sectarian violence: ओडिशा के कटक में सांप्रदायिक हिंसा भड़क उठी है। दुर्गा पूजा मूर्ति विसर्जन के दौरान दो समुदायों के बीच झड़पों के बाद कर्फ्यू लगा दिया गया है। इंटरनेट सेवाएं बंद कर दी गई हैं। विश्व हिंदू परिषद ने 12 घंटे के बंद का आह्वान किया है।
sectarian violence: इंटरनेट सेवाएं बंद, 12 घंटे के बंद का आह्वान
इंफोपोस्ट न्यूजडेस्क
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!sectarian violence: ओडिशा के कटक शहर में दुर्गा पूजा मूर्ति विसर्जन के दौरान सांप्रदायिक तनाव ने हिंसक रूप ले लिया है। शुक्रवार रात को शुरू हुई यह घटना रविवार तक भड़क उठी, जिसमें दो समुदायों के बीच झड़पें हुईं।
प्रशासन ने स्थिति को नियंत्रित करने के लिए 13 पुलिस स्टेशन क्षेत्रों में 36 घंटे का कर्फ्यू लगा दिया और इंटरनेट सेवाओं को 24 घंटे के लिए निलंबित कर दिया। विश्व हिंदू परिषद (वीएचपी) ने सोमवार को 12 घंटे के बंद का आह्वान किया है, जिससे शहर में तनाव और बढ़ गया है।
घटना की शुरुआत 3 अक्टूबर की रात हुई
घटना की शुरुआत 3 अक्टूबर की रात हाथी पोखरी क्षेत्र में दरगाह बाजार से हुई, जब दुर्गा प्रतिमा विसर्जन जुलूस काठजोड़ी नदी के देबीगारा घाट की ओर बढ़ रहा था। स्थानीय लोगों ने जुलूस के दौरान तेज आवाज में बज रहे संगीत पर आपत्ति जताई, जो जल्द ही विवाद में बदल गया। छतों से पत्थर और कांच की बोतलें फेंकी गईं, जिससे जुलूस के सदस्यों और पुलिसकर्मियों को चोटें आईं।
कटक के डिप्टी कमिश्नर ऑफ पुलिस (डीसीपी) खिलारी ऋषिकेश दन्यंदेव सहित कई पुलिस अधिकारी घायल हो गए। पुलिस को हल्का लाठीचार्ज करना पड़ा और विसर्जन कार्य को करीब तीन घंटे के लिए रोकना पड़ा। रविवार सुबह भारी पुलिस सुरक्षा में शेष 120 प्रतिमाओं का विसर्जन पूरा हुआ।
वीएचपी ने बिना अनुमति के बाइक रैली निकाली
रविवार को स्थिति और बिगड़ गई जब वीएचपी ने बिना अनुमति के बाइक रैली का आयोजन किया। प्रशासन ने कानून-व्यवस्था की आशंका से रैली की इजाजत नहीं दी थी, लेकिन संगठन के समर्थकों ने विरोध प्रदर्शन किया। बाजरकबति रोड पर विवादास्पद नारे लगाए गए और दुकानों में आग लगा दी गई।
सीसीटीवी कैमरे तोड़े गए, वाहनों को नुकसान पहुंचा। इस हिंसा में 25 पुलिसकर्मी घायल हो गए। रैपिड एक्शन फोर्स, बीएसएफ, सीआरपीएफ और ओडिशा स्विफ्ट एक्शन फोर्स की टीमें तैनात की गईं। पुलिस ने छह लोगों को गिरफ्तार किया है और सीसीटीवी फुटेज, ड्रोन वीडियो तथा प्रत्यक्षदर्शियों के बयानों से अन्य आरोपियों की तलाश जारी है।
मुख्यमंत्री मोहन चरण माजी ने शांति की अपील की
प्रशासन ने रविवार रात 10 बजे से 36 घंटे का कर्फ्यू लगा दिया, जो सोमवार शाम तक चलेगा। कटक नगर निगम, विकास प्राधिकरण और 42 मौजा क्षेत्रों में धारा 163 बीएनएसएस के तहत निषेधाज्ञा लागू की गई। इंटरनेट और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स जैसे व्हाट्सएप, फेसबुक, एक्स को रविवार शाम 7 बजे से सोमवार शाम 7 बजे तक बंद कर दिया गया, ताकि भड़काऊ संदेशों का प्रसार न हो।
मुख्यमंत्री मोहन चरण माजी ने शांति की अपील की और कहा कि शहर की भाईचारे की परंपरा को बनाए रखना जरूरी है। उन्होंने घायलों के मुफ्त इलाज का आश्वासन दिया और डीजीपी वाई.बी. खुरानिया को कटक कैंप करने का निर्देश दिया। विपक्षी नेता नवीन पटनायक ने भी चिंता जताई और शांति बनाए रखने का आग्रह किया। कांग्रेस विधायक सोफिया फिरदौस ने कहा कि कटक में 500 वर्षों से दुर्गा पूजा एकता का प्रतीक रही है, इसे बिगाड़ने वालों को सजा मिलनी चाहिए।
डीसीपी और जिला कलेक्टर के तबादले की मांग
sectarian violence: वीएचपी ने प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए सोमवार को सुबह से शाम तक 12 घंटे का बंद बुलाया है। संगठन ने डीसीपी और जिला कलेक्टर के तबादले की मांग की है। बंद के दौरान दुकानें और बाजार बंद रहेंगे, जिससे जनजीवन प्रभावित होगा। शहर में 60 प्लाटून पुलिस बल तैनात है और फ्लैग मार्च किए जा रहे हैं। केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने भी शांति बनाए रखने का आह्वान किया।
कटक, ओडिशा का एक प्राचीन शहर है, जहां हिंदू-मुस्लिम भाईचारा सदियों से रहा है। दुर्गा पूजा यहां की प्रमुख सांस्कृतिक परंपरा है, लेकिन इस घटना ने सामुदायिक सद्भाव को चुनौती दे दी है। अफवाहों का प्रसार रोकने के लिए इंटरनेट बंदी महत्वपूर्ण कदम है, लेकिन लंबे समय तक कर्फ्यू से आर्थिक नुकसान हो सकता है। पुलिस ने चेतावनी दी है कि हिंसा फैलाने वालों पर सख्त कार्रवाई होगी। स्थिति पर नजर रखी जा रही है और शांति बहाली के प्रयास जारी हैं।


