Skip to content
Primary Menu
  • Home
  • ख़ास ख़बर
  • आलेख
    • सत्ता की सियासत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • राष्ट्रीय
  • दिल्ली एनसीआर
  • राज्यों से …
  • कारोबार
  • साहित्य
  • संस्कार
  • तकनीक
  • मनोरंजन
  • स्वास्थ्य
  • शिक्षा
  • खेल
Logo300

INFOPOST NEWS

The power of information

July 23, 2026

Connect with Us

  • Home
  • ख़ास ख़बर
  • आलेख
    • सत्ता की सियासत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • राष्ट्रीय
  • दिल्ली एनसीआर
  • राज्यों से …
  • कारोबार
  • साहित्य
  • संस्कार
  • तकनीक
  • मनोरंजन
  • स्वास्थ्य
  • शिक्षा
  • खेल

Categories

  • INFOPOST PDF
  • sports
  • Uncategorized
  • अंतरराष्ट्रीय
  • आलेख
  • कारोबार
  • ख़ास ख़बर
  • तकनीक
  • दिल्ली एनसीआर
  • बोलती तस्वीरें
  • मनोरंजन
  • राज्यों से …
  • राष्ट्रीय
  • शिक्षा
  • सत्ता की सियासत
  • संस्कार
  • साहित्य
  • स्वास्थ्य
An error has occurred, which probably means the feed is down. Try again later.

  • ख़ास ख़बर
  • सत्ता की सियासत

Inflation worried: मुख्य धारा के मीडिया को महंगाई की फिक्र क्यों?

April 23, 2022
Inflation worried

Inflation worried: जनविरोधी नीतियों की जुगाली करने वाला मुख्य धारा का मीडिया भी देश में बढ़ती महंगाई से फिक्रमंद है। अंजना ओम कश्यप का तेवर देखने के बाद प्रिंट मीडिया भी उन्हीं के सुर में सुर मिलाने लगा है।

Inflation worried: दैनिक जागरण के विमर्श पेज पर छपा महंगाई पर आलेख

श्रीकांत सिंह

Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!

Inflation worried: जब अपने पर बन आती है तो गोदी मीडिया भी सरकार की गोद से उतर कर जमीन पर खड़ा हो जाता है। क्योंकि गोदी मीडिया में भी आखिर मध्यम वर्ग के ही लोग काम करते हैं। उस मध्यम वर्ग के लोग जिनकी वाट लगाने में सरकारी नीतियां कोई कोर कसर नहीं छोड़ रही हैं। शायद यही वजह है कि गलत संदर्भों के लिए कुख्यात अंजना ओम कश्यप भी महंगाई के खिलाफ मुखर होने की शुरुआत करने को मजबूर हो गईं।

दैनिक जागरण ने आज अपने विमर्श पेज पर महंगाई पर चिंता जताने वाला ऋतुपर्ण दवे का एक आलेख प्रकाशित किया है। शीर्षक है, महंगाई की मार, जनता बेजार। इस आलेख में बताया गया है कि महंगाई की समस्या से पल्ला झाड़ने के लिए उसे कभी विकास के पैमाने से जोड़ दिया जाता है, तो कभी उसे महामारी या युद्ध के मत्थे मढ़ दिया जाता है।

दरअसल, कभी भी सरकार की योजनाओं में मध्यम वर्ग को प्राथमिकता नहीं दी जाती। यह एक ऐसा वर्ग है जो एक ओर महंगाई झेलता है, तो दूसरी ओर उसे महामारी का भी खामियाजा भुगतना पड़ता है। उसी के टैक्स के पैसे से निम्न वर्ग को मुफ्त की सुविधाएं मुहैया कराई जाती हैं। किसी ने सवाल पूछ लिया तो उसे देशद्रोही करार दे दिया जाता है।

मध्यम वर्ग के दुखों का अंत नहीं

पिछले 11 अप्रैल को सरकार ने जो आंकड़ा जारी किया उसी के मुताबिक, मार्च 2022 में खुदरा महंगाई दर फरवरी 2022 की तुलना में पिछले 16 महीनों के उच्चतम स्तर 6.95 प्रतिशत पर पहुंच गई। फरवरी 2022 में यही दर 6.07 प्रतिशत थी। पेट्रोल और डीजल के दाम 10 रुपये बढ़ जाने से उसका असर माल भाड़े पर पड़ा, जो 15 से 20 रुपये तक बढ़ गया। तभी तो मार्च में खाने पीने की वस्तुओं के दामों में 7.68 प्रतिशत की तेजी देखी गई।

महंगाई का सबसे ज्यादा असर मध्यम वर्ग की थाली पर नजर आ रहा है। नींबू तक के दाम उन्मुक्त छलांग लगा रहे हैं। कमोबेश यही हाल सब्जी, फल, दूध और अन्य जरूरी खाद्य सामाग्रियों का भी है। जिस मध्यम वर्ग की गाढ़ी कमाई से कमजोर तबके के लोगों को मुफ्त में मकान बांटे जा रहे हैं, उसी मध्यम वर्ग के लिए अपना मकान बनाना कठिन हो गया है। क्योंकि सरिया की कीमतों में भी उछाल देखा जा रहा है। सीमेंट के दाम 15 से 20 रुपये प्रति बोरी बढ़ गए हैं। महंगाई के मामले में ईंट भी उछाल भर कर मध्यम वर्ग का सिर तोड़ रही है।

कहते हैं लोग, हम कहां जाएंगे और क्या कर पाएंगे?

कन्हैया कुमार कहते हैं, खुद सरकारी आंकड़े बता रहे हैं कि 45 वर्षों में बेरोजगारी सबसे ज्यादा बढ़ी है। महंगाई तीन सौ फीसदी बढ़ चुकी है। जबकि सैलरी और आय की बढ़ोतरी पर रोक सी लग गई है। छोटा मोटा रोजगार करने वाले लोग तो तबाह हो चुके हैं।

मध्यम वर्ग की आय का एकमात्र स्रोत नौकरी है। लेकिन एक एक विभाग में पिछले पांच वर्षों से भर्तियां बंद हैं। सेना की भर्ती बंद है। रेलवे की भर्ती बंद है। एसएससी की भर्ती बंद है। लोगों के पास कोई नौकरी नहीं है। इन बुनियादी सवालों से बचने के लिए लोगों को लगातार जाति और धर्म में बांटा जा रहा है।

हालत यह है कि नारा देश का लगाया जाता है और तिजोरी दोस्त की भरी जाती है। तो संपन्न लोगों को खैरात और विपन्न लोगों को मुफ्त की सौगात। ऐसे में कहां जाए मध्यम वर्ग? यह सोचने वाली बात है। इस पर आप क्या सोचते हैं, कमेंट के जरिये हमें बता सकते हैं।

 

About Author

See author's posts

Post navigation

Previous: upnews: योगी के मंत्री ने कहा, देश का सबसे बड़ा औद्योगिक प्रदेश बनेगा यूपी
Next: Sugarcane Farmer: ब्याजमुक्त ऋण पर मिलेगा कीटनाशक

Related Stories

Rajiv Narayan's prediction
  • ख़ास ख़बर
  • राष्ट्रीय

Rajiv Narayan’s prediction: ज्योतिषीय भविष्यवाणी से गरमाई राजनीतिक बहस

infopost July 20, 2026 0
Sonam Wangchuk Episode
  • ख़ास ख़बर
  • राष्ट्रीय

Sonam Wangchuk Episode: पुलिस कार्रवाई ने तेज की राजनीतिक बहस

infopost July 19, 2026 0
Sonam Wangchuk
  • ख़ास ख़बर
  • राष्ट्रीय

Sonam Wangchuk: लोकतांत्रिक आंदोलन को दबाने की कोशिश!

infopost July 18, 2026 0

Copyright © All rights reserved. | MoreNews by AF themes.