UP PET Exam: परीक्षा केंद्र 200 से 500 किलोमीटर दूर भेजे जाने से अभ्यर्थियों की परेशानी बढ़ गई है। प्रयागराज समेत कई स्टेशनों पर ट्रेनों में भारी भीड़ दिखाई दे रही है। अभ्यर्थियों को परीक्षा देने के साथ यात्रा, ठहरने और खाने की अतिरिक्त व्यवस्था भी करनी पड़ रही है।
UP PET Exam: दूर परीक्षा केंद्रों से यात्रा और ठहरने का संकट
इंफोपोस्ट/UP PET Exam
पीईटी परीक्षा में शामिल होने वाले अभ्यर्थियों के लिए परीक्षा केंद्रों की दूरी इस समय बड़ी परेशानी का कारण बन गई है। कई अभ्यर्थियों को उनके आसपास के जिलों में केंद्र मिलने के बजाय 200 से 500 किलोमीटर तक दूर परीक्षा केंद्र आवंटित किए गए हैं। इसके चलते परीक्षा में शामिल होने के लिए अभ्यर्थियों को लंबी दूरी की यात्रा करनी पड़ रही है। परीक्षा केंद्र तक पहुंचने की चिंता के साथ अब उनके सामने समय पर पहुंचने और यात्रा की व्यवस्था करने की चुनौती भी खड़ी हो गई है।
दूर-दराज के केंद्रों पर परीक्षा देने के लिए बड़ी संख्या में अभ्यर्थी अलग-अलग साधनों से यात्रा कर रहे हैं। प्रयागराज जैसे प्रमुख स्टेशन पर ट्रेनों के आने के साथ ही भीड़ बढ़ती दिखाई दे रही है। स्थिति यह है कि सामान्य श्रेणी से लेकर सेकंड एसी और थर्ड एसी तक में यात्रियों की संख्या काफी अधिक हो रही है। परीक्षा के कारण एक साथ बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों के यात्रा करने से रेल यात्रा का दबाव भी साफ दिखाई दे रहा है।
200 से 500 किलोमीटर दूर भेजे गए परीक्षा केंद्र
UP PET Exam: अभ्यर्थियों की सबसे बड़ी शिकायत परीक्षा केंद्रों की दूरी को लेकर है। उनका कहना है कि यदि परीक्षा केंद्र आसपास के जिलों में बनाए जाते तो उन्हें इतनी लंबी दूरी तय नहीं करनी पड़ती। स्थानीय या नजदीकी जिलों में केंद्र मिलने की स्थिति में अभ्यर्थी कम समय और कम खर्च में परीक्षा देने पहुंच सकते थे। इससे यात्रा की परेशानी भी कम होती और परीक्षा को लेकर अतिरिक्त तनाव भी नहीं बढ़ता।
दूर केंद्र आवंटित होने से कई अभ्यर्थियों को परीक्षा से पहले ही अपने गंतव्य की ओर निकलना पड़ रहा है। लंबी दूरी की यात्रा के कारण उन्हें ट्रेन या दूसरे साधनों में सीट की व्यवस्था करनी पड़ रही है। जिन अभ्यर्थियों को कई सौ किलोमीटर की दूरी तय करनी है, उनके लिए केवल परीक्षा का खर्च ही चुनौती नहीं है, बल्कि वहां तक पहुंचने और वापस लौटने की पूरी प्रक्रिया भी अतिरिक्त बोझ बन गई है।
ट्रेनों में बढ़ी भीड़, यात्रा बनी चुनौती
प्रयागराज में परीक्षा के लिए यात्रा करने वाले अभ्यर्थियों की भीड़ का असर रेलवे स्टेशनों और ट्रेनों में दिखाई दे रहा है। किसी ट्रेन के स्टेशन पर पहुंचते ही बड़ी संख्या में अभ्यर्थी उसमें सवार होने की कोशिश कर रहे हैं। सामान्य यात्रियों के साथ परीक्षा देने जा रहे अभ्यर्थियों की संख्या बढ़ने से ट्रेनों में भीड़ की स्थिति और गंभीर हो रही है।
यात्रा के दौरान सीट मिलना भी कई अभ्यर्थियों के लिए मुश्किल हो रहा है। भीड़ के कारण ट्रेन में सफर करना चुनौतीपूर्ण हो गया है और लंबी दूरी तय करने वाले अभ्यर्थियों की परेशानी और बढ़ जाती है। सेकंड एसी और थर्ड एसी जैसी श्रेणियों में भी सीटें भर जाने की स्थिति का असर उन अभ्यर्थियों पर पड़ रहा है, जो परीक्षा केंद्र तक पहुंचने के लिए रेल यात्रा पर निर्भर हैं।
यात्रा के साथ रहने और खाने का अतिरिक्त खर्च
UP PET Exam: परीक्षा केंद्र दूर होने का असर केवल यात्रा तक सीमित नहीं है। जिन अभ्यर्थियों का केंद्र दूसरे जिले या काफी दूर स्थित है, उन्हें परीक्षा से पहले वहां ठहरने की व्यवस्था भी करनी पड़ रही है। कई अभ्यर्थियों के लिए परीक्षा केंद्र तक पहुंचने और परीक्षा समाप्त होने के बाद वापस लौटने के बीच ठहरने की जरूरत पैदा हो रही है, जिससे उनके ऊपर अतिरिक्त खर्च का दबाव बन रहा है।
दूर के केंद्र पर जाने वाले अभ्यर्थियों को खाने-पीने की व्यवस्था भी खुद करनी पड़ रही है। यात्रा, ठहरने और भोजन का खर्च परीक्षा में शामिल होने की मूल तैयारी से अलग अतिरिक्त आर्थिक बोझ बन जाता है। ऐसे में अभ्यर्थियों के सामने परीक्षा की तैयारी के साथ अपनी यात्रा और दूसरे खर्चों को संभालने की चुनौती भी खड़ी हो गई है।
गरीब परिवारों के अभ्यर्थियों पर ज्यादा असर
दूर परीक्षा केंद्रों की वजह से आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों से आने वाले अभ्यर्थियों की मुश्किल और बढ़ जाती है। जिन परिवारों के लिए यात्रा और परीक्षा से जुड़े सामान्य खर्च जुटाना ही कठिन होता है, उनके लिए कई सौ किलोमीटर दूर जाकर परीक्षा देना अतिरिक्त आर्थिक दबाव पैदा कर सकता है। परीक्षा में शामिल होने की तैयारी के साथ उन्हें यात्रा और ठहरने के लिए अलग से पैसे की व्यवस्था करनी पड़ रही है।
ऐसे अभ्यर्थियों के लिए परीक्षा केंद्र की दूरी केवल भौगोलिक समस्या नहीं रह जाती, बल्कि यह आर्थिक चुनौती में भी बदल जाती है। उन्हें किराए, रहने और खाने की व्यवस्था के लिए अपनी क्षमता के अनुसार खर्च करना पड़ता है। इससे परीक्षा देने की प्रक्रिया उनके लिए अधिक कठिन और तनावपूर्ण हो जाती है, जबकि आसपास के जिलों में केंद्र होने पर इस अतिरिक्त बोझ को काफी हद तक कम किया जा सकता था।
अभ्यर्थियों की मांग, आसपास के जिलों में हों केंद्र
अभ्यर्थियों का कहना है कि परीक्षा केंद्रों का निर्धारण करते समय उनके गृह क्षेत्र के आसपास के जिलों को प्राथमिकता दी जाती तो मौजूदा स्थिति से बचा जा सकता था। यदि किसी अभ्यर्थी को उसके आसपास के जिले में केंद्र मिल जाता, तो उसे कई सौ किलोमीटर की यात्रा नहीं करनी पड़ती। इससे ट्रेनों और दूसरे यातायात साधनों पर अचानक बढ़ने वाला दबाव भी कम हो सकता था।
अभ्यर्थियों के लिए परीक्षा का उद्देश्य केवल परीक्षा केंद्र तक पहुंचना नहीं, बल्कि बिना अनावश्यक परेशानी के परीक्षा में शामिल होकर अपनी तैयारी का प्रदर्शन करना है। लंबी दूरी के केंद्र के कारण यात्रा और ठहरने की व्यवस्था परीक्षा से पहले ही एक अलग चुनौती बन जाती है। इसी वजह से अभ्यर्थी परीक्षा केंद्रों की दूरी को लेकर अपनी परेशानी सामने रख रहे हैं और आसपास के जिलों में केंद्र आवंटित किए जाने की आवश्यकता पर जोर दे रहे हैं।
परीक्षा से पहले बढ़ा व्यवस्थाओं का दबाव
मौजूदा स्थिति में अभ्यर्थियों को परीक्षा की तैयारी के साथ यात्रा की योजना भी बनानी पड़ रही है। जिस अभ्यर्थी को 200 से 500 किलोमीटर दूर केंद्र मिला है, उसके लिए समय पर परीक्षा स्थल पहुंचना एक अहम चिंता बन जाता है। यात्रा के साधन की उपलब्धता, ट्रेन में भीड़ और गंतव्य पर पहुंचने के बाद रहने की व्यवस्था जैसे कई सवाल परीक्षा से पहले ही सामने आ जाते हैं।
इस पूरी स्थिति का सबसे अधिक असर उन अभ्यर्थियों पर पड़ता है जिनके पास सीमित संसाधन हैं। परीक्षा में शामिल होने के लिए उन्हें अपने परिवार से अतिरिक्त आर्थिक मदद लेनी पड़ सकती है या उपलब्ध संसाधनों के भीतर यात्रा और ठहरने का इंतजाम करना पड़ता है। इससे परीक्षा की तैयारी के अलावा एक ऐसा अतिरिक्त बोझ जुड़ जाता है, जिसे नजदीकी परीक्षा केंद्र होने की स्थिति में काफी हद तक टाला जा सकता था।
दूरी कम होने पर घट सकता है अभ्यर्थियों का बोझ
UP PET Exam: अभ्यर्थियों का कहना है कि परीक्षा केंद्रों को आसपास के जिलों में रखने से यात्रा संबंधी परेशानियों को कम किया जा सकता है। इससे उन्हें लंबी दूरी की ट्रेन यात्रा से राहत मिलेगी और स्टेशन तथा ट्रेनों में अचानक बढ़ने वाली भीड़ का दबाव भी कम होगा। साथ ही दूर जाकर ठहरने और भोजन की व्यवस्था करने की जरूरत भी कई अभ्यर्थियों के लिए कम हो सकती है।
पीईटी परीक्षा में शामिल होने वाले अभ्यर्थियों के लिए इस समय सबसे बड़ी चुनौती परीक्षा केंद्र तक पहुंचना बन गई है। एक ओर उन्हें परीक्षा की तैयारी करनी है, वहीं दूसरी ओर दूर केंद्र होने के कारण यात्रा, रहने और खाने की व्यवस्था करनी पड़ रही है। अभ्यर्थियों की परेशानी यही है कि परीक्षा देने की प्रक्रिया उनके लिए केवल शैक्षणिक तैयारी तक सीमित नहीं रह गई है, बल्कि लंबी दूरी की यात्रा और अतिरिक्त खर्च भी उसका हिस्सा बन गया है।


