Skip to content
Primary Menu
  • Home
  • ताजा तरीन
  • आलेख
    • सत्ता की सियासत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • राष्ट्रीय
  • दिल्ली एनसीआर
  • राज्यों से …
  • कारोबार
  • साहित्य
  • संस्कार
  • तकनीक
  • मनोरंजन
  • स्वास्थ्य
  • शिक्षा
  • खेल
Logo300

INFOPOST NEWS

The power of information

October 23, 2026

Connect with Us

  • Home
  • ताजा तरीन
  • आलेख
    • सत्ता की सियासत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • राष्ट्रीय
  • दिल्ली एनसीआर
  • राज्यों से …
  • कारोबार
  • साहित्य
  • संस्कार
  • तकनीक
  • मनोरंजन
  • स्वास्थ्य
  • शिक्षा
  • खेल

Categories

  • INFOPOST PDF
  • अंतरराष्ट्रीय
  • आलेख
  • कारोबार
  • ख़ास ख़बर
  • खेल पोस्ट
  • तकनीक
  • ताजा तरीन
  • दिल्ली एनसीआर
  • बोलती तस्वीरें
  • मनोरंजन
  • राज्यों से …
  • राष्ट्रीय
  • शिक्षा
  • सत्ता की सियासत
  • संस्कार
  • साहित्य
  • स्वास्थ्य
An error has occurred, which probably means the feed is down. Try again later.

  • ताजा तरीन
  • राष्ट्रीय

Makar Sankranti 2026: सूर्य का वर्ष शुरू, पॉजिटिव एनर्जी कैसे पाएं?

infopost January 13, 2026
Makar Sankranti 2026

Makar Sankranti 2026: मकर संक्रांति के अवसर पर सन पावर अखिलेश सैनी से जानिए कि इस सूर्य वर्ष का क्या महत्व है? पूजा पाठ में किस तरह का बदलाव लाकर सूर्य वर्ष 2026 का पूरा लाभ उठाया जा सकता है? अखिलेश सैनी सूर्य त्राटक के विशेषज्ञ हैं। उन्होंने सूर्य को इतना साध रखा है कि वह दोपहर में भी सूर्य को घंटों निहार सकते हैं। देश या यूं कहें कि दुनिया में शायद ही कोई व्यक्ति ऐसा होगा, जिसे इस प्रकार की सिद्धि प्राप्त है।

Makar Sankranti 2026: उत्सव की धूम और ज्योतिषीय महत्व

इंफोपोस्ट न्यूजडेस्क/नई दिल्ली/Makar Sankranti


अखिलेश सैनी लोगों की तमाम शारीरिक, मानसिक और सांसारिक समस्याओं का समाधान चुटकियों में कर देते हैं। सबसे बड़ी बात यह कि वह इसके लिए कोई शुल्क भी नहीं मांगते। उनका कहना है कि पूरे भारत में आज मकर संक्रांति का पावन पर्व हर्षोल्लास के साथ मनाया जा रहा है। यह त्योहार सूर्य के उत्तरायण होने का प्रतीक है, जब सूर्य मकर राशि में प्रवेश करता है।

इस वर्ष की खासियत यह है कि 2026 को ज्योतिष शास्त्र और अंक ज्योतिष के अनुसार सूर्य का वर्ष माना जा रहा है। अंक ज्योतिष में 2026 का योगफल 10 आता है, जो मूलांक 1 बनता है, और मूलांक 1 का स्वामी सूर्य है। इसीलिए 2026 को सूर्य का वर्ष कहा जा रहा है।

मकर संक्रांति का इतिहास और महत्व

ग्रहों के राजा सूर्य के प्रभाव से यह वर्ष नेतृत्व, सम्मान, आत्मबल और अधिकार की दृष्टि से महत्वपूर्ण साबित होगा। देशभर में पतंगबाजी, तिल-गुड़ के व्यंजन, दान-पुण्य और स्नान के साथ यह पर्व मनाया जा रहा है। मकर संक्रांति हिंदू धर्म का एक प्रमुख त्योहार है, जो मुख्य रूप से फसल कटाई के मौसम से जुड़ा है। पौराणिक कथाओं के अनुसार, इस दिन सूर्य देव उत्तरायण होते हैं, जिससे दिन लंबे और रातें छोटी होने लगती हैं।

यह संक्रमण काल सकारात्मक ऊर्जा का प्रतीक है। ज्योतिष में, सूर्य का मकर राशि में प्रवेश पृथ्वी पर नई ऊर्जा का संचार करता है। 2026 में मकर संक्रांति 14 जनवरी को पड़ रही है, लेकिन कुछ स्थानों पर इसे 15 जनवरी को भी मनाया जाता है, लेकिन अधिकांश पंचांगों के अनुसार 14 जनवरी ही मुख्य तिथि है।

उत्तर भारत में मकर संक्रांति, दक्षिण में पोंगल

यह पर्व विभिन्न नामों से जाना जाता है- उत्तर भारत में मकर संक्रांति, दक्षिण में पोंगल, असम में बिहू, और गुजरात में उत्तरायण। महत्वपूर्ण रूप से, यह दान का अवसर प्रदान करता है, जहां तिल, गुड़, खिचड़ी आदि दान करने से पुण्य प्राप्ति होती है। धार्मिक मान्यता है कि इस दिन गंगा स्नान से पापों का नाश होता है।2026: सूर्य का वर्ष और इसका ज्योतिषीय प्रभाववर्ष 2026 को सूर्य का वर्ष कहा जा रहा है क्योंकि अंक ज्योतिष में इसका मूलांक सूर्य से जुड़ा है। सूर्य ग्रहों का राजा है, जो आत्मविश्वास, नेतृत्व और सफलता का कारक है।

वैदिक ज्योतिष में, सूर्य आत्मा का प्रतिनिधित्व करता है और लीओ (सिंह) राशि का स्वामी है। इस वर्ष सूर्य की ऊर्जा से कई राशियों को लाभ होगा, विशेषकर सिंह, मेष, धनु, कुंभ और मीन राशि वालों को। इन राशियों में पद-प्रतिष्ठा, धन लाभ और करियर में उन्नति के योग बन रहे हैं।हालांकि, सूर्य की तीव्र ऊर्जा से कुछ चुनौतियां भी आ सकती हैं। शनि का प्रभाव सूर्य को थोड़ा प्रभावित कर सकता है, जिससे ईमानदारी और अनुशासन की आवश्यकता होगी।

प्रधानमंत्री या नेतृत्वकर्ताओं के लिए यह वर्ष चुनौतीपूर्ण

प्रधानमंत्री या नेतृत्वकर्ताओं के लिए यह वर्ष चुनौतीपूर्ण हो सकता है, लेकिन आम जनता के लिए सकारात्मक। ज्योतिष विशेषज्ञों के अनुसार, सूर्य का वर्ष घर में सकारात्मक ऊर्जा लाने के लिए सूर्य से जुड़ी वस्तुएं जैसे लाल चंदन, तांबा या सूर्य यंत्र रखना शुभ है। उत्सव की रौनक और परंपराएंमकर संक्रांति के दिन पतंग उड़ाना उत्तर भारत की प्रमुख परंपरा है, जो गुजरात में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मनाया जाता है।

दक्षिण भारत में पोंगल के रूप में यह चार दिनों तक चलता है, जहां नई फसल की पूजा की जाती है। तिल-गुड़ के लड्डू बनाना और खाना स्वास्थ्य के लिए लाभदायक माना जाता है, क्योंकि सर्दियों में ये गर्मी प्रदान करते हैं। इस वर्ष सूर्य के प्रभाव से उत्सव में अतिरिक्त उत्साह है। कई ज्योतिषी सलाह देते हैं कि सूर्य की पूजा से वर्ष भर सफलता मिलेगी।

Makar Sankranti 2026: पूजा विधि में सूर्य मंत्र ‘ओम घृणि सूर्याय नमः’ का जाप, अर्घ्य देना और दान शामिल है। सूर्य का वर्ष आर्थिक मजबूती ला सकता है। व्यापारियों के लिए नए अवसर, किसानों के लिए अच्छी फसल की उम्मीद है। लेकिन पर्यावरणीय दृष्टि से, सूर्य ऊर्जा पर फोकस बढ़ेगा। सरकारें सोलर एनर्जी प्रोजेक्ट्स को बढ़ावा दे सकती हैं।

 

About Author

infopost

administrator

See author's posts

Post navigation

Previous: World Cervical Cancer Awareness Month: LBC टेस्ट से सटीक पहचान संभव
Next: वेव सिटी को बेस्ट बनाने में जुटे लोग!

Related Stories

Delhi Protest 2026
  • ताजा तरीन
  • दिल्ली एनसीआर
  • राष्ट्रीय

Subject: Delhi Protest 2026: प्रदर्शन से पहले हिरासत और सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल

infopost October 10, 2026 0
Supreme Court Metro Services
  • ताजा तरीन
  • दिल्ली एनसीआर
  • राष्ट्रीय

Subject: Supreme Court Metro Services: सुप्रीम कोर्ट का नियंत्रित संचालन पर जोर

infopost October 10, 2026 0
Noida Ramlila 2026: नोएडा में कल से भव्य रामलीला महोत्सव
  • ताजा तरीन
  • दिल्ली एनसीआर

Noida Ramlila 2026: नोएडा में कल से भव्य रामलीला महोत्सव

Avatar Shrikant Singh October 10, 2026 0

Copyright © All rights reserved. | MoreNews by AF themes.