Hindi Fortnight: ‘हिंदी पखवाड़ा’ के अवसर पर विभिन्न स्कूलों के दसवीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षाओं में हिंदी विषय के 21 मेधावी छात्र-छात्राओं को प्रशस्ति पत्र, मेडल, प्रतीक चिन्ह और उपहार भेंट किए गए।
Hindi Fortnight: धन के लिए हिंदी को साधन बनाना चंचल को स्वीकार नहीं
श्रीकांत सिंह
Hindi Fortnight: ‘शब्दावली दर्पण न्यूज़’ और आर डब्ल्यू ए सेक्टर 52 नोएडा के संयुक्त बैनर तले ‘हिंदी पखवाड़ा’ के अवसर पर “साहित्य पथ पर काव्य रथ” की कड़ी में भारत सरकार से सम्मानित कवि, लेखक, पूर्व राजपत्रित अधिकारी और सामाजिक चेतना के जनवादी लेखक, कवि पंडित साहित्य चंचल ‘साधक’ की पुस्तक बाल गीत “बाल-शब्दावली” का विमोचन कम्युनिटी सेंटर सेक्टर 52 नोएडा में किया गया।
इस अवसर पर राष्ट्रीय कवि सम्मेलन का भी आयोजन किया गया। हिंदी के प्रचार प्रसार के उद्देश्य से हिंदी के मेधावी छात्रों को “हिंदी बाल प्रतिभा सम्मान” और “हिंदी पत्रकारिता सम्मान” को भी कार्यक्रम में स्थान दिया गया। आयोजन में विभिन्न स्कूलों के दसवीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षाओं में हिंदी विषय के 21 मेधावी छात्र-छात्राओं को प्रशस्ति पत्र, मेडल, प्रतीक चिन्ह और उपहार भेंट किए गए।
कवियों ने रचनाओं से लोगों का मन मोह लिया

कार्यक्रम के आयोजक, संयोजक पंडित साहित्य कुमार चंचल, कार्यक्रम अध्यक्ष जे पी रावत, पदमश्री से सम्मानित साहित्यकार प्रोफेसर अशोक चक्रधर, कार्यक्रम के मुख्य अतिथि पूर्व मंत्री और सांसद डी पी यादव, अति विशिष्ट अतिथि पूर्व मंत्री और सांसद डॉक्टर महेश शर्मा, विशिष्ट अतिथि गण पूर्व मंत्री मदन चौहान, एम एल सी श्रीचंद शर्मा, पूर्व विधायक सत्यवीर सिंह गुर्जर के कर कमलों से सम्मान प्रदान किए गए।
राष्ट्रीय कवि सम्मेलन में देश के तीन दर्जन कवियों ने अपनी रचनाओं से लोगों का मन मोह लिया। हिंदी पखवाड़ा पर आयोजित इस भव्य कार्यक्रम में पंडित साहित्य कुमार चंचल ‘साधक’ की नैतिक शिक्षा पर आधारित बाल दीक्षा से पूर्ण बाल गीत पुस्तक “बाल-शब्दावली” का लोकार्पण विशेष आकर्षण का केंद्र रहा। कार्यक्रम का शुभारंभ गाजियाबाद से पधारी कवयित्री दीपिका वल्दिया की सरस्वती वंदना से हुआ। कार्यक्रम की अध्यक्षता मथुरा के वरिष्ठ साहित्यकार जयप्रकाश रावत ने की। कुशल संचालन भारत सरकार के पूर्व राजपत्रित अधिकारी किशोर श्रीवास्तव एवं अर्चना सिंह ने संयुक्त रूप से किया।
ऐतिहासिक साहित्यिक आयोजन की सराहना

क्षेत्र के लगभग दो दर्जन गणमान्य लोगों की विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थिति के साथ खचाखच भरे हाल में लगभग ढाई सौ लोगों की मौजूदगी इस भव्य आयोजन की सफलता एवं विशेषता की गवाही दे रही थी। जनपद के इस भव्य ऐतिहासिक साहित्यिक आयोजन की सराहना अति महत्वपूर्ण विशिष्ट अतिथि पदमश्री प्रोफेसर अशोक चक्रधर ने की। मुख्य अतिथि पूर्व मंत्री और सांसद डी पी यादव, अति विशिष्ट अतिथि पूर्व मंत्री एवं सांसद डॉक्टर महेश शर्मा और विशिष्ट अतिथि पूर्व मंत्री मदन चौहान ने अपने वक्तव्य में साहित्य चंचल ‘साधक’ के इस कार्यक्रम को एक ऐतिहासिक साहित्यिक आयोजन बताते हुए साहित्य के प्रति अद्वितीय समर्पण करार दिया।
मुख्य अतिथि डी पी यादव ने कार्यक्रम के आयोजन को साहित्य चंचल ‘साधक’ का हिंदी भाषा के प्रचार प्रसार का मिशन बताया। डॉक्टर महेश शर्मा ने यहां तक कहा कि हिंदी भाषा और हिंदी साहित्य के प्रचार प्रसार के लिए साहित्य चंचल ‘साधक’ के लंबे समय से निस्वार्थ भाव से किए जा रहे अद्वितीय और अद्भुत आयोजनों की तुलना अन्यत्र कहीं के भी कार्यक्रमों से नहीं की जा सकती है। उन्होंने कहा कि साहित्य चंचल हिंदी के मेधावी छात्रों को सम्मानित और प्रोत्साहित कर हिंदी के प्रचार प्रसार का एक उदाहरण बनते जा रहे हैं।
साहित्य जगत में एक मिसाल कायम

पूर्व मंत्री मदन चौहान ने श्री चंचल के हिंदी भाषा के प्रति इस तरह के प्रेम को कवि धर्म का पालन एवं अतुलनीय कार्य बताते हुए बधाई दी। वैसे तो पंडित साहित्य चंचल ‘साधक’ पिछले 25 वर्षों से ‘साहित्य वेलफेयर कल्चरल एंड स्पोर्ट्स फेडरेशन’ और ‘राष्ट्रीय कवि पंचायत मंच’ के माध्यम से हिंदी प्रचार प्रसार में लगे हैं, लेकिन इस बार के विशेष आयोजन के माध्यम से हिंदी के नाम पर पैसा कमाने वाले तथाकथित कवियों और आयोजकों को आईना भी दिखाया है।
Hindi Fortnight: गौरतलब है कि पंडित साहित्य चंचल ‘साधक’ हमेशा निस्वार्थ भाव से अपना कर्म मानते हुए हिंदी भाषा को मां और हिंदी साहित्य को पिता तुल्य बताते हुए हिंदी साहित्य की सेवा और साधना में लीन रहते हैं। उन्होंने साहित्य जगत में एक मिसाल कायम की है। भविष्य में भी श्री चंचल ने हिंदी के प्रति अनवरत रूप से यही समर्पण और साधना की प्रतिबद्धता जताई है।


