Discontent among youth: युवा छात्र दरोगा भर्ती परीक्षा में धांधली का विरोध कर रहे हैं। वे मामले की सीबीआई जांच चाहते हैं, लेकिन सरकार ने कुछ भी नहीं किया है। शायद यही वजह है कि उन्हें सड़क पर उतर कर प्रदर्शन करना पड़ रहा है।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!Discontent among youth: प्रयागराज के बालसन चौराहे पर घंटों चला युवाओं का प्रदर्शन
अंकित तिवारी
प्रयागराज, उत्तर प्रदेश। Discontent among youth: दरोगा भर्ती धांधली की सीबीआई जांच की मांग को लेकर सैकड़ों युवाओं ने बालसन चौराहे पर घंटों प्रदर्शन किया। युवा मंच के बैनर तले प्रदर्शन किया गया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन प्रशासन को सौंपा गया।
ज्ञापन में मांग की गई है कि यूपी एसआई 2021 आनलाइन परीक्षा में हुई अभूतपूर्व धांधली की समयबद्ध सीबीआई जांच हो। जांच में धांधली की पुष्टि होने पर पुनर्परीक्षा कराई जाए। भ्रष्टाचार में संलिप्त अधिकारियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाए। ताकि नकल माफिया पर अंकुश लगाया जा सके।
चयन प्रक्रिया को पारदर्शी और भ्रष्टाचार मुक्त बनाया जाए
चयन प्रक्रिया को पारदर्शी और भ्रष्टाचार मुक्त बनाया जाए और नकल माफिया पर प्रभावी ढंग से अंकुश लगाया जाए। संरक्षण देने वाले सफेदपोश लोगों के विरुद्ध कानूनी कदम उठाया जाए। प्रदर्शन का नेतृत्व युवा मंच अध्यक्ष अनिल सिंह ने किया।
उन्होंने कहा कि दरोगा भर्ती परीक्षा में धांधली से पहले के सभी रिकॉर्ड ध्वस्त कर दिए गए हैं। अभी तक जो पता चला है, उसके मुताबिक अभ्यर्थियों का आरोप है कि जिस तरह से अभ्यर्थी सफल हुए हैं, उससे साफ पता चलता है कि कैसे धांधली की गई होगी। क्योंकि 160 प्रश्नों में 140 से अधिक को हजारों ने हल कर दिया है।
आरोप गंभीर होने पर भी नहीं कराई गई कोई जांच
प्रश्नों के स्तर को देखते हुए ऐसा मुमकिन ही नहीं है। ऐसे अनगिनत अभ्यर्थी हैं जिनके शैक्षणिक रिकॉर्ड से लेकर अन्य परीक्षाओं में बेहद औसत दर्जे के मार्क्स हैं, लेकिन इस परीक्षा में वही शीर्ष पर काबिज हैं।
इतने गंभीर आरोपों की सरकार अथवा पुलिस प्रोन्नति एवं भर्ती बोर्ड की ओर से न तो जांच कराई गई और न ही इन गंभीर आरोपों का खंडन किया गया। ऐसे में परीक्षा संस्था और पुलिस प्रोन्नति एवं भर्ती बोर्ड की भूमिका ही संदेह के घेरे में है। इसीलिए इनकी मिलीभगत से धांधली के आरोप लग रहे हैं।
पात्र अभ्यर्थियों को न्याय दिलाने के लिए सीबीआई जांच बेहद जरूरी
ऐसे में पात्र अभ्यर्थियों को न्याय दिलाने के लिए सीबीआई जांच बेहद जरूरी है। किसी भी कीमत पर अपात्रों का चयन नहीं होने दिया जाएगा। सड़क से लेकर न्यायालय तक संघर्ष तेज किया जाएगा। आचार संहिता लागू होने के बाद भी न्याय के लिए जंग जारी रहेगी।
दरोगा भर्ती में धांधली की सीबीआई जांच के मुद्दे पर समर्थन में पहुंचे युवा मंच संयोजक राजेश सचान ने कहा कि योगी सरकार चयन प्रक्रिया में पारदर्शिता लाने और भ्रष्टाचार-भाईभतीजावाद को खत्म करने का प्रचार भर कर रही है। सच यह है कि चयन प्रक्रिया पर सवाल उठ रहे हैं।
भाजपा शासन में भी आरोपों से मुक्त नहीं रही कोई परीक्षा
ऐसी कोई परीक्षा नहीं हुई है जिसमें पेपर लीक, धांधली और परीक्षा संस्थाओं की मिलीभगत के गंभीर आरोप न लगे हों। हालात इतने बदतर हैं कि लोक सेवा आयोग की परीक्षा नियंत्रक तक को जेल जाना पड़ा। इस मुद्दे को लखनऊ की युवा पंचायत और रोजगार आंदोलन में भी मजबूती से उठाया गया था।
प्रदर्शन के दौरान युवा मंच के पंकज पांडेय, सीएमपी डिग्री कालेज के पूर्व छात्र संघ अध्यक्ष करन सिंह परिहार, छात्र नेता चंद्र शेखर अधिकारी, अमित द्विवेदी आजाद, नितेश सिंह, संजय सिंह, राहुल यादव, अभिषेक सिंह, नीरज यादव, राज शुक्ला, विपिन कुमार यादव, अनिल यादव, परिमल सिंह, शशिकांत सिंह, राम प्रवेश समेत तमाम युवा उपस्थित रहे।


