इंफोपोस्ट डेस्क, नयी दिल्ली। Prithvi Raj Singh Oberoi :
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!ओबेरॉय ग्रुप के चेयरमैन पृथ्वी राज सिंह ओबेरॉय का 94 साल की उम्र में देहांत हो गया। पृथ्वी राज सिंह ओबेरॉय की पहचान इंडियन हॉस्पिटैलिटी सेक्टर के पुरोधा के रूप में है। वह बड़ा कारोबार छोड़कर गए हैं। एक बयान में बताया गया कि ‘हमें अत्यंत दुख के साथ सूचित करना पड़ रहा है कि ओबेरॉय ग्रुप के चेयरमैन पीआरएस ओबेरॉय का आज सुबह निधन हो गया।’ हॉस्पिटैलिटी सेक्टर की महान हस्ती ओबेरॉय की विरासत किसी सीमा तक सीमित नहीं है। कई पुरस्कारों से भी सम्मानित किया गया।
कई बड़े पुरस्कारों से नवाजा गया
ओबेरॉय को पर्यटन और हॉस्पिटैलिटी सेक्टर में उनके विशेष योगदान के लिए पद्म विभूषण सहित कई बड़े पुरस्कारों से नवाजा जा चुका है। असाधारण नेतृत्व और दूरदर्शिता के लिए उन्हें इंटरनेशनल लग्जरी ट्रैवल मार्केट (ILTM) में लाइफटाइम अचीवमेंट अवार्ड दिया गया। ओबेरॉय को होटल्स (मैगजीन) यूएसए द्वारा ‘कॉर्पोरेट होटलियर ऑफ द वर्ल्ड’ पुरस्कार से भी सम्मानित किया गया। बर्लिन में छठे इंटरनेशनल होटल्स इन्वेस्टमेंट फोरम ने उन्हें प्रतिष्ठित लाइफटाइम अचीवमेंट अवार्ड भी दिया गया।
Prithvi Raj Singh Oberoi : इसके अलावा उन्हें फोर्ब्स इंडिया लीडरशिप अवार्ड समेत कई पुरस्कार भी मिले। बयान में कहा गया ‘एक प्रतिभावान शख्स को खोने का शोक मनाते हुए उनकी विरासत को याद रखेंगे…’ अंतिम संस्कार कापसहेड़ा में भगवंती ओबेरॉय चैरिटेबल ट्रस्ट (ओबेरॉय फार्म) में किया जाएगा. ‘बिकी’ के नाम से मशहूर पीआरएस ओबेरॉय का जन्म 1929 में दिल्ली में हुआ था. ‘द ओबेरॉय ग्रुप’ के फाउंडर दिवंगत राय बहादुर एमएस ओबेरॉय के बेटे पीआरएस ओबेरॉय लंबे समय तक ईआईएच लिमिटेड के कार्यकारी अध्यक्ष रहे।
इतनी थी संपत्ति
ओबेरॉय ग्रुप का कारोबार आज देश के 7 अलग-अलग देशों में है। ओबेरॉय ग्रुप के एक्सपेंशन का श्रेय मोहन सिंह ओबेरॉय के पुत्र पृथ्वी राज सिंह ओबेरॉय (पीआरएस ओबेरॉय) को ही दिया जाता है। फोर्ब्स के अनुसार उनकी कुल संपत्ति करीब 3,829 करोड़ रुपये थी। ओबेरॉय अपने पिता और द ओबेरॉय ग्रुप के फाउंडर के निधन के बाद 2002 में ग्रुप की मूल कंपनी ईआईएच लिमिटेड के अध्यक्ष बने। उन्होंने 1967 में नई दिल्ली में ओबेरॉय सेंटर ऑफ लर्निंग एंड डेवलपमेंट की शुरुआत की थी।


