Skip to content
Primary Menu
  • Home
  • ख़ास ख़बर
  • आलेख
    • सत्ता की सियासत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • राष्ट्रीय
  • दिल्ली एनसीआर
  • राज्यों से …
  • कारोबार
  • साहित्य
  • संस्कार
  • तकनीक
  • मनोरंजन
  • स्वास्थ्य
  • शिक्षा
  • खेल
Logo300

INFOPOST NEWS

The power of information

July 23, 2026

Connect with Us

  • Home
  • ख़ास ख़बर
  • आलेख
    • सत्ता की सियासत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • राष्ट्रीय
  • दिल्ली एनसीआर
  • राज्यों से …
  • कारोबार
  • साहित्य
  • संस्कार
  • तकनीक
  • मनोरंजन
  • स्वास्थ्य
  • शिक्षा
  • खेल

Categories

  • INFOPOST PDF
  • sports
  • Uncategorized
  • अंतरराष्ट्रीय
  • आलेख
  • कारोबार
  • ख़ास ख़बर
  • तकनीक
  • दिल्ली एनसीआर
  • बोलती तस्वीरें
  • मनोरंजन
  • राज्यों से …
  • राष्ट्रीय
  • शिक्षा
  • सत्ता की सियासत
  • संस्कार
  • साहित्य
  • स्वास्थ्य
An error has occurred, which probably means the feed is down. Try again later.

  • ख़ास ख़बर
  • संस्कार

Work from home and depression: घर से काम करने से भी बढ़े अवसाद के मामले

October 29, 2020
Work from home and depression: cases of depression increased even after working from home

Work from home and depression: आफिस में काम करना सामाजिक जीवन का अभिन्न अंग होता है। कोरोना काल में लोगों से उनका यह सामाजिक जीवन छिन गया। और लोग अवसाद की चपेट में आते गए।

Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!

Work from home and depression: जीवन को नए सिरे से व्यवस्थित करने की चुनौती

सत्य ऋषि

कोरोना काल से पहले लोग आफिस जाने से जी चुराते थे। लेकिन देशव्यापाी लॉकडाउन से उन्हें पता चला कि आफिस भी उनके सामाजिक जीवन का अभिन्न अंग है। लोग आफिस के लोगों से बात करने, ठहाके लगाने और समसामयिक विषयों पर चर्चा करने को तरस गए। क्योंकि Work from home and depression: घर से काम करना पड़ा, जो अवसाद का सबब बना।

ऑनलाइन काउंसलिंग पोर्टल चलाने वाली आकृति तरफदार के मुताबिक, लॉकडाउन की वजह से लाखों लोग घर से काम कर रहे हैं। इसका मतलब जीवन को नए सिरे से व्यवस्थित करना है। इसका दिमाग पर प्रतिकूल असर पड़ता है।

सोशल मीडिया पर फैलने वाली अफवाहें

सोशल मीडिया पर फैलने वाली अफवाहें तो दिमाग खराब कर देती हैं। लंबे समय से घरों में बंद रहने की वजह से पहले से इस बीमारी की चपेट में रहने वाले लोगों की समस्या और गंभीर हो गई। मरीजों की तादाद दोगुनी से ज्यादा हो गई।

इंडियन साइकियाट्रिक सोसायटी के उपाध्यक्ष गौतम साहा के मुताबिक, कोरोना और लॉकडाउन की वजह से मानसिक अवसाद के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। रोजाना सैकड़ों नए मामले सामने आ रहे हैं। कई लोगों के लिए यह लॉकडाउन उनके जीवन में अंधेरे का दौर है।

About Author

See author's posts

Post navigation

Previous: Anti power wave: बिहार में सत्ता विरोधी लहर से घबराई भाजपा
Next: Shivraj Singh Chauhan: मुख्यमंत्री का वादा, कानून बनाकर देंगे पट्टे का लाभ

Related Stories

Rajiv Narayan's prediction
  • ख़ास ख़बर
  • राष्ट्रीय

Rajiv Narayan’s prediction: ज्योतिषीय भविष्यवाणी से गरमाई राजनीतिक बहस

infopost July 20, 2026 0
Sonam Wangchuk Episode
  • ख़ास ख़बर
  • राष्ट्रीय

Sonam Wangchuk Episode: पुलिस कार्रवाई ने तेज की राजनीतिक बहस

infopost July 19, 2026 0
Sonam Wangchuk
  • ख़ास ख़बर
  • राष्ट्रीय

Sonam Wangchuk: लोकतांत्रिक आंदोलन को दबाने की कोशिश!

infopost July 18, 2026 0

Copyright © All rights reserved. | MoreNews by AF themes.