Loksabha Elections2: लोकसभा चुनाव 2024 के संदर्भ में राज्यसभा के चुनाव कई तरह के संकेत दे रहे हैं। उत्तर प्रदेश के बाद हिमाचल प्रदेश की चर्चा हम कर रहे हैं जहां कांग्रेस सरकार संकट में है। इसलिए कांग्रेस को यह समझ लेना होगा कि उसे हर राज्य में एक डीके शिवकुमार की जरूरत हमेशा रहेगी। तभी वह 2024 में कुछ खास कर पाएगी।
Loksabha Elections2: सुक्खू के नेतृत्व पर क्यों उठ रहे हैं सवाल?
इंफोपोस्ट डेस्क
Loksabha Elections2: हालत यह है कि मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के नेतृत्व पर उन्हीं के विधायक सवाल उठाने लगे हैं। राज्यसभा चुनाव में कांग्रेस के छह विधायकों ने पार्टी लाइन से हटकर बीजेपी उम्मीदवार हर्ष महाजन को वोट किया था, जिससे कांग्रेस उम्मीदवार अभिषेक मनु सिंघवी चुनाव हार गए थे। ताजा खबर यह है कि सुक्खू कैबिनेट से विक्रमादित्य सिंह ने इस्तीफ़ा दे दिया है। इस प्रकार प्रदेश कांग्रेस के हाथ से निकलता नजर आ रहा है।
विक्रमादित्य सिंह की माँ प्रतिभा सिंह हिमाचल प्रदेश कांग्रेस की अध्यक्ष हैं। कहा जाता है कि प्रतिभा सिंह ख़ुद सीएम बनना चाहती थीं, लेकिन 2022 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस आलाकमान ने सुखविंदर सिंह सुक्खू को सीएम बना दिया था। विक्रमादित्य सिंह सुक्खू सरकार में लोक निर्माण और शहरी विकास मंत्री थे। उनकी माँ प्रतिभा सिंह हिमाचल प्रदेश के मंडी से लोकसभा सदस्य हैं।
विक्रमादित्य सिंह ने मीडिया से कहा, हिमाचल की जनता ने कांग्रेस को बहुमत दिया था और हम इसे संभाल नहीं पा रहे हैं। लेकिन हमें इसकी पृष्ठभूमि में जाना होगा। जिन परिस्थितियों में कांग्रेस की सरकार बनी, उसके बारे में मैं कुछ कहना चाहता हूँ। विधायकों की आवाज़ दबाने की कोशिश की गई है। लगातार इन विषयों को पार्टी हाईकमान के सामने उठाया गया, लेकिन इसे गंभीरता से नहीं लिया गया।
कांग्रेस और इंडिया गठबंधन के लिए परीक्षा की घड़ी
लोकसभा चुनाव 2024 से पहले 15 सीटों पर राज्यसभा चुनाव कांग्रेस और इंडिया गठबंधन के लिए परीक्षा की घड़ी साबित हो रहा है। हिमाचल प्रदेश, कर्नाटक और उत्तर प्रदेश की 15 राज्यसभा सीटों के लिए चुनाव के नतीजे कांग्रेस के मन मुताबिक़ नहीं रहे हैं। ‘इंडिया’ गठबंधन में कांग्रेस के सहयोगी दल समाजवादी पार्टी यानी सपा को भी उत्तर प्रदेश में एक सीट पर झटका लगा है।
कर्नाटक में चार सीटों पर हुए चुनाव में कांग्रेस तीन और बीजेपी एक सीट जीतने में सफल रही है। कांग्रेस के लिए सबसे चौंकाने वाले नतीजे हिमाचल प्रदेश से आए, जहाँ संख्या बल होने के बावजूद कांग्रेस उम्मीदवार हार गया। इस हार के कारण हिमाचल प्रदेश में आने वाले दिनों में कांग्रेस सरकार पर ख़तरा भी मंडराने लगा है।
दरअसल, हिमाचल प्रदेश में कांग्रेस के पास 40 तो बीजेपी के पास 25 विधायक हैं। तीन विधायक निर्दलीय हैं। यानी कुल 68 विधायकों की विधान सभा है। कांग्रेस की तरफ़ से उम्मीदवार अभिषेक मनु सिंघवी थे और बीजेपी की तरफ से हर्ष महाजन। हर्ष महाजन 2022 में कांग्रेस छोड़कर बीजेपी में शामिल हुए थे। हर्ष महाजन को कुल 34 वोट मिले। यानी बीजेपी के 25 विधायकों के अलावा तीन निर्दलीय विधायकों और छह कांग्रेस विधायकों ने बीजेपी उम्मीदवार के लिए वोट डाले।
लॉटरी के ज़रिए हुआ नतीजे का फ़ैसला
हिमाचल प्रदेश में 25 विधायकों वाली बीजेपी को 34 वोट मिल गए। कांग्रेस और बीजेपी दोनों उम्मीदवारों को 34-34 वोट मिले। ऐसे में नतीजे का फ़ैसला लॉटरी के ज़रिये करना पड़ा। सुक्खू ने दावा किया था कि सीआरपीएफ और हरियाणा पुलिस कांग्रेस के छह विधायकों को ले गई। कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि पार्टी के विधायकों को किडनैप किया गया था। लेकिन बीजेपी ने ऐसे आरोपों को ख़ारिज किया और कहा कि वो अपनी मर्ज़ी से सरकार के ख़िलाफ़ गए हैं।
सीएम सुक्खू ने राज्यसभा में हुई वोटिंग के बाद कहा, जब किसी ने अपना ईमान ही बेच दिया तो उस पर क्या कहना। जो विधायक कांग्रेस के चुनाव चिह्न पर चुनकर आए वो बीजेपी को अपने क्षेत्रों में हराकर आए हैं। हिमाचल की इस एक सीट पर बीजेपी किस कदर सक्रिय थी, इसे इस बात से समझिए कि कांग्रेस के विधायक सुदर्शन बबलू की तबीयत ख़राब थी। वो सीएम के हेलिकॉप्टर से वोट करने के लिए पहुंचे थे।
सिंघवी ने कहा, पता था कि भाजपा दिखाएगी बेशर्मी
Loksabha Elections2: कांग्रेस नेता अभिषेक मनु सिंघवी ने हार के बाद कहा, बीजेपी से एक बात पूछना चाहता हूं कि वो अपने अंदर झांककर देखे और इस पर विचार करे कि जब 25 सदस्यों वाली पार्टी 43 सीटों वाली पार्टी के ख़िलाफ़ उम्मीदवार खड़ा करे तो उसका एक ही संदेश है कि हम बेशर्मी से वो सब करेंगे जिसकी इज़ाज़त क़ानून नहीं देता है।
राज्यसभा में मिली हार के बाद कांग्रेस सरकार पर संकट मंडराने लगा है। बीजेपी विधायक दल के नेता जयराम ठाकुर राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल से राजभवन में मिले और कहा कि अगले दो दिन में कांग्रेस सरकार के ख़िलाफ़ अविश्वास प्रस्ताव लाया जाएगा। क्योंकि कांग्रेस के पास संख्या बल नहीं है। सीएम सुक्खू बोले, हम विधानसभा सत्र में देखेंगे। राज्यसभा में जो हुआ, जिन लोगों ने ये किया उनसे उनके परिवार वाले पूछ रहे हैं कि ऐसा क्यों किया? हो सकता है कि इन लोगों की घर वापसी भी हो जाए। शायद इसीलिए कांग्रेस ने वरिष्ठ नेता भूपिंदर सिंह हुड्डा और डीके शिवकुमार को ऑब्जर्वर बनाकर हिमाचल प्रदेश भेजा है।


