Golden Bird: भारत को सोने की चिड़िया कहा जाता रहा है। इसका सांकेतिक मतलब यह होता है कि देश कभी धन धान्य से परिपूर्ण रहा है। हम अपने इसी गौरवपूर्ण इतिहास को आज भी याद करते हैं। उसी की स्मृति बनाए रखने के लिए खाटू श्याम दिल्ली धाम में एक सोने से बनी चिड़िया को स्थापित किया गया है, जो धाम की गरिमा को बढ़ा रही है। जानते हैं विस्तार से।
Golden Bird: कृष्ण भगवान की छठी पर धाम में आई सोने की चिड़िया
इंफोपोस्ट न्यूज
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!Golden Bird: ऋषियों मुनियों की महान विचारधारा और आध्यात्मिक जीवन शैली ने भारत को विश्वगुरु के रूप में स्थापित किया था। जो ज्ञान का भंडार देश में है, वो समूचे विश्व को प्रभावित करता है। और इसलिए विश्व गुरु कहलाता है। भारतीय संस्कृति और वैभव को देख कर ही भारत को सोने की चिड़िया कहा जाता था, जो कही गुम हो गई थी। वही चिड़िया वापस आ गई है खाटू श्याम दिल्ली धाम मंदिर में। यह कहना था राष्ट्रीय अध्यक्ष घनश्याम गुप्ता जावेरी का।
घनश्याम गुप्ता ने कहा, आज हमें बहुत ख़ुशी हो रही है कि कृष्ण भगवान की छठी के अवसर पर शुद्ध ठोस सोने की चिड़िया को मंदिर में स्थापित किया गया है। यह स्थापना 500 महिलाओं के द्वारा की गई और भगवान को भोग लगाया गया।
भारत को फिर सोने की चिड़िया बनते देखना चाहते हैं लोग
इस अवसर पर राष्ट्रीय महामंत्री संजीव मित्तल, रमेश गुप्ता और पवन सिंघल ने कहा, सोने की चिड़िया की स्थापना करने का हमारा मकसद यह है कि हम भारत को पुनः सोने की चिड़िया बनते हुए देखना चाहते हैं। गिर नस्ल की गाय के शुद्ध गोबर से बनी व्यासपीठ से अखंड भागवत कथा का वाचन 24 घंटे 365 दिन चलाए रखने के कार्यक्रम का शुभारंभ भी होगा। इस प्रकार भागवत के ज्ञान से भारत विश्व गुरु बनेगा।
सत्य भूषण जैन ने कहा कि मंदिर की भव्यता को देखने काफी दूर दूर से लोग आ रहे हैं। राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष मधु गोपाल गोयल, नवीन गुप्ता और अनिल गुप्ता ने कहा, पश्चिमी सभ्यता की ओर अग्रसर हम और हमारे बच्चे शीघ्र भागवत के प्रचार से प्रेरित होकर दोबारा भारतीय संस्कृति और संस्कारों की ओर अग्रसर होंगे। भविष्य में होने वाले उत्सव के दौरान नगर अध्यक्ष एस एस अग्रवाल, सत्य भूषण जैन और सभी संस्थापक ट्रस्टी उपस्थित हुए।


