Skip to content
Primary Menu
  • Home
  • ख़ास ख़बर
  • आलेख
    • सत्ता की सियासत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • राष्ट्रीय
  • दिल्ली एनसीआर
  • राज्यों से …
  • कारोबार
  • साहित्य
  • संस्कार
  • तकनीक
  • मनोरंजन
  • स्वास्थ्य
  • शिक्षा
  • खेल
Logo300

INFOPOST NEWS

The power of information

September 2, 2026

Connect with Us

  • Home
  • ख़ास ख़बर
  • आलेख
    • सत्ता की सियासत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • राष्ट्रीय
  • दिल्ली एनसीआर
  • राज्यों से …
  • कारोबार
  • साहित्य
  • संस्कार
  • तकनीक
  • मनोरंजन
  • स्वास्थ्य
  • शिक्षा
  • खेल

Categories

  • INFOPOST PDF
  • sports
  • Uncategorized
  • अंतरराष्ट्रीय
  • आलेख
  • कारोबार
  • ख़ास ख़बर
  • तकनीक
  • दिल्ली एनसीआर
  • बोलती तस्वीरें
  • मनोरंजन
  • राज्यों से …
  • राष्ट्रीय
  • शिक्षा
  • सत्ता की सियासत
  • संस्कार
  • साहित्य
  • स्वास्थ्य
An error has occurred, which probably means the feed is down. Try again later.

  • ख़ास ख़बर
  • मनोरंजन

Facts Mistakes: दैनिक जागरण ने छापा भ्रष्टाचार में फंसे पूर्व लेखाधिकारी, लेकिन विभाग में ऐसा कोई पद ही नहीं

September 12, 2021
Facts Mistakes

Facts Mistakes: न्यू मीडिया पर अक्सर यह तोहमत लगाई जाती है कि वहां गलत तथ्यों पर आधारित खबरें होती हैं। और प्रिंट मीडिया तथ्यों की जांच करके ही खबरें छापता है। लेकिन ऐसा है नहीं।

Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!

Facts Mistakes: गलत तथ्यों के मामले में दैनिक जागरण नंबर वन

इंफोपोस्ट न्यूज

Facts Mistakes: तथ्यों की गलतियां करने के मामले में प्रिंट मीडिया दूध का धुला नहीं है। इस मामले में दैनिक जागरण पहले नंबर पर है।

चूक करते करते इस अखबार का विश्वास चुक जा रहा है। एक भयानक चूक के बारे में आपको पता ही होगा कि इस अखबार ने शीर्षक में बसपा सुप्रीमो मायावती के लिए कितने अपमानजनक शब्दों का प्रयोग किया था।

आरोपी का ही नाम गलत कर दिया

हमारा काम दैनिक जागरण की गलतियां गिनाना नहीं है। लेकिन जब अति गंभीर खबर में आरोपी और उसके पद का ही नाम गलत कर दिया जाता है तो यह चूक नहीं, गंभीर सामाजिक और न्यायिक अपराध है। खबर को पढ़ने में किसी को भी लग सकता है कि जागरण आरोपी का बचाव कर रहा है।

आज ही की बात है। दैनिक जागरण ने मेरठ से सहकारी समितियां और व पंचायतों से संबंधित विभाग की एक खबर प्रकाशित की है। शीर्षक है, भ्रष्टाचार में फंसे पूर्व लेखाधिकारी। शासन के निर्देश पर जांच शुरू।

अधिकारी का नाम भी गलत

बता दें कि विभाग में लेखाधिकारी कोई पद ही नहीं है। सही पद नाम है, उप मुख्य लेखा परीक्षा अधिकारी। यह पद नाम न तो इंट्रो में सही छपा है और न ही हेडिंग में। और तो और, अधिकारी का नाम ही गलत कर दिया गया है। अधिकारी का नाम छपा है सुरेंद्र सिंह।

जबकि सही नाम है सुरेंद्र पांडेय। दैनिक जागरण की यह कोई पहली तथ्यात्मक गलती नहीं है। ऐसी गलतियां करना दैनिक जागरण की आदत सी बन गई है। ज्यादा गलतियां गिनाने में खबर को अनावश्यक विस्तार मिल जाएगा।

क्या तथ्य को ठीक करके छापी जाएगी खबर?

उक्त खबर को लिखते समय न तो रिपोर्टर ने तथ्यों का क्रास चेक करना उचित समझा और न ही डेस्क पर कोई ज्ञान का परिचय दिया गया। ऐसी लापरवाही से दैनिक जागरण की बची खुची प्रतिष्ठा मिट्टी में मिल जा रही है।

उम्मीद की जानी चाहिए कि दैनिक जागरण प्रबंधन साफगोई दिखाएगा। और अपने पाठकों से माफी मांगते हुए सही त​थ्य पर आधारित खबर को दोबारा प्रकाशित करेगा।

About Author

See author's posts

Post navigation

Previous: Journalism Thing: क्या न्यूज पोर्टल में तब्दील हो रही है पत्रकारिता?
Next: Brainstorming: रवा राजपूत समाज ने लिया ओबीसी में शामिल होने का निर्णय

Related Stories

Ram Mandir Trust Controversy
  • ख़ास ख़बर
  • राष्ट्रीय

Ram Mandir Trust Controversy: राम मंदिर ट्रस्ट पर उठे सवाल

infopost June 27, 2026
Narendra Modi IVLP Program
  • ख़ास ख़बर
  • राष्ट्रीय

Narendra Modi IVLP Program: क्या 1993 का अमेरिकी कार्यक्रम आज भी खड़ा करता है सवाल?

infopost June 27, 2026
Global Diplomacy
  • अंतरराष्ट्रीय
  • ख़ास ख़बर

Global Diplomacy: ईरान-अमेरिका वार्ता के बाद बदले पश्चिम एशिया के समीकरण?

infopost June 26, 2026

Copyright © All rights reserved. | MoreNews by AF themes.