ashok kumar verma
विशेष संवाददाता, मोतिहारी। Motihari news :
जमीन के कारोबारी से 18 लाख रुपये की दलाली खाने वाले पूर्व फोटोग्राफर अशोक कुमार वर्मा की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं। राजफाश होने के बाद रंगीनमिजाजी अशोक कुमार वर्मा की दिमागी हालत बिगड़ गई है। वह उटपटांग हरकत करने लगे हैं। डॉक्टरों ने उन्हें तुरंत मानसिक इलाज की सलाह दी है। उनकी मानसिक स्थिति इतनी खराब हो चुकी है कि वह हर किसी को पागल कहने लगे हैं। बताते चलें कि हाल ही में वह अपने बड़े पुत्र व राष्ट्रीय पत्रकार ओम वर्मा को फर्जी केस में जेल भिजवाने के लिए थाना—थाना घूम रहे थे। इस पर उन्हें जिला पुलिस प्रशासन ने जमकर फटकार लगाई और उन्हें कार्रवाई की चेतावनी दी।
प्रशासन ने चेताया
Motihari news : हर जगह से भगाए जाने के बाद वह अंत में मोतिहारी के भाजपा विधायक प्रमोद कुमार के पास पहुंच गए। प्रमोद कुमार ने भी उन्हें फटकार लगाते हुए अपने यहां से भगा दिया। वहीं दूसरी ओर, जिस जमीन के कारोबारी से उन्होंने 18 लाख रुपये लिए थे, उन्होंने भी इंफोपोस्ट का समाचार पढ़ने के बाद अपना पैसा वापस मांग दिया है। वहीं प्रशासनिक अधिकारियों, भाजपा, जेडीयू और बिहार सरकार के एक मंत्री का कहना है कि अगर अशोक कुमार वर्मा ने दोबारा प्रशासन को गुमराह कर राष्ट्रीय पत्रकार को प्रताड़ित करने की कोशिश की तो उन पर भारतीय दंड संहिता के तहत कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
रंगीन मिजाजी हैं अशोक वर्मा
उल्लेखनीय है कि बिहार के मोतिहारी शहर के मिस्कौट मोहल्ला में अशोक कुमार वर्मा रहते हैं। पूर्व में वह फोटोग्राफर का काम करते थे। इस वक्त वह जमीन की दलाली और पतौरा गांव में औरतों को बैठाकर प्रवचन पढ़ते हैंं। इनकी रंगीन मिजाजी को देखते हुए मिस्कौट मोहल्ला और पतौरा गांव के लोगों ने अपनी घर की औरतों और बहन—बेटियों को अशोक कुमार वर्मा के आसपास भेजने की सख्त मनाही कर दी है। अशोक कुमार वर्मा के दो पुत्र हैं। प्रथम ओम वर्मा, जो पत्रकारिता और जनसंचार में पोस्ट ग्रेजुएट हैं। वह राष्ट्रीय न्यूज पोर्टल में संपादक हैं। इससे पहले वह दैनिक जागरण, दिल्ली—एनसीआर में संपादक रह चुके हैं। कई टीवी चैनलों के पैनलिस्ट हैं।
दूसरा पुत्र सिद्धार्थ कुमार वर्मा बेरोजगार है। उनका आपराधिक इतिहास रहा है। सिद्धार्थ कुमार वर्मा और अशोक कुमार वर्मा मिलकर लगातार ओम वर्मा से मारपीट कर रहे हैं। बटवारे में मिली संपत्ति का पजेशन नहीं दे रहे हैं और ना ही म्युटेशन करवा रहे हैं। उल्टा वह ओम वर्मा से लगातार रंगदारी मांगते हैं। ओम वर्मा उनको दो हजार रुपये प्रति माह दे रहे हैं। करीब डेढ़ वर्ष पूर्व अशोक कुमार वर्मा और सिद्धार्थ कुमार वर्मा ने ओम वर्मा के घर में डकैती डाली थी। बाहरी गुंडों को बुलाकर उन पर जानलेवा हमला कर दिया था। बचाव में आई ओम वर्मा की पत्नी आरती वर्मा का मारकर पैर तोड़ दिया था। साथ ही पुत्र अक्षत का सिर फोड़ दिया था।
पुलिस ने लिया था हिरासत में
Motihari news : इस मामले में टाउन थाना की पुलिस ने सिद्धार्थ कुमार वर्मा को हिरासत में लिया था। उसे जेल भेजा जा रहा था लेकिन तब सिद्धार्थ ने अपने बड़े भाई ओम वर्मा से पैर पकड़ कर माफी मांग ली और जेल नहीं भेजने के लिए गिड़गिड़ाने लगा। साथ ही डकैती का पैसा और भविष्य में कोई मारपीट नहीं करने का आश्वासन दिया। बटवारे में ओम वर्मा को मिली संपत्ति के पजेशन में कोई परेशानी नहीं खड़ी करने का आश्वासन दिया। तब जाकर ओम वर्मा ने उसे माफ किया। लेकिन यह सब उस समय जेल से बचने के लिए चाल थी।
सरकारी जमीन नाप कर दे रहे
अब ओम वर्मा को पतौरा के पछारी टोला में मिले हिस्से पर अशोक कुमार वर्मा और सिद्धार्थ कुमार वर्मा पजेशन नहीं लेने दे रहे हैं। वह दोनों अपनी अपनी संपत्ति पर काबिज हैं लेकिन ओम वर्मा को उनकी संपत्ति पर काबिज नहीं होने दे रहे हैं। इस मामले में मुफ्फसील थाना ने दोनों को फटकार लगाई तो वे नापी करने को तैयार हुए लेकिन वे लोग ओम वर्मा को सरकारी नहर की जमीन नाप कर दे रहे थे। ओम वर्मा ने सरकारी जमीन लेने से इन्कार करते हुए अपने हक की जमीन मांगी तो उन लोगों ने ओम वर्मा को मारपीट कर भगा दिया। कहा कि जितना दे रहे हैं उतना ले लो नहीं तो ये भी नहीं देंगे और तुमको मारकर यहीं गाड़ देंगे।
पुलिस ने अशोक वर्मा को लगाई लताड़
Motihari news : ओम वर्मा ने इसका विरोध किया तो अशोक कुमार वर्मा कभी मुफ्फसील तो कभी टाउन थाना जाकर ओम वर्मा को फर्जी केस में जेल भेजने का दबाव बना रहे हैं। इनकी हरकतों से आजिज होकर पुलिस प्रशासन ने अशोक कुमार वर्मा को जमकर फटकार लगाई है। कहा कि अबकी बार आप ही पर केस कर देंगे। हर जगह से फटकार मिलने के बाद अशोक कुमार वर्मा की मानसिक हालत बिगड़ गई है। वह उटपटांग हरकत करने लगे हैं। वह थाना पुलिस को पागल बताने लगे हैं। कह रहे हैं कि सब पागल हो गया है। उनकी इस हरकत पर लोग उनसे बचने लगे हैं। इस मामले में ओम वर्मा ने कहा कि माना कि उनके पिता असामाजिक तत्व हैं और अब उनकी मानसिक हालत बिगड़ गई है तो भी वह उनका बेहतर अस्पताल में इलाज करवाएंगे।
राष्ट्रीय महिला आयोग की कार्रवाही शुरू
ओम वर्मा की पत्नी आरती से मारपीट कर उनका पैर तोड़ने और पुत्र अक्षत पर कुर्सी चला कर सिर फोड़ने के मामले में राष्ट्रीय महिला आयोग ने अपनी कार्यवाही तेज कर दी है। यह मामला दो वर्ष से लंबित था। महिला आयोग ने नए सिरे से आरती वर्मा का बयान दर्ज किया है। साथ ही तत्कालीन पुलिस अधिकारियों के भी बयान दर्ज कर लिए हैं। पुत्र अक्षत ने भी दिल्ली में महिला आयोग के समक्ष प्रस्तुत होकर अपना बयान दर्ज कराया है।


