नोएडा। लॉकडाउन के कारण जिस प्रकार कारोबार प्रभावित हुआ है, उसी प्रकार लोगों को नौकरियां भी गंवानी पड़ी हैं। सरकार को भी लगातार राजस्व का नुकसान झेलना पड़ रहा है। ऐसे में यह जरूरी हो गया है कि कुछ ऐसा किया जाए कि कारोबार को रफ्तार मिल सके।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!नोएडा के सेक्टर-151ए में प्रस्तावित हेलीपोर्ट पर्यटन को ही नहीं, कारोबार को भी रफ्तार देगा। प्राधिकरण ने योजना को आगे बढ़ाते हुए इसकी रूपरेखा तैयार करने का जिम्मा केंद्र सरकार के उपक्रम राइट्स लिमिटेड को सौंपा है।
बृहस्पतिवार को प्राधिकरण के सेक्टर-6 स्थित प्रशासनिक कार्यालय में सीईओ रितु माहेश्वरी की उपस्थिति में एमओयू पर साइन किया गया। राइट्स लिमिटेड के एयरपोर्ट डिवीजन के कार्यकारी निदेशक राकेश कपूर इस मौके पर मौजूद रहे।
आठ महीने में इस महत्वाकांक्षी परियोजना की डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट (डीपीआर), फिजिबिलिटी रिपोर्ट, डिजाइन तैयार करने से लेकर इसे बनाने के लिए एजेंसी का चयन कर लिया जाएगा। तकनीकी परामर्श के लिए 1 करोड़ 69 लाख 10 हजार का भुगतान राइट्स को किया जाएगा।
प्राधिकरण के महाप्रबंधक राजीव त्यागी ने बताया कि जेवर में एयरपोर्ट और नोएडा में हेलीपोर्ट गौतमबुद्ध नगर जिले को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाएगा। जेवर एयरपोर्ट, सेक्टर-151ए में अंतरराष्ट्रीय स्तर का गोल्फ कोर्स, हैबीटेट सेंटर जैसी परियोजनाओं पर काम चल रहा है। ऐसे में आने वाले समय में नोएडा का महत्व और ज्यादा बढ़ने वाला है।
शहर की जरूरत को ध्यान में रख कर प्राधिकरण की 197वीं बोर्ड बैठक में हेलीपोर्ट योजना को मंजूरी दी गई थी। एनसीआर का यह पहला हेलीपोर्ट होगा। इसकी सुविधा राजधानी दिल्ली में ही है। नोएडा में हेलीपोर्ट बनने के बाद देश-विदेश से आने वाले मेहमान ट्रैफिक जाम में फंसे बिना बिना समय गंवाए अपने कारोबार या अन्य किसी सिलसिले में नोएडा से आ जा सकेंगे।
फाइव स्टार होटल की सुविधाओं से लैस गोल्फ कोर्स व रिसोर्ट भी हेलीपैड से लगता होगा।महाप्रबंधक ने बताया कि पहले चरण में कार्यस्थल का अध्ययन व परीक्षण किया जाएगा। दूसरे चरण में परियोजना की तकनीकी फिजिबिलिटी और डीपीआर बनेगी। तीसरे चरण में परियोजना के पर्यावरण पर पड़ने वाले प्रभाव का अध्ययन किया जाएगा और चौथे चरण में ट्रांजेक्शन एडवाइजरी जारी होगी।
रूपरेखा की बात करें तो 500 वर्ग मीटर में टर्मिनल बिल्डिंग का निर्माण होगा। एमआई-172 हेलीकाप्टर लैंड कराने की सुविधा होगी। एक समय में 20 यात्रियों के आने-जाने की सुविधा उपलब्ध होगी। हेलीकॉप्टर मेंटेनेंस रिपेयर एवं ओवर हॉलिंग की व्यवस्था की जाएगी। हेलीपोर्ट पर 3 हेलीकॉप्टर की पार्किंग की जा सकेगी।


