है। कुछ अभिभावकों ने तो अपने बच्चों को अस्थायी रूप से स्कूल भेजना भी बंद कर दिया है।
निवासियों का आरोप है कि मुआवजे के मुद्दे को लेकर पहले ही प्रशासन और प्रबंधन के बीच स्पष्ट समझौता हो चुका है। प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, संबंधित पक्षों के बीच तय शर्तों के अनुसार मुआवजा दिया गया था। मामला अदालत तक भी पहुंचा, जहां से याचिका खारिज होने की जानकारी सामने आई। इसके बावजूद समय–समय पर विरोध और हंगामे की घटनाएं दोहराई जा रही हैं।
स्थानीय आरडब्ल्यूए प्रतिनिधियों का कहना है कि शांतिपूर्ण विरोध हर नागरिक का अधिकार है, लेकिन कानून व्यवस्था बिगाड़ने और आम लोगों को डराने–धमकाने का किसी को हक नहीं है। उनका कहना है कि टाउनशिप में रहने वाले लोग टैक्स देते हैं और सुरक्षित वातावरण में जीवन जीने का अधिकार रखते हैं। यदि स्थिति पर समय रहते नियंत्रण नहीं किया गया तो इसका असर क्षेत्र की छवि और संपत्ति मूल्यों पर भी पड़ सकता है।
कामकाजी महिलाओं ने प्रशासन से विशेष सुरक्षा व्यवस्था की मांग की है। उनका कहना है कि सुबह और दोपहर के समय स्कूलों और कार्यालयों के आसपास पुलिस की नियमित गश्त होनी चाहिए। वहीं अभिभावकों ने स्कूल समय के दौरान अतिरिक्त सुरक्षा तैनाती की मांग उठाई है ताकि बच्चों में व्याप्त भय को कम किया जा सके।
प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि क्षेत्र में शांति बनाए रखने के लिए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं। पुलिस द्वारा निगरानी बढ़ाने और कानून तोड़ने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का आश्वासन दिया गया है। अधिकारियों ने यह भी स्पष्ट किया है कि किसी को भी कानून हाथ में लेने की अनुमति नहीं दी जाएगी।
फिलहाल टाउनशिप के निवासी यही उम्मीद कर रहे हैं कि जल्द ही हालात सामान्य होंगे और वे बिना डर के अपने दैनिक जीवन को जारी रख सकेंगे। लोगों का कहना है कि विकास और शांति एक साथ चलते हैं, इसलिए जरूरी है कि कानून–व्यवस्था को प्राथमिकता देते हुए सभी पक्ष आपसी संवाद से समाधान निकालें।


