Cylinder explosion: हरियाणा के औद्योगिक नगर फरीदाबाद में मंगलवार रात को एक दिल दहला देने वाली घटना ने पूरे शहर को स्तब्ध कर दिया। जवाहर कॉलोनी के एक आवासीय इलाके में खाना बनाते समय अचानक एलपीजी सिलेंडर फट गया, जिससे दो कमरों की छत धराशायी हो गई। हादसे में दो महिलाएं और दो मासूम बच्चियां मलबे में दब कर मर गईं और एक अन्य व्यक्ति गंभीर रूप से घायल हो गया।
Cylinder explosion: औद्योगिक नगरी फरीदाबाद में सनसनी
इंफोपोस्ट न्यूजडेस्क
Cylinder explosion: यह घटना शहरवासियों के बीच गैस सिलेंडरों की सुरक्षा को लेकर गहरी चिंता पैदा कर रही है। फरीदाबाद पुलिस और नगर निगम की टीमें घटनास्थल पर पहुंचीं, लेकिन देरी से राहत कार्य ने स्थानीय लोगों का गुस्सा भड़का दिया। घटना की तफ्तीश में पता चला कि मृतकों में पारुल (33 वर्ष), नेहा (30 वर्ष), अनीता (2 वर्ष) और दवांग (2 वर्ष) शामिल हैं।
ये सभी एक ही परिवार से ताल्लुक रखती थीं। पारुल और नेहा बहनें थीं, जो अपने छोटे-छोटे बच्चों के साथ रह रही थीं। हादसा रात करीब 9 बजे हुआ, जब परिवार खाना तैयार कर रहा था। सिलेंडर से रिसती गैस की चिंगारी लगते ही जोरदार धमाका हुआ, जो आसपास के घरों में भी महसूस किया गया। धमाके की तीव्रता इतनी थी कि दो मकानों की छतें पूरी तरह ढह गईं, और मलबा चारों ओर बिखर गया।
लेकिन तब तक काफी देर हो चुकी थी
स्थानीय निवासियों ने चीख-पुकार सुनकर दौड़ लगाई और मलबे में फंसे लोगों को निकालने का प्रयास किया। करीब आधे घंटे की मशक्कत के बाद पारुल, नेहा, अनीता और दवांग को बाहर निकाला गया, लेकिन तब तक काफी देर हो चुकी थी। चारों को नजदीकी अस्पताल पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। एक अन्य घायल व्यक्ति को सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उसकी हालत नाजुक बनी हुई है।
पुलिस ने मौके पर पहुंचकर प्रारंभिक जांच शुरू कर दी है। एसएचओ बल्लभगढ़ ने बताया कि सिलेंडर की उम्र और रखरखाव की जांच की जा रही है। प्रारंभिक अनुमान के मुताबिक, गैस रिसाव के कारण चिंगारी लगी, जिससे विस्फोट हुआ। फरीदाबाद में ऐसे हादसे दुर्लभ नहीं हैं, लेकिन इसकी भयावहता ने प्रशासन की नींद उड़ा दी है।
घर-घर सिलेंडर चेकिंग कैंप लगाए जाएंगे
Cylinder explosion: पिछले वर्ष शहर में कम से कम पांच ऐसी घटनाएं दर्ज हो चुकी हैं, जिनमें गैस रिसाव से जानमाल का नुकसान हुआ। विशेषज्ञों का कहना है कि पुराने सिलेंडरों का उपयोग, खराब रेगुलेटर और वेंटिलेशन की कमी मुख्य कारण हैं। नगर निगम के एक अधिकारी ने कहा, “हम जल्द ही जागरूकता अभियान चलाएंगे और घर-घर सिलेंडर चेकिंग कैंप लगाएंगे। “यह हादसा फरीदाबाद की तेजी से बढ़ती आबादी और घनी बस्तियों की समस्याओं को उजागर करता है।
जवाहर कॉलोनी जैसे इलाके औद्योगिक मजदूरों के आवासों से भरे पड़े हैं, जहां बुनियादी सुविधाएं अपर्याप्त हैं। सिलेंडर विस्फोट के बाद स्थानीय लोगों ने सड़क पर उतरकर प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। उन्होंने मांग की कि मृतकों के परिवार को तत्काल मुआवजा दिया जाए और दोषी कंपनियों पर कार्रवाई हो। भाजपा के स्थानीय विधायक ने ट्वीट कर शोक व्यक्त किया और सीएम फंड से सहायता का आश्वासन दिया। वहीं, कांग्रेस ने इसे सरकारी लापरवाही करार देते हुए जांच की मांग की। सोशल मीडिया पर #FaridabadGasBlast ट्रेंड कर रहा है। हजारों लोग सुरक्षा मानकों पर बहस कर रहे हैं।


