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Parliament Session: मोदी सरकार से टकराव के मूड में चंद्रशेखर राव

July 17, 2022
Parliament Session

Parliament Session: संसद का मानसून सत्र 18 जुलाई से 12 अगस्त तक चलेगा। कुल 18 बैठकें होंगी और पूरा सत्र 108 घंटे का होगा। वन-ऊर्जा संरक्षण से लेकर फैमिली कोर्ट संशोधन बिल समेत कुल 24 विधेयक पेश किए जाएंगे। तेलंगाना के मुख्यमंत्री चंद्रशेखर राव मोदी सरकार से सीधे टकराव के मूड में हैं।

Parliament Session: कांग्रेस ने पूछा, क्या यह असंसदीय नहीं ?

श्रीकांत सिंह

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Parliament Session: संसद के मानसून सत्र से पहले बुलाई गई सर्वदलीय बैठक में पीएम मोदी के न पहुंचने पर कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने सवाल उठाया और ट्वीट कर पूछा कि क्या यह असंसदीय नहीं है? उन्होंने अपने ट्वीट में लिखा, ‘संसद के आगामी सत्र पर चर्चा के लिए सर्वदलीय बैठक अभी शुरू हुई है और प्रधानमंत्री हमेशा की तरह अनुपस्थित हैं क्या यह ‘असंसदीय’ नहीं है?’

बैठक में संसदीय कार्य मंत्री प्रह्लाद जोशी, केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल, कांग्रेस नेता मल्लिकार्जुन खड़गे, अधीर रंजन चौधरी, जयराम रमेश, डीएमके नेता टी आर बालू, टीएमसी नेता सुदीप बंदोपाध्याय, शिवसेना नेता संजय राउत, एनसीपी नेता शरद पवार, प्रफुल्ल पटेल, आप नेता संजय सिंह के अलावा कई विपक्षी नेता मौजूद रहे।

बेरोजगारी, अग्निपथ योजना और किसानों से जुड़े मुद्दे

मानसून सत्र शुरू होने से पहले लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने पहले ही संसद के सदस्यों से कहा था कि मानसून सत्र में कुल 18 बैठकें होंगी और पूरा सत्र 108 घंटे का होगा। उन्होंने सदस्यों से आग्रह किया है कि सदन की शालीनता, गरिमा और अनुशासन को बनाए रखने में सहयोग करें। उधर, विपक्षी दलों ने पहले ही कह दिया है कि इस बार के मानसून सत्र में बेरोजगारी, अग्निपथ योजना और किसानों से जुड़े मुद्दों पर चर्चा होनी चाहिए।

तेलंगाना के मुख्यमंत्री चंद्रशेखर राव ने अपनी पार्टी तेलंगाना राष्ट्र समिति के सांसदों को तेलंगाना से जुड़े मुद्दों की सूची सौंपी है। सांसदों को सीएम केसीआर ने निर्देश दिया है कि वे इन मुद्दों को मानसून सत्र के दौरान सदन के दोनों सदनों में उठाएंगे। जिन मुद्दों की लिस्ट केसीआर ने सांसदों को सौंपी है, उनमें फंड न देने से लेकर बिजली और पानी के मुद्दे शामिल हैं।

मानसून सत्र में छाए रहेंगे ये मुद्दे

ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना के तहत धनराशि जारी किए जाने की मांग की जाएगी। अनाज संग्रह में समस्या को उठाया जाएगा। केंद्रीय वित्त विभाग की लंबित धनराशि जारी किए जाने की मांग की जाएगी। आंध्र प्रदेश विभाजन अधिनियम के तहत तेलंगाना के लंबित मुद्दे पर चर्चा होगी। कृष्णा नदी जल मुद्दा भी छाया रहेगा। विद्युत क्षेत्र के मुद्दे उठाए जाएंगे।

जीएसटी से संबंधित मुद्दे पर चर्चा होगी। छावनी सड़कों की समस्या का समाधान किए जाने की मांग की जाएगी। आदिलाबाद में सीमेंट उद्योग खोले जाने की मांग की जाएगी। हैदराबाद में केंद्र सरकार के संस्थानों की भूमि राज्य को दिए जाने की मांग होगी। आदिम जाति कल्याण छात्रवृत्तियां जारी करने की मांग की जाएगी।

तेलंगाना में तत्काल केंद्रीय शैक्षणिक संस्थान स्थापित किए जाने की मांग की जाएगी। एसटी, बीसी और अल्पसंख्यकों के लिए आरक्षण में वृद्धि की अनुमति मांगी जाएगी। क्षेत्रीय रिंग रोड अधिसूचना जारी करने की मांग की जाएगी। केंद्रीय अधिकार क्षेत्र के अंतर्गत हथकरघा और कपड़ा उद्योग की समस्याओं के समाधान की मांग की जाएगी।

खास रहने वाला है संसद का यह सत्र

संसद का मानसून सत्र खास रहने वाला है। क्योंकि 18 जुलाई को राष्ट्रपति का चुनाव होना है और 6 अगस्त को उपराष्ट्रपति पद के लिए चुनाव कराया जाएगा। सरकार लोकसभा में दो दर्जन नए विधेयक पेश करेगी। इसमें वन संरक्षण संशोधन विधेयक, ऊर्जा संरक्षण संशोधन विधेयक, परिवार अदालत संशोधन विधेयक, राष्ट्रीय रेल परिवहन संस्थान को गतिशक्ति विश्वविद्यालय में परिवर्तित करने संबंधी विधेयक शामिल हैं।

लोकसभा सचिवालय की ओर से जारी बुलेटिन के अनुसार, सत्र के दौरान सरकार 24 नए विधेयकों के अलावा चार ऐसे विधेयक भी पेश करेगी, जिस पर संसद की स्थायी समितियों ने विचार किया है। इसमें बताया गया है कि सत्र के दौरान भारतीय अंटार्कटिक विधेयक 2022 फिर से पेश किया जाएगा। पहले, इस विधेयक को एक अप्रैल 2022 को पेश किया गया था।

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