Referendum One: शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के मुताबिक, जो चीजें आंख से नहीं दिखतीं, उन्हें शास्त्र दिखाते हैं। इस श्रेणी में देवता और भगवान आते हैं। लेकिन ब्रह्मांड के विशेष ज्ञाता अखिलेश सैनी ने कहा है कि सूर्य प्रत्यक्ष देवता हैं जो हर किसी को नजर आते हैं। और उन्हीं के वंशज भगवान श्री राम हैं। सैनी का भी मानना है कि अपूर्ण मंदिर में प्राण प्रतिष्ठा अनिष्टकारक हो सकती है।
Referendum One: जनमत संग्रह का अभियान
इंफोपोस्ट न्यूज
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!Referendum One: अयोध्या में श्री राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा समारोह को लेकर भले ही व्यापक उत्साह है, लेकिन ऐसे लोगों की कमी नहीं है जो अपूर्ण मंदिर में प्राण प्रतिष्ठा को अनिष्टकारक मानते हैं। इसी बात की पड़ताल के लिए इंफोपोस्ट न्यूज ने एक जनमत संग्रह का अभियान शुरू किया है। इस आलेख माला के जरिये यह जानने की कोशिश की जा रही है कि आखिर आम जनता क्या बोल रही है।
इस बार हमने SUN POWER ALL WORLD के रूप में जाने जाने वाले अखिलेश सैनी से बात की। सैनी का शास्त्रों पर कितना अधिकार है, यह बता पाना कठिन है। लेकिन उन्हें सूर्य की विशेष शक्तियां प्राप्त हैं। उसका एक प्रमाण यह है कि वह दोपहर के समय भी सूर्य को घंटों नंगी आंखों से निहार पाते हैं, जो शरीर विज्ञान और नेत्र चिकित्सा विज्ञान के लिए एक चुनौती जैसा है।
पीएम मोदी तक नहीं पहुंच पाती सच्ची बात
अपनी शक्तियों को सामने लाने के लिए सैनी कई बार पीएम मोदी को पत्र लिख चुके हैं, लेकिन फिलहाल उन्हें पीएमओ से कोई रेस्पांस नहीं मिला है। उनका कहना है कि पीएम मोदी एक अच्छे प्रधानमंत्री हैं, लेकिन वह गलत लोगों से घिरे रहते हैं जिससे किसी सच्चे इंसान की बात उन तक नहीं पहुंच पाती।
अयोध्या राम मंदिर में प्राण प्रतिष्ठा की बात पर उन्होंने कहा कि अपूर्ण मंदिर में कोई प्राण प्रतिष्ठा नहीं की जानी चाहिए। इसका कार्यक्रम से जुड़े सभी लोगों को भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है। किसी भी मंदिर की शक्तियां सकारात्मक प्रभाव पैदा करती हैं। लेकिन अपूर्ण मंदिर में भगवान की प्राण प्रतिष्ठा किए जाने से सब कुछ उलटा हो सकता है। यहां तक कि तमाम अनुष्ठानों के बावजूद पीएम मोदी को अपना पद तक खोना पड़ सकता है।
अखिलेश सैनी के दावे और सच्चाइयां
Referendum One: सैनी ने सामान्य जीवन का उदाहरण दिया और कहा कि जब हम किराये का मकान लेने जाते हैं और उस समय कोई निर्माण कार्य चल रहा होता है तो मकान मालिक बिना निर्माण कार्य पूरा हुए मकान किराये पर नहीं देता। भले ही उसे मकान भाड़े का नुकसान क्यों न उठाना पड़ जाए। जाहिर है कि जब धूल धक्कड़ और खटखट की आवाज इंसान को पसंद नहीं है, तो वही भगवान के लिए पेश करना कतई उचित नहीं है।
सूर्य को घंटों निहारने की बात तो सैनी जगजाहिर कर चुके हैं। कुछ अखबारों में उनसे संबंधित खबरें भी प्रकाशित हो चुकी हैं। लेकिन व्यक्तिगत तौर पर जो बातें वह बताते हैं, उन पर सहसा विश्वास कर पाना कठिन हो जाता है। उनका दावा है कि वह नंगी आंखों से दिन में ग्रह, नक्षत्रों, चांद और सितारों को जूम की अवस्था में देख पाते हैं। वह हमेशा किसी भी प्रकार के अंधविश्वास से दूर रहने की सलाह देते हैं और चाहते हैं कि उनकी शक्तियों का परीक्षण वैज्ञानिक आधार पर किया जाए। यह तभी संभव है, जब पीएम मोदी उनसे मिलने के लिए थोड़ा समय दे पाएं।



Referendum One: शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के मुताबिक, जो चीजें आंख से नहीं दिखतीं, उन्हें शास्त्र दिखाते हैं। इस श्रेणी में देवता और भगवान आते हैं। लेकिन ब्रह्मांड के विशेष ज्ञाता अखिलेश सैनी ने कहा है कि सूर्य प्रत्यक्ष देवता हैं जो हर किसी को नजर आते हैं। और उन्हीं के वंशज भगवान श्री राम हैं। सैनी का भी मानना है कि अपूर्ण मंदिर में प्राण प्रतिष्ठा अनिष्टकारक हो सकती है।