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Satellite based internet service: डीटीएच की तर्ज पर सबको मिलेगा तेज इंटरनेट!

August 1, 2021
Satellite based internet service

Satellite based internet service: देश के दूरदराज वाले क्षेत्रों में अभी भी इंटरनेट की सुविधा का पूरा लाभ नहीं मिल पा रहा है। क्योंकि वहां इंटरनेट टावर और ब्रॉडबैंड की केबल नहीं पहुंच पाई है। लेकिन अब उन्हें भी तेज इंटरनेट की सौगात मिलने वाली है। जानते हैं कैसे ?

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Satellite based internet service: अमेरिका और कनाडा के बाद भारत की बारी

इंफोपोस्ट न्यूज


Satellite based internet service: आपने टेलीविजन का सफर एंटिना से वाया केबल टीवी डीटीएच तक तय किया है। और अब आप टीवी स्टिक के जमाने में पहुंच रहे हैं। ठीक इसी प्रकार इंटरनेट भी सीधे सैटेलाइट से आपकी छत पर लगे डिश तक पहुंचने वाला है। अब ब्रॉडबैंड इंटरनेट के लिए न तो किसी केबल की जरूरत होगी और न ही इंटरनेट टावर की।

हम बात कर रहे हैं स्टारलिंक की। जिसे स्पेसएक्स कंपनी ने शुरू किया है। यह एलोन मस्क की कंपनी है, जो अमेरिका और कनाडा में अपने उपग्रहों के माध्यम से उपग्रह आधारित इंटरनेट सेवा उपलब्ध करा रही है। कंपनी अब भारत में भी सेवा शुरू करने पर विचार कर रही है।

स्टारलिंक है क्या?

स्टारलिंक उपग्रह आधारित इंटरनेट सेवा उपलब्ध कराने वाला एक प्रोजेक्ट है। इसे एलोन मस्क की कंपनी स्पेसएक्स ने तैयार किया है। कंपनी ने बहुत सारे उपग्रह धरती की लोअर आर्विट यानी निचली कक्षा में लांच किए हैं।

इन उपग्रहों की संख्या चार हजार चार सौ है, जिन्हें आपस में कनेक्ट किया जा रहा है। अभी नौ सौ उपग्रह आपस में कनेक्ट कर दिए गए हैं, जो काम भी कर रहे हैं। ये उपग्रह हाई स्पीड इंटरनेट बीम को दुनिया के तमाम भागों को भेज सकेंगे।

आप्टिकल फाइवर केबल पर खर्च ज्यादा

भारत की बात करें तो यहां सुदूर क्षेत्रों में इंटरनेट टावर या आप्टिकल फाइवर केबल को पहुंचाना संभव नहीं है। क्योंकि इस पर काफी खर्च आता है। और अभी जो कंपनियां उपग्रह के जरिये इंटरनेट उपलब्ध करा रही हैं, उनके उपग्रह की कक्षा धरती से बहुत दूर है।

स्टारलिंक की बात करें, तो उसके उपग्रहों की दूरी धरती से बहुत कम है। यह दूरी दूसरी कंपनियों के उपग्रह के मुकाबले पांच से दस गुना कम है। इसलिए उसकी पहुंच हमारे घरों पर लगे डिश तक आसानी से हो जाएगी।

भारत में ट्राई ने मांगे थे सुझाव

भारत में सुदूर क्षेत्रों तक तेज इंटरनेट पहुंचाने के लिए टेलीकॉम रेगुलेटरी अथॉरिटी TRAI ट्राई ने सुझाव भी मांगे थे। इस पर कंपनियों खासकर एयरटेल का कहना था कि फाइवर आप्टिक्स की एक रेगुलेट्री अथारिटी का गठन किया जाए, जो इंटरनेट स्पीड की समस्या का समाधान निकालेगी। लेकिन भारतीय अंतरिक्ष विभाग ने कहा था कि हम तेज इंटरनेट के लिए उपग्रह आधारित व्यवस्था का उपयोग कर सकते हैं।

उधर, स्टारलिंक भारत सरकार से नीतियों में बदलाव के लिए बार बार आग्रह कर रहा है। क्योंकि उसे पता है कि भारत इंटरनेट के लिए एक विशाल बाजार है। जहां उसके लिए व्यवसाय करने का सुनहरा मौका है।

प्राइस को लेकर भारतीय समाज की दुविधा

लेकिन प्राइस को लेकर भारतीय समाज की दुविधा बनी हुई है। इस इंटरनेट की सुविधा लेने के लिए डिश या टाटा स्काई जैसी छतरी लगवानी होगी। जिसकी कीमत स्टारलिंक वाले 500 डालर यानी लगभग 40 हजार रुपये मांग रहे हैं। 100 एमबीपीएस स्पीड के लिए मंथली सात से आठ हजार रुपये का प्लान आफर किया है।

जबकि भारतीय कंपनियां इसी स्पीड के लिए अधिकतम सात सौ रुपये लेती हैं। इसलिए स्टारलिंक जब तक प्राइस वार में नहीं उतरेगी, तब तक उसकी भारत में दाल नहीं गलेगी। आपको याद होगा कि किस प्रकार जियो ने 3जी के लिए तरस रहे भारतीयों को 4जी इंटरनेट धमाकेदार एंट्री के साथ उपलब्ध करा दिया था। स्टारलिंक को जियो से कुछ सीखना होगा।

ब्रॉडबैंड के नाम पर कम स्पीड!

फिलहाल भारत में ब्रॉडबैंड के नाम पर कम स्पीड दी जा रही है। जिससे उपभोक्ता परेशान रहते हैं। लेकिन उसके लिए भी अब बड़े बदलाव की तैयारी चल रही है। इंडस्ट्री थिंक टैक्स Broadband India Forum (BIF) ने इस पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

BIF ने कहा है कि ब्रॉडबैंड स्पीड को लेकर परिभाषा बदलने की जरूरत है। ब्रॉडबैंड की स्पीड को 512 kbps से बढ़ाकर 2 Mbps करना होगा। क्योंकि ब्रॉडबैंड के लिहाज से 512 kbps की स्पीड काफी धीमी है। BIF ने टेलीकॉम रेगुलेटरी अथॉरिटी को कई सुझाव भी दिए हैं।

इस इंटरनेट प्लान को आजमा सकते हैं आप

बाजार में कई ऐसे ब्रॉडबैंड प्लान हैं जो अनलिमिटेड इंटरनेट की सुविधा देते हैं। टाटा स्काई कई शहरों में ब्रॉडबैंड सर्विस ऑफर करती है। अगर आप 6 महीने का प्लान खरीदते हैं तो टाटा स्काई के 100Mbps ब्रॉडबैंड प्लान की कीमत 750 रुपये प्रति माह होगी। 6 महीने का प्लान आपको 4,500 रुपये में मिलेगा। वहीं, 30-दिन का प्लान 850 रुपये में पड़ेगा।

इसी प्रकार, रिलायंस जियो का 699 रुपये में जियो फाइबर ब्रॉडबैंड प्लान उपलब्ध है। यह एक मासिक पैक है, जिसमें 100Mbps की इंटरनेट स्पीड अनलिमिडेट डेटा और वॉइस कॉलिंग के साथ मिलती है। ध्यान देने वाली बात यह है कि प्लान में महीने की डेटा लिमिट तीन हजार 300GB है, जो पूरा परिवार जल्दी खत्म नहीं कर पाएगा।

बीएसएनएल ब्रॉडबैंड का सबसे सस्ता प्लान 430 रुपये का है। इस प्लान में आपको 150 जीबी तक 30 MBPS की स्पीड मिलती है। कंपनी ग्राहकों को इस प्लान के तहत अनलिमिटेड डाउनलोडिंग और अनलिमिटेड कॉल्स की भी सुविधा दे रही है।

 

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