Skip to content
Primary Menu
  • Home
  • ख़ास ख़बर
  • आलेख
    • सत्ता की सियासत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • राष्ट्रीय
  • दिल्ली एनसीआर
  • राज्यों से …
  • कारोबार
  • साहित्य
  • संस्कार
  • तकनीक
  • मनोरंजन
  • स्वास्थ्य
  • शिक्षा
  • खेल
Logo300

INFOPOST NEWS

The power of information

September 8, 2026

Connect with Us

  • Home
  • ख़ास ख़बर
  • आलेख
    • सत्ता की सियासत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • राष्ट्रीय
  • दिल्ली एनसीआर
  • राज्यों से …
  • कारोबार
  • साहित्य
  • संस्कार
  • तकनीक
  • मनोरंजन
  • स्वास्थ्य
  • शिक्षा
  • खेल

Categories

  • INFOPOST PDF
  • sports
  • Uncategorized
  • अंतरराष्ट्रीय
  • आलेख
  • कारोबार
  • ख़ास ख़बर
  • तकनीक
  • दिल्ली एनसीआर
  • बोलती तस्वीरें
  • मनोरंजन
  • राज्यों से …
  • राष्ट्रीय
  • शिक्षा
  • सत्ता की सियासत
  • संस्कार
  • साहित्य
  • स्वास्थ्य
An error has occurred, which probably means the feed is down. Try again later.

  • आलेख
  • ख़ास ख़बर

आजीवन पत्रकारिता जगत के श्रमिकों की अगुवाई करते रहे रूपचंद

September 6, 2020
aajivan

श्रमिक आंदोलन के अखिल भारतीय मसीहा पत्रकार-गैर पत्रकार जगत के श्रमिकों के नेता दिवंगत रूपचंद आजीवन पत्रकारिता जगत के श्रमिकों की अगुवाई करते रहे। ऐसे कामरेड गुरु को लाल सलाम! 5 सितंबर को श्रमिक आंदोलन के मंच से हंसते हंसते नजीबाबाद निवासी कामरेड रूपचंद ने मंच से ही हम सब से बिछड़ गए।

Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!

उन्होंने 45 वर्षों से अधिक पत्रकारिता जगत के श्रमिकों की अगुवाई की। उनके नेतृत्व में वेज बोर्ड का गठन संभव हो सका। उन्होंने श्रमिक समस्याओं को देश में ही नहीं, विदेशों में भी उठाया। जो उनसे मिल लेता था, वह उन्हीं का बनकर रह जाता था।

कमजोर, निर्धन, शोषित, पीड़ित की व्यक्तिगत और समूह में उनकी बात सुनना और समाधान करना उनकी जीवन शैली का अभिन्न अंग था। जब भी वह किसी से मिलते, उसे हंसते हंसते गले लगाना और दोस्तों से ज्यादा आम जनता को गले लगाना उनकी शख्सियत की एक पहचान थी।

उनके सहयोगी रह चुके राकेश जाखेटिया ने बताया कि उनके आंदोलन की अंतिम इच्छा पत्रकार गैर पत्रकारों को भारत सरकार से पेंशन दिलवाने की विचाराधीन है। वरना यह एक दिन जन आंदोलन का रूप ले लेगा। भारत सरकार से पत्रकार गैर पत्रकार मित्रों की हार्दिक इच्छा है कि देश हित में उनके कार्यों के लिए उन्हें श्रमिक आंदोलन के मसीहा के रूप में सम्मानित किया जाए।

जीवन पर्यंत उन्होंने बेरोजगारों को रोजगार दिलवाया। अस्वस्थ व्यक्तियों को स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई और शिक्षा के लिए उनकी आवश्यकताओं को पूरा कराने में अनुकरणीय सहयोग दिया। अंत समय तक वह बिजनौर रवा राजपूत संगठन एवं बिजनौर मित्र मंडल से जुड़े रहे। एक संरक्षक के रूप में मार्गदर्शन करते रहे।

About Author

See author's posts

Post navigation

Previous: बड़ा भंडार मिलने से ईरान के पास अनुमति से 10 गुना ज़्यादा यूरेनियम
Next: पीतल के बर्तन में भोजन से आरोग्य और शरीर को तेज

Related Stories

NMC
  • ख़ास ख़बर
  • दिल्ली एनसीआर

NMC: जन्मदिन पर ‘जेपी’ सिंह का सम्मान

infopost September 7, 2026 0
Social Politics
  • ख़ास ख़बर
  • दिल्ली एनसीआर

Social Politics: नोएडा के युवा नेताओं में तेजी से उभरता नाम संदीप अवाना

infopost September 5, 2026 0
Ram Mandir Trust Controversy
  • ख़ास ख़बर
  • राष्ट्रीय

Ram Mandir Trust Controversy: राम मंदिर ट्रस्ट पर उठे सवाल

infopost June 27, 2026

Copyright © All rights reserved. | MoreNews by AF themes.