नई दिल्ली। इंडिया आइडिया समिट में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कोरोना संकट के बाद बदले हालात में भारत में निवेश अवसरों का खाका पेश किया और कहा कि वैश्विक आर्थिक लचीलापन मजबूत घरेलू आर्थिक क्षमताओं के जरिये प्राप्त किया जा सकता है। दरअसल, भारत पिछले कुछ दिनों में बदले अंतरराष्ट्रीय राजनीतिक परिदृश्य में चीन के खिलाफ उंगली उठाने वाले मुल्कों को व्यापक आर्थिक साझेदारी के लिए आकर्षित करने में जुटा है।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!वह ‘इंडिया आइडियाज सम्मेलन’ को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि आत्मानिभर भारत योजना के जरिये एक समृद्ध विश्व के निर्माण में योगदान दिया जा रहा है। इसके लिए सभी की भागीदारी की जरूरत है। ‘यूएस-इंडिया बिजनेस काउंसिल’ की ओर से इस सम्मेलन का आयोजन काउंसिल के गठन के 45 वर्ष पूरे होने पर किया गया है।
यूएस-इंडिया बिजनेस काउंसिल का गठन 1975 में भारत और अमेरिका के निजी क्षेत्रों को निवेश के प्रवाह को बढ़ाने और प्रोत्साहित करने के लिए एक व्यावसायिक एडवोकेसी करने वाले संगठन के रूप में किया गया था। काउंसिल व्यापार और सरकार के नेताओं के बीच सीधा संबंध बनाने का काम करती है।
पीएम मोदी ने कहा कि भारत अवसरों की भूमि के रूप में उभर रहा है। टेक सेक्टर का एक उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा, हाल ही में एक रोचक रिपोर्ट सामने आई थी। इसमें कहा गया था कि पहली बार भारत में ग्रामीण इंटरनेट यूजर्स की संख्या शहरी इंटरनेट यूजर्स से ज्यादा हुई है। इसलिए आज भारत को लेकर पूरी दुनिया आशावादी है। ऐसा इसलिए है क्योंकि भारत खुलेपन, अवसरों और तकनीक का बेहतरीन संगम उपलब्ध कराता है।
पीएम मोदी ने हेल्थकेयर में निवेश के लिए दुनिया भर के निवेशकों को आमंत्रित किया और कहा कि भारत में हेल्थकेयर सेक्टर हर साल 22 फीसदी से भी ज्यादा विकसित हो रहा है। हमारी कंपनियां मेडिकल-टेक्नोलॉजी, टेलीमेडिसिन और डायग्नोस्टिक्स के उत्पादन में भी प्रगति कर रही हैं। सिविल एविएशन (नागरिक उड्डयन) बेहतर विकास की संभावनाओं वाला एक और क्षेत्र है। अगले आठ सालों में हवाई यात्रियों की संख्या दोगुनी होने की उम्मीद है।
उन्होंने रक्षा और अंतरिक्ष के क्षेत्र में निवेश के लिए निवेशकों को आमंत्रित किया और कहा, ‘भारत आपको रक्षा और अंतरिक्ष में निवेश के लिए आमंत्रित करता है। हम रक्षा क्षेत्र में निवेश के लिए प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीए) पूंजी को 74 फीसदी तक बढ़ा रहे हैं। हमने रक्षा उपकरणों का उत्पादन प्रोत्साहित करने के लिए दो रक्षा गलियारों की स्थापना की है।’
प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत एनर्जी सेक्टर में निवेश करने के लिए आमंत्रित करता है। भारत खुद को गैस बेस्ड इकॉनमी में बदल रहा है। इस क्षेत्र में अमेरिका की कंपनियों के लिए काफी अवसर होंगे। भारत में इन्फ्रास्ट्रक्चर सेक्टर में निवेश लाभदायक है, क्योंकि भारत में अब तक का सबसे बड़ा इन्फ्रास्टक्चर निर्माण चल रहा है।
उन्होंने कहा कि फाइनेंस और बीमा सेक्टर में भी निवेश किया जा सकता है, क्योंकि इंश्योरेंस सेक्टर में हमने 100 फीसदी FDI को मंजूरी दी है। किसानों की मेहनत में निवेश करने के लिए भारत अच्छा विकल्प है।


