Weather Alert: 27 सितंबर को दिल्ली समेत कई राज्यों में बारिश, आंधी और बिजली गिरने की चेतावनी से मौसम बदलेगा।
Weather Alert: कई राज्यों में बदलेगा मौसम
इंफोपोस्ट/Weather Alert
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!देश के कई हिस्सों में सितंबर के आखिरी दिनों में मानसून की गतिविधियां बनी हुई हैं। भारत मौसम विज्ञान विभाग के 26 सितंबर के अपडेट के मुताबिक 27 सितंबर को दिल्ली-एनसीआर, हरियाणा, पंजाब, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और राजस्थान के कुछ हिस्सों में बारिश, गरज-चमक और तेज हवाओं की स्थिति बन सकती है। मौसम का असर क्षेत्र के अनुसार अलग-अलग रहेगा और पहाड़ी इलाकों में भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना ज्यादा महत्वपूर्ण है।
दिल्ली-एनसीआर में 27 सितंबर को बारिश के साथ गरज-चमक और तेज हवा का दौर देखने को मिल सकता है। मौसम विभाग के दिल्ली-एनसीआर पूर्वानुमान में इस दिन बारिश और आंधी की स्थिति दर्ज की गई है। ऐसे में खुले क्षेत्रों, पेड़ों के नीचे और कमजोर ढांचों के आसपास अतिरिक्त सावधानी बरतना जरूरी होगा।
Weather Alert: दिल्ली-NCR में बारिश और तेज हवा
दिल्ली में 27 सितंबर को मौसम के बदलने की संभावना है। राजधानी और आसपास के इलाकों में बादल छाने के साथ बारिश तथा गरज-चमक हो सकती है। तेज हवाओं के दौरान यातायात पर भी असर पड़ सकता है। खासकर दोपहिया वाहन चालकों को खुले और पेड़ों से घिरे रास्तों पर सावधानी बरतनी होगी।
हरियाणा और पंजाब के कुछ हिस्सों में भी 27 सितंबर को मौसम सक्रिय रहने का अनुमान है। हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली के लिए भारी बारिश तथा गरज-चमक की चेतावनी दर्ज की गई है, जबकि पंजाब के लिए भी बारिश और आंधी की स्थिति बताई गई है।
पहाड़ी राज्यों में ज्यादा सतर्कता
Weather Alert: उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश में मौसम का असर अपेक्षाकृत ज्यादा गंभीर हो सकता है। उत्तराखंड के लिए 27 सितंबर को अत्यधिक भारी बारिश के साथ गरज-चमक और तेज हवाओं की चेतावनी जारी है। हिमाचल प्रदेश में भी इस दिन बहुत भारी बारिश के साथ आंधी-तूफान की संभावना जताई गई है।
पहाड़ी क्षेत्रों में लगातार या तेज बारिश के दौरान भूस्खलन, सड़क पर मलबा आने और स्थानीय नालों में अचानक पानी बढ़ने जैसी परिस्थितियां बन सकती हैं। चारधाम क्षेत्र के लिए भी 27 सितंबर को भारी से बहुत भारी बारिश, गरज-चमक और 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की तेज हवाओं की चेतावनी दी गई है।
उत्तराखंड-हिमाचल में भारी बारिश
उत्तराखंड में चमोली, देहरादून, हरिद्वार, नैनीताल, टिहरी गढ़वाल, पिथौरागढ़, रुद्रप्रयाग और आसपास के पहाड़ी क्षेत्रों में मौसम पर नजर रखना जरूरी होगा। तेज बारिश के दौरान पहाड़ी सड़कों पर यात्रा करने वालों को स्थानीय प्रशासन के निर्देशों का पालन करना चाहिए।
हिमाचल प्रदेश में भी बारिश और आंधी का दौर जारी रहने की संभावना है। शिमला और दूसरे ऊंचाई वाले क्षेत्रों में तापमान में गिरावट के साथ बारिश का असर महसूस किया जा सकता है। 27 सितंबर के बाद 28 सितंबर को भी राज्य के लिए भारी बारिश का अलर्ट बना हुआ है।
राजस्थान के कुछ हिस्सों में भी असर
राजस्थान के पूर्वी हिस्सों में 27 सितंबर को गरज-चमक और आंधी की संभावना है। पश्चिमी राजस्थान के लिए इस दिन कोई चेतावनी दर्ज नहीं की गई है। इसका मतलब है कि पूरे राजस्थान में एक जैसा मौसम रहने की संभावना नहीं है और क्षेत्रवार पूर्वानुमान को ध्यान में रखना जरूरी होगा।
मध्य और उत्तर भारत में मौसम के इस बदलाव का असर स्थानीय स्तर पर तापमान और दिन के मौसम पर भी पड़ सकता है। बारिश वाले इलाकों में दिन का तापमान सामान्य दिनों की तुलना में कम महसूस हो सकता है, जबकि बारिश से बाहर निकलने वाले लोगों को अचानक बदलते मौसम का सामना करना पड़ सकता है।
बिहार को लेकर क्या है ताजा अपडेट?
आपके मूल इनपुट में बिहार के कई जिलों में भारी बारिश और आंधी का अलर्ट बताया गया था। लेकिन 26 सितंबर को उपलब्ध बिहार मौसम विभाग के उपखंडीय बुलेटिन में 27 सितंबर के लिए बिहार के लिए कोई चेतावनी दर्ज नहीं है। 26 सितंबर के लिए भारी बारिश और गरज-चमक की चेतावनी जरूर दर्ज थी। इसलिए 27 सितंबर के लिए पुराने अलर्ट को सीधे प्रकाशित करना उचित नहीं होगा।
इसी तरह पश्चिम बंगाल के लिए भी 26 सितंबर के उपलब्ध बुलेटिन में 27 सितंबर को कोई चेतावनी दर्ज नहीं है। पश्चिम बंगाल के पर्वतीय क्षेत्र और सिक्किम के लिए 26 सितंबर को मौसम सक्रिय था, लेकिन 27 सितंबर के लिए उस बुलेटिन में कोई चेतावनी नहीं दिखाई गई।
गुजरात और जम्मू-कश्मीर में भी स्थिति अलग
गुजरात क्षेत्र और सौराष्ट्र-कच्छ के लिए 27 सितंबर को कोई मौसम चेतावनी दर्ज नहीं है। इसलिए आपके मूल मसौदे में गुजरात को भारी बारिश और आंधी वाले राज्यों की सूची में रखना मौजूदा बुलेटिन से मेल नहीं खाता।
जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के लिए भी 27 सितंबर को कोई चेतावनी दर्ज नहीं है। वहां 28 और 29 सितंबर को गरज-चमक और तेज हवाओं की स्थिति बनने की संभावना बताई गई है। यानी इस क्षेत्र के लिए मौसम में बदलाव 27 सितंबर के बजाय अगले दिन ज्यादा महत्वपूर्ण हो सकता है।
27 सितंबर को इन बातों का रखें ध्यान
बारिश और आंधी वाले क्षेत्रों में लोगों को मौसम की स्थानीय चेतावनियों पर नजर रखनी चाहिए। गरज-चमक के दौरान खुले मैदान, ऊंचे पेड़, बिजली के खंभों और अस्थायी ढांचों से दूरी रखना सुरक्षित माना जाता है। तेज बारिश की स्थिति में अनावश्यक यात्रा से बचना भी उपयोगी होगा।
किसानों और खुले में काम करने वाले लोगों को भी मौसम में अचानक बदलाव का ध्यान रखना चाहिए। पहाड़ी इलाकों में यात्रा करने वालों को सड़क की स्थिति और स्थानीय प्रशासन के निर्देशों की जानकारी लेते रहना चाहिए। मौसम विभाग का पूर्वानुमान समय के साथ अपडेट हो सकता है, इसलिए किसी भी यात्रा या बाहरी गतिविधि से पहले ताजा स्थानीय चेतावनी देखना जरूरी है।
27 सितंबर का तापमान
| शहर | अधिकतम | न्यूनतम |
|---|---|---|
| दिल्ली | 30°C | 22°C |
| मुंबई | 32°C | 26°C |
| चेन्नई | 34°C | 27°C |
| कोलकाता | 33°C | 26°C |
| लखनऊ | 26°C | 22°C |
| पटना | 31°C | 24°C |
| रांची | 28°C | 21°C |
| भोपाल | 31°C | 22°C |
| जयपुर | 34°C | 23°C |
| शिमला | 22°C | 14°C |
| नैनीताल | 17°C | 16°C |
अगले 48 घंटे भी महत्वपूर्ण
मौसम विभाग के मौजूदा चेतावनी बुलेटिन से संकेत मिलता है कि 27 सितंबर के बाद भी कुछ क्षेत्रों में बारिश की गतिविधियां जारी रह सकती हैं। उत्तराखंड में 28 सितंबर को भारी बारिश की चेतावनी है, जबकि हिमाचल प्रदेश में भी 28 सितंबर को भारी बारिश का अनुमान है। राजस्थान के पूर्वी हिस्से में 28 सितंबर को गरज-चमक और तेज हवाओं की स्थिति बनी रह सकती है।
Weather Alert: इसलिए 27 सितंबर को सिर्फ बारिश पर नजर रखना पर्याप्त नहीं होगा। खासकर पहाड़ी राज्यों में अगले दिन के पूर्वानुमान को भी ध्यान में रखना जरूरी है। मैदानी क्षेत्रों में भी स्थानीय स्तर पर गरज-चमक और तेज हवाओं के दौरान मौसम अचानक बदल सकता है।
कुल मिलाकर 27 सितंबर का मौसम पूरे देश में एक जैसा नहीं रहेगा। दिल्ली, हरियाणा, पंजाब, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड जैसे क्षेत्रों में मौसम सक्रिय रहने की संभावना है, जबकि बिहार, गुजरात और जम्मू-कश्मीर जैसे क्षेत्रों के लिए मौजूदा आधिकारिक बुलेटिन आपके मूल मसौदे की तुलना में अलग तस्वीर पेश करता है। मौसम चेतावनी स्थानीय और समय-समय पर अपडेट होती है, इसलिए लोगों को अपने क्षेत्र का ताजा पूर्वानुमान देखते रहना चाहिए।


