इंफोपोस्ट संवाददाता, पटना। sanatan dharma :
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!तमिलनाडु के मुख्यमंत्री के बेटे उदयनिधि स्टालिन के सनातन विरोधी बयान के खिलाफ नेशन फर्स्ट डेमोक्रेटिक पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ.कौशलेंद्र नारायण द्वारा किये गये शिकायत में एम एल ए/एम पी कोर्ट के प्रभारी न्यायाधीश सारिका बहालिया के कोर्ट ने उदयनिधि स्टालिन के खिलाफ आईपीसी की पांच धाराओं के तहत 153A, 295A, 298, 500,504 के तहत संज्ञान लिया। इसके साथ ही उदयनिधी मारन की मुश्किलें बढ़ती दिख रही हैं।
उदयनिधि के बयान से देशभर में रोष
sanatan dharma : डॉ.कौशलेंद्र नारायण पटना सदर कोर्ट के मुख्य न्यायायिक दंडाधिकारी ( सीजेएम) कोर्ट में उदयनिधि के खिलाफ कंप्लेन केस दर्ज कराया था। उदनिधि स्टालिन ने सनातन की तुलना डेंगू से करते हुए इसे पूरी तरह से समाप्त करने की बात कही थी। उनके इस बयान का पूरे देश में विरोध शुरू हो गया था। डॉ.कौशलेंद्र नारायण पटना सदर कोर्ट के मुख्य न्यायायिक दंडाधिकारी ( सीजेएम) कोर्ट में कंप्लेन केस दर्ज कराया था।
सनातन को लेकर मनमाना व्यवहार बर्दाश्त नहीं
sanatan dharma : एम एल ए/एम पी कोर्ट के प्रभारी न्यायाधीश सारिका बहालिया के कोर्ट द्वारा उद्यनिधि स्टालिन के खिलाफ आईपीसी की धारा 153A,295A,298,500,504 के तहत संज्ञान लेने के बाद अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए डॉ.कौशलेंद्र नारायण ने कहा कि सनातन को साफ्ट टारगेट समझा जाता है। राजनीतिक फायदे के लिए राजनेता लोग भी सनातन के खिलाफ बयान देने के लिए उतावले रहते हैं। उन लोगों को समझ जाना चाहिए कि सनातन को लेकर उन्हें मनमाना व्यवहार नहीं करने दिया जाएगा। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि हम उदयनिधि के बयान के खिलाफ कोर्ट में भी लगेंगे और कोर्ट के बाहर भी।


