Suicide and politics: सोनीपत और उसके आसपास के हरियाणा क्षेत्र में सबसे चर्चित और भावुक खबर रोहतक जिले के गांव लाढ़ोत में हुई एक दुखद घटना से जुड़ी रही। रोहतक एएसआई (सहायक उप-निरीक्षक) संदीप की कथित आत्महत्या ने न केवल पुलिस महकबे में हलचल मचा दी, बल्कि पूरे राज्य की राजनीति को भी झकझोर दिया।
Suicide and politics: एएसआई की आत्महत्या मामले में न्याय का आश्वासन
इंफोपोस्ट न्यूजडेस्क
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!Suicide and politics: आत्महत्या के मामले में हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी का सोनीपत-रोहतक क्षेत्र का दौरा और मृतक के परिवार से मुलाकात करना चर्चा में है। यह खबर न केवल स्थानीय स्तर पर, बल्कि सोशल मीडिया और समाचार चैनलों पर छाई रही, जहां जातिगत राजनीति के आरोपों के बीच न्याय और सुधार की मांगें तेज हो गईं।
घटना की पृष्ठभूमि को समझने के लिए पीछे लौटना जरूरी है। एएसआई संदीप, रोहतक जिले में सेवा दे रहे थे। उन्होंने कुछ दिनों पहले आत्महत्या कर ली। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट और सुसाइड नोट के आधार पर यह सामने आया कि संदीप लंबे समय से पुलिस विभाग में भ्रष्टाचार, पदोन्नति में अनियमितताओं और जातिगत भेदभाव का शिकार हो रहे थे।
सुसाइड नोट में सीनियर अधिकारियों पर लगे थे आरोप
उनके सुसाइड नोट में सीनियर अधिकारियों, विशेष रूप से आईपीएस वाई.पी. पुरण कुमार पर गंभीर आरोप लगाए गए थे, जिन्हें संदीप ने ‘जातिगत पूर्वाग्रह’ का प्रतीक बताया। संदीप का दावा था कि उनके जैसे जाट समुदाय के अधिकारीयों को हमेशा नजरअंदाज किया जाता है, जबकि अन्य समुदायों को प्राथमिकता मिलती है। यह नोट सोशल मीडिया पर वायरल हो गया, जिससे मामला अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुंच गया।
संदीप के चचेरे भाई संजय ने भी मीडिया को बयान दिया कि विभाग में व्याप्त भ्रष्टाचार ने संदीप को तोड़ दिया था। इस घटना के बाद परिवार ने शव सौंपने से इनकार कर दिया। रोहतक के एक निजी अस्पताल में रखे संदीप के शव को लेकर परिजन सड़कों पर उतर आए। उन्होंने मांग की कि पहले आरोपी अधिकारियों पर कार्रवाई हो, तभी अंतिम संस्कार किया जाएगा। पुलिस और प्रशासन के साथ बातचीत कई दौर चली, लेकिन कोई सहमति नहीं बनी।
जातिगत राजनीति बंद होनी चाहिए
परिवार का कहना था कि बिना न्याय के शांति संभव नहीं। इस बीच, सोशल मीडिया पर #JusticeForSandeep जैसे हैशटैग ट्रेंड करने लगे, जहां हजारों यूजर्स ने पुलिस सुधार की मांग की। एक यूजर ने ट्वीट किया, “एक भाई की कुर्बानी ने विदेशी रिटर्न नेताओं के नोट्स खराब कर दिए। जातिगत राजनीति बंद होनी चाहिए।” यह ट्वीट अकेले 2,800 से ज्यादा लाइक्स पा चुका था। ऐसे संवेदनशील माहौल में हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने त्वरित कार्रवाई की। 15 अक्टूबर को वे रोहतक के लाढ़ोत गांव पहुंचे, जो सोनीपत जिले से सटा हुआ है।
सीएम सैनी ने मृतक के घर जाकर परिजनों से करीब आधा घंटा बात की। उन्होंने आश्वासन दिया कि मामले की निष्पक्ष जांच होगी और दोषी पाए जाने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। सैनी ने कहा, “हमारा प्रशासन किसी भेदभाव को बर्दाश्त नहीं करेगा। संदीप जैसे समर्पित अधिकारियों की कुर्बानी व्यर्थ नहीं जाएगी। विभाग में सुधार के लिए कदम उठाए जाएंगे।” उन्होंने परिवार को आर्थिक सहायता, नौकरी और अन्य लाभों का वादा भी किया।
सैनी का दौरा सोनीपत के राजनीतिक हलकों में भी चर्चा का विषय
Suicide and politics: यह दौरा सोनीपत के राजनीतिक हलकों में भी चर्चा का विषय बना, क्योंकि यह क्षेत्र जाट बहुल है और आने वाले चुनावों में जातिगत समीकरण महत्वपूर्ण हैं। सीएम के दौरे के दौरान सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद रही। रोहतक एसएसपी और अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे। सैनी ने आईपीएस पुरण कुमार को तलब करने का आदेश भी दिया, जिन पर सुसाइड नोट में नाम लिया गया था। पुरण ने सफाई दी कि आरोप आधारहीन हैं, लेकिन जांच के आदेश जारी हो चुके हैं। यह घटना हरियाणा पुलिस में व्यापक सुधार की मांग को तेज कर रही है।
पूर्व में भी ऐसे मामले सामने आए हैं, जैसे जुलाई 2025 में सोनीपत के एक सीआरपीएफ जवान की हत्या, जहां दो मोटरसाइकिल सवारों ने गोली मार दी थी। लेकिन संदीप का मामला आंतरिक है, इसलिए ज्यादा संवेदनशील। सोनीपत के स्थानीय निवासी इस खबर से स्तब्ध हैं। शहर के बाजारों और चाय स्टालों पर चर्चा यही चल रही है। एक दुकानदार ने कहा, “पुलिस वाले खुद असुरक्षित हैं, तो आम आदमी क्या करे?” सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल हो रहे हैं, जहां सीएम के दौरे की झलकियां दिखाई जा रही हैं।


