Skip to content
Primary Menu
  • Home
  • ताजा तरीन
  • आलेख
    • सत्ता की सियासत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • राष्ट्रीय
  • दिल्ली एनसीआर
  • राज्यों से …
  • कारोबार
  • साहित्य
  • संस्कार
  • तकनीक
  • मनोरंजन
  • स्वास्थ्य
  • शिक्षा
  • खेल
Logo300

INFOPOST NEWS

The power of information

October 30, 2026

Connect with Us

  • Home
  • ताजा तरीन
  • आलेख
    • सत्ता की सियासत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • राष्ट्रीय
  • दिल्ली एनसीआर
  • राज्यों से …
  • कारोबार
  • साहित्य
  • संस्कार
  • तकनीक
  • मनोरंजन
  • स्वास्थ्य
  • शिक्षा
  • खेल

Categories

  • INFOPOST PDF
  • अंतरराष्ट्रीय
  • आलेख
  • कारोबार
  • ख़ास ख़बर
  • खेल पोस्ट
  • तकनीक
  • ताजा तरीन
  • दिल्ली एनसीआर
  • बोलती तस्वीरें
  • मनोरंजन
  • राज्यों से …
  • राष्ट्रीय
  • शिक्षा
  • सत्ता की सियासत
  • संस्कार
  • साहित्य
  • स्वास्थ्य
An error has occurred, which probably means the feed is down. Try again later.

  • ताजा तरीन

राष्ट्रीय पत्रकार को बंधक बनाने के मामले में प्रशिक्षु डीएसपी शिप्रा राजपूत के खिलाफ विभागीय इंक्वारी

infopost January 1, 2025
shipra rajput

इंफोपोस्ट न्यूज, मोतिहारी। shipra rajput:


राष्ट्रीय पत्रकार ओम वर्मा से नाजायज राशि मांगने और थाना परिसर में बंधक बनाने के मामले में पुलिस विभाग की ओर से प्रशिक्षु डीएसपी शिप्रा राजपूत के खिलाफ जांच होगी। यानी शिप्रा राजपूत के खिलाफ विभागीय इंक्वारी होगी। इस बाबत पुलिस विभाग ने चंपारण रेंज के पुलिस उपमहानिरीक्षक को निर्देश जारी किया है।

बिहार पुलिस के अपर पुलिस महानिदेशक के अनुमोदन के बाद पुलिस उपमहानिरीक्षक सह उपनिदेशक, बिहार पुलिस अकादमी, राजगीर, अरविंद कुमार गुप्ता की ओर से शिप्रा राजपूत के खिलाफ जांच और कार्रवाई के लिए पत्र जारी किया गया है। निर्देश की कापी इंफोपोस्ट न्यूज के पास मौजूद है। ज्ञात हो कि इस मामले में राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग की भी कार्यवाही चल रही है।

https://fb.watch/wjMjqjGElC/

यह है मामला

shipra rajput : ज्ञात हो कि राष्ट्रीय पत्रकार ओम वर्मा 13 सितंबर को अपने जमीन पर अपने छोटे भाई सिद्धार्थ कुमार वर्मा द्वारा अवैध कब्जा और रंगदारी मांगने की शिकायत लेकर शिकायत लेकर मोतिहारी के मुफ्फसील थाना में गए थे। वहां उनकी मुलाकात प्रशिक्षु डीएसपी शिप्रा राजपूत से हुई। वहां एक कर्माचारी के माध्यम से उनकी तरफ से 20 हजार रुपये घूस की मांग की गई। कहा गया कि इतना कर दीजिएगा तो आपके भाई के खिलाफ अच्छा केस बनाकर उसे ‘अंदर’ कर देंगे। ओम वर्मा का मकसद अपने भाई को जेल भेजना नहीं था, सिर्फ अपनी समस्या का समाधान करना था। लिहाजा, वह थाना से वापस आ गए। शिप्रा राजपूत ने शिकायत पर कोई रिसीविंग भी नहीं दी। कोई कार्रवाई नहीं हुई तो ओम वर्मा ने एसपी को मेल किया। इसके बाद कार्रवाई हुई। जमीन का इंस्पेक्शन हुआ और 28 सितंबर को मुफ्फसील थाना में जनता दरबार में दोनों पक्षों को बुलाया गया।

शिप्रा राजपूत ने ओम वर्मा का मोबाइल झटका, पत्रकारों को दी गालियां

28 सितंबर को मोतिहारी के मुफ्फसील थाना में आयोजित जनता दरबार में मोतिहारी की अंचलाधिकारी ने इस जमीन के अवैध कब्जे के मामले को 5 मिनट में सुलझा दिया। उन्होंने दोनों पक्षों को सरकारी नापी के लिए आवेदन देने को कहा। ​साथ ही यह समझौता करने का अनुरोध​ किया कि अगर सरकारी नापी के बाद किसी का अवैध कब्जा आता है तो उसे हटाना होगा। इसे दोनों पक्षों ने स्वीकार कर रजिस्टर पर हस्ताक्षर कर दिया। इसके बाद ओम वर्मा ने धमकी और पूर्व में अपनी पत्नी से हुई मारपीट मामले में अपनी पत्नी से मोबाइल फोन पर बात कराना चाहा तो शिप्रा राजपूत जोर जोर से चिल्लाने लगी। वह ओम वर्मा का मोबाइल अपने हाथ से झटकने लगीं। इसके बाद उन्होंने ओम वर्मा को धमकी देते हुए बंधक बना लिया।

ज्ञात हो कि सिद्धार्थ कुमार वर्मा ने ओम वर्मा की पत्नी और पुत्र से मारपीट की थी। इस मामले में राष्ट्रीय महिला आयोग ने कार्रवाई की थी। मारपीट में लगी चोट का मेडीकल भी कराया गया था। इससे सबंधित सभी डाक्यूमेंट उपलब्ध है।

शिप्रा राजपूत ने दी धमकियां

shipra rajput: ओम वर्मा ने बताया कि ऐसा लग रहा था कि शिप्रा राजपूत ने मुझे बंधक बनाने का ​स्क्रीप्ट पहले ही लिख लिया था। उन्होंने बताया कि वह पत्रकार हैं, इसलिए उन्हें जानबूझ कर टारगेट किया गया है। वह 3 अक्टूबर को ही राज्य के वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को शिकायत भेज चुके हैं। शिकायत में उन्होंने लिखा है कि बंधक बनाने के लिए दौरान शिप्रा राजपूत पत्रकारों को गाली दे रही थीं। वह कह रही थीं कि पांच सौ रुपये में खबर बिकती है और पांच हजार रुपये में नया चैनल बन जाता है। तुम पर केस बनाकर अंदर कर देंगे और मार देंगे और शो कर देंगे कि आत्महत्या कर लिए। आन ड्यूटी पुलिस अधिकारी से बदतमीजी का भी मामला बना देंगे। वर्दी वाला क्या क्या कर सकता है, इसका अंदाजा तुम्हें नहीं है। बहुत बड़े पत्रकार बन रहे हो, अब के बाद से तुम सारी पत्रकारिता भूल जाओगे।

अत्याचार और भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई जारी रहेगी

shipra rajput:  राष्ट्रीय पत्रकार ओम वर्मा ने बताया कि अत्याचार और भ्रष्टाचार के खिलाफ उनकी लड़ाई जारी रहेगी। शिप्रा राजपूत से मुझे जान का खतरा है। वह वर्दी का दुरुपयोग कर रही हैं। उन्होंने कहा कि मोतिहारी की जनता ने मेरे जैसे आम आदमी का साथ दिया। प्यार और आशीर्वाद दिया। इसके लिए मैं मोतिहारी की जनता का ऋणी हूं। आज मोतिहारी की गलियों और नुक्कड़ों पर मेरे समर्थन में चर्चाएं हो रही हैं। सभी ने अपना समर्थन जताया है। शिप्रा राजपूत के अत्याचार के खिलाफ इस लड़ाई में मेरी हत्या भी हो जाती है तो कोई गम नहीं। उन्होंने गृह मंत्रालय को भी इस बारे में अवगत करा दिया है। जल्द ही वह एक और वीडियो जारी करेंगे।

About Author

infopost

administrator

See author's posts

Post navigation

Previous: Jammu and Kashmir: गैर कश्मीरियों पर फिर हमला
Next: गणतंत्र दिवस पर डीपीआरओ सहित चार विभूतियों को मिलेगा ज्ञान सागर सम्मान

Related Stories

Dhanteras 2026
  • ताजा तरीन
  • संस्कार
  • स्वास्थ्य

Dhanteras 2026: धनतेरस 6 या 7 नवंबर को?

infopost October 30, 2026 0
SIR Voter List Revision
  • ताजा तरीन
  • दिल्ली एनसीआर
  • राष्ट्रीय
  • सत्ता की सियासत

SIR Voter List Revision: चुनाव आयोग और सरकार पर बढ़ता दबाव

infopost October 30, 2026 0
Chandni Chowk Protest
  • ताजा तरीन
  • सत्ता की सियासत

Chandni Chowk Protest: व्यापारियों ने राहुल गांधी को समर्थन दिया

infopost October 29, 2026 0

Copyright © All rights reserved. | MoreNews by AF themes.