World Cervical Cancer Awareness Month: मेदांता हॉस्पिटल नोएडा के डॉक्टरों ने बताया कि LBC टेस्ट सर्वाइकल कैंसर की पहचान में पैप स्मीयर से कहीं ज्यादा सटीक और भरोसेमंद है। समय पर जांच से कैंसर को रोका जा सकता है।
World Cervical Cancer Awareness Month: पैप स्मीयर से ज्यादा भरोसेमंद
इंफोपोस्ट न्यूजडेस्क।नोएडा। World Cervical Cancer Awareness Month
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!सर्वाइकल कैंसर महिलाओं में होने वाले सबसे आम लेकिन समय पर पहचान होने पर पूरी तरह रोके जा सकने वाले कैंसरों में से एक है। इसी को ध्यान में रखते हुए वर्ल्ड सर्वाइकल कैंसर अवेयरनेस मंथ के अवसर पर मेदांता हॉस्पिटल, नोएडा के डॉक्टरों ने महिलाओं को सर्वाइकल कैंसर की समय पर और सटीक जांच के महत्व के प्रति जागरूक किया। इस दौरान विशेषज्ञों ने बताया कि पारंपरिक पैप स्मीयर टेस्ट की तुलना में लिक्विड-बेस्ड साइटोलॉजी (LBC) जांच कहीं अधिक आधुनिक, सटीक और भरोसेमंद विकल्प है।
मेदांता हॉस्पिटल में आयोजित इस विशेष अवेयरनेस सत्र में बताया गया कि सर्वाइकल कैंसर महिलाओं में होने वाला एक ऐसा कैंसर है, जिसे सही स्क्रीनिंग तकनीकों के जरिए शुरुआती चरण में ही पहचाना जा सकता है। शुरुआती स्टेज में पहचान होने पर इलाज के परिणाम बेहतर होते हैं और मरीज की जीवन गुणवत्ता में भी बड़ा सुधार संभव है।
LBC टेस्ट की सटीकता लगभग 95 प्रतिशत तक
विशेषज्ञों के अनुसार, पिछले कई दशकों से उपयोग में आ रहा पैप स्मीयर टेस्ट सर्वाइकल कैंसर की जांच का एक आम तरीका रहा है, लेकिन इसकी सटीकता लगभग 60 प्रतिशत मानी जाती है। कई बार सैंपल साफ न होने या कोशिकाओं के सही तरीके से न दिखने के कारण बीमारी पकड़ में नहीं आ पाती। इसके विपरीत LBC टेस्ट की सटीकता लगभग 95 प्रतिशत तक बताई जाती है, जिससे कैंसर या प्री-कैंसरस बदलावों की बेहतर पहचान संभव हो पाती है।
मेदांता हॉस्पिटल, नोएडा के गायनेकोलॉजी एवं गायनेऑन्कोलॉजी विभाग की सीनियर कंसल्टेंट डॉ. प्रिया बंसल ने बताया कि LBC जांच में सर्वाइकल सैंपल को एक विशेष लिक्विड माध्यम में सुरक्षित किया जाता है। इससे सैंपल ज्यादा साफ मिलता है, कंटैमिनेशन कम होता है और असामान्य कोशिकाओं को स्पष्ट रूप से देखा जा सकता है। उन्होंने कहा कि यह तकनीक न केवल जांच की गुणवत्ता बढ़ाती है, बल्कि बार-बार जांच कराने की जरूरत को भी कम करती है, जो पारंपरिक पैप स्मीयर में अक्सर देखी जाती है।
सटीक और समय पर डायग्नोसिस बेहद अहम
डॉ. प्रिया बंसल के अनुसार, सटीक और समय पर डायग्नोसिस इलाज की दिशा तय करने में बेहद अहम भूमिका निभाता है। जब सर्वाइकल असामान्यताएं शुरुआती चरण में ही पकड़ में आ जाती हैं, तो इलाज कम आक्रामक होता है और मरीज की फर्टिलिटी को सुरक्षित रखा जा सकता है। कई मामलों में सही समय पर स्क्रीनिंग होने से मिनिमली इनवेसिव प्रोसीजर के जरिए ही इलाज संभव हो जाता है, जिससे बड़ी सर्जरी, रेडिएशन या कीमोथेरेपी की आवश्यकता नहीं पड़ती।
वहीं मेदांता हॉस्पिटल, नोएडा के कैंसर केयर (एंडोक्राइन एवं ब्रेस्ट सर्जरी) विभाग के डायरेक्टर डॉ. वी. सीन ने बताया कि LBC टेस्ट की शुरुआती लागत भले ही पैप स्मीयर से थोड़ी अधिक हो, लेकिन इसकी उच्च सटीकता के कारण लंबे समय में यह अधिक किफायती साबित होता है। बार-बार जांच, देरी से होने वाले इलाज और एडवांस स्टेज कैंसर के उपचार पर होने वाले भारी खर्च से बचा जा सकता है। इससे न केवल मरीजों और उनके परिवारों पर आर्थिक बोझ कम होता है, बल्कि मानसिक तनाव और अनिश्चितता भी घटती है।
नियमित रूप से सर्वाइकल कैंसर की स्क्रीनिंग कराएं
World Cervical Cancer Awareness Month: सत्र के समापन पर डॉक्टरों ने महिलाओं से अपील की कि वे नियमित रूप से सर्वाइकल कैंसर की स्क्रीनिंग कराएं और असामान्य ब्लीडिंग, लगातार डिस्चार्ज या पेल्विक पेन जैसे शुरुआती लक्षणों को कभी नजरअंदाज न करें। साथ ही LBC जैसी एडवांस डायग्नोस्टिक सुविधाओं के बारे में जागरूक रहें।
मेदांता हॉस्पिटल ने इस पहल के माध्यम से प्रिवेंटिव हेल्थकेयर और कम्युनिटी अवेयरनेस के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराते हुए यह संदेश दिया कि सही स्क्रीनिंग टूल्स और समय पर इलाज के जरिए सर्वाइकल कैंसर को न केवल शुरुआती चरण में पहचाना जा सकता है, बल्कि कई मामलों में पूरी तरह रोका भी जा सकता है।


