Greater Noida STP Action: ग्रेटर नोएडा में पर्यावरण नियमों का उल्लंघन। STP बंद रखने पर 202 सोसायटियों को नोटिस, 27 लाख का जुर्माना, प्राधिकरण की सख्त कार्रवाई।
Greater Noida STP Action: STP न चलाने पर 202 को नोटिस, 27 लाख का जुर्माना
इंफोपोस्ट न्यूजडेस्क/ग्रेटर नोएडा/Greater Noida STP Action
ग्रेटर नोएडा में पर्यावरण संरक्षण को लेकर प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया गया है। ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण (GNIDA) ने 202 बिल्डरों और आवासीय सोसायटियों को नोटिस जारी कर कुल 27 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है। इन सोसायटियों पर आरोप है कि वे सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (STP) को चालू नहीं रख रही थीं, जिससे जल प्रदूषण और पर्यावरण को गंभीर नुकसान हो रहा था।
क्यों की गई यह कार्रवाई?
Greater Noida STP Action: प्राधिकरण द्वारा कराए गए निरीक्षण में यह सामने आया कि कई सोसायटियों में STP पूरी तरह बंद पाए गए। कुछ जगह STP खराब हालत में थे। बिना शोधन के सीवेज नालों में छोड़ा जा रहा था। यह NGT और पर्यावरण नियमों का सीधा उल्लंघन है।
जांच टीम ने पाया कि कई बिल्डर बिजली और मेंटेनेंस का खर्च बचाने के लिए जानबूझ कर STP बंद रखते हैं। इससे आसपास के इलाकों में बदबू, जल प्रदूषण और स्वास्थ्य समस्याएं बढ़ रही थीं।
202 सोसायटियों को नोटिस, तय समय में जवाब मांगा
GNIDA ने सभी 202 सोसायटियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। साथ ही प्रत्येक सोसायटी पर जुर्माना भी लगाया गया है। सोसायटियों को निर्देश दिए गए हैं कि तय समय में STP चालू करें। संचालन की रिपोर्ट और सबूत जमा करें।
प्राधिकरण ने स्पष्ट किया है कि अगर सुधार नहीं हुआ तो भारी जुर्माना लगाया जाएगा। पानी और सीवर कनेक्शन भी काट दिया जाएगा। जरूरत पड़ी तो कानूनी कार्रवाई भी की जाएगी।
जैसे कदम उठाए जाएंगे।
पर्यावरण और भूजल को हो रहा था नुकसान
पर्यावरण विशेषज्ञों के मुताबिक बिना ट्रीट किया गया सीवेज भूजल को जहरीला बनाता है। नालों और जल स्रोतों को प्रदूषित करता है और बीमारियों का कारण बनता है। STP ठीक से चलने पर वही पानी पार्क, फ्लश और निर्माण कार्य में इस्तेमाल किया जा सकता है।
Greater Noida STP Action: शहर के लोगों और पर्यावरण कार्यकर्ताओं ने इस कार्रवाई का स्वगत किया है। उनका कहना है कि लंबे समय से बिल्डरों की लापरवाही चल रही थी। इसलिए प्रशासन का यह कदम जरूरी था।
आगे भी जारी रहेगा अभियान
GNIDA ने संकेत दिए हैं कि आने वाले समय में और सोसायटियों की जांच होगी। पर्यावरण नियमों को सख्ती से लागू किया जाएगा। ग्रेटर नोएडा में STP न चलाने पर 202 सोसायटियों पर हुई यह कार्रवाई पर्यावरण संरक्षण की दिशा में बड़ा कदम है। यह साफ संकेत है कि अब प्रदूषण फैलाने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।


