Cyclone Impact: आंध्र प्रदेश में भारी तबाही मचाने के बाद चक्रवाती तूफान का असर देश के कई राज्यों में दिखाई दे रहा है। ओडिशा में बाढ़ के बीच फंसे लोगों को एयरलिफ्ट कर सुरक्षित निकाला गया, जबकि आंध्र प्रदेश और उत्तर प्रदेश में किसानों की फसलों को भारी नुकसान पहुंचा है। दिल्ली-एनसीआर समेत उत्तर भारत के कई इलाकों में तेज हवाओं, गरज-चमक और बारिश के कारण तापमान में गिरावट दर्ज की जा रही है।
Cyclone Impact: कई राज्यों में जनजीवन प्रभावित, किसानों की बढ़ी चिंता
इंफोपोस्ट/Cyclone Impact
चक्रवाती तूफान के प्रभाव से देश के कई राज्यों में मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल गया है। आंध्र प्रदेश में भारी तबाही मचाने के बाद इसका असर ओडिशा, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और दिल्ली-एनसीआर तक दिखाई दे रहा है। कहीं मूसलाधार बारिश से बाढ़ जैसे हालात पैदा हो गए हैं तो कहीं तेज हवाओं ने खेतों में खड़ी फसलों को नुकसान पहुंचाया है। लगातार बदलते मौसम ने आम जनजीवन के साथ-साथ किसानों की मुश्किलें भी बढ़ा दी हैं।
अलग-अलग राज्यों से सामने आ रही तस्वीरें तूफान के प्रभाव की गंभीरता बयां कर रही हैं। ओडिशा में पानी से घिरे लोगों को सुरक्षित निकालने के लिए भारतीय तटरक्षक बल को एयरलिफ्ट ऑपरेशन चलाना पड़ा। आंध्र प्रदेश के विजयवाड़ा में तेज हवाओं और बारिश के कारण खेतों में खड़ी फसलें गिर गईं। उत्तर प्रदेश के बलरामपुर और श्रावस्ती में लगातार बारिश से धान की फसल को नुकसान पहुंचने का खतरा बढ़ गया है। दिल्ली-एनसीआर में भी बारिश और गरजते बादलों ने मौसम को ठंडा कर दिया है।
ओडिशा में बाढ़ के बीच फंसे लोगों का एयरलिफ्ट रेस्क्यू
Cyclone Impact: ओडिशा में तूफान के प्रभाव से हालात काफी खराब हो गए हैं। भुवनेश्वर में भारतीय तटरक्षक बल ने बाढ़ के बीच फंसे लोगों को बचाने के लिए विशेष एयरलिफ्ट ऑपरेशन चलाया। यह मामला गंजम जिले के जगमोहन इलाके का है, जहां भारी जलभराव के कारण कई लोग फंस गए थे। प्रशासन को इसकी सूचना मिलने के बाद तत्काल बचाव अभियान शुरू किया गया।
जानकारी के अनुसार, तटरक्षक वायु इंक्लेव भुवनेश्वर से एएलएच एमके-3 हेलीकॉप्टर को राहत एवं बचाव कार्य के लिए रवाना किया गया। खराब मौसम और चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों के बावजूद हेलीकॉप्टर ने उड़ान भरी और जगमोहन इलाके के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र तक पहुंचा। यहां भारी जलभराव के कारण लोग सुरक्षित स्थानों तक पहुंचने में असमर्थ थे। बचाव दल ने स्थिति का आकलन करने के बाद लोगों को निकालने की कार्रवाई शुरू की।
छह लोगों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया गया
भारतीय तटरक्षक बल के इस अभियान के दौरान कुल छह लोगों को एयरलिफ्ट करके सुरक्षित निकाला गया। इनमें दो महिलाएं, दो बच्चे और एक बुजुर्ग समेत अन्य एक व्यक्ति शामिल थे। बाढ़ के बीच फंसे इन लोगों को हेलीकॉप्टर की मदद से सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया गया। बचाव अभियान के दौरान मौसम की चुनौती के बावजूद टीम ने अपना काम पूरा किया।
रेस्क्यू किए गए सभी छह लोगों को धाराकोट सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया गया। वहां उन्हें सुरक्षित रखा गया है। इस अभियान से बाढ़ प्रभावित इलाके में फंसे लोगों को बड़ी राहत मिली। लगातार बारिश और जलभराव के बीच प्रशासन के लिए प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव कार्य करना चुनौती बना हुआ है। ऐसे हालात में हेलीकॉप्टर के जरिए चलाया गया यह अभियान काफी महत्वपूर्ण रहा।
आंध्र प्रदेश में किसानों की फसलें तबाह
Cyclone Impact: ओडिशा के बाद चक्रवाती तूफान का गंभीर असर आंध्र प्रदेश में भी देखने को मिला है। विजयवाड़ा में तेज हवाओं और भारी बारिश के कारण किसानों की फसलों को व्यापक नुकसान पहुंचा है। खेतों में खड़ी फसलें तेज हवाओं का दबाव नहीं झेल सकीं और जमीन पर गिर गईं। बारिश के कारण खेतों में तैयार खड़ी फसलें बर्बाद होने से किसानों की चिंता बढ़ गई है।
स्थानीय स्तर पर सामने आई तस्वीरों में खेतों में गिरी हुई फसलें साफ दिखाई दे रही हैं। बताया गया है कि तूफान के दौरान हवाओं की रफ्तार 135 से 140 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच गई थी। तेज हवाओं के साथ हुई बारिश ने खेती को भारी नुकसान पहुंचाया। नुकसान की जानकारी मिलने के बाद जिले के अधिकारी प्रभावित क्षेत्रों में पहुंचे और फसलों को हुए नुकसान का आकलन शुरू किया।
मध्य प्रदेश के मैहर में रोपवे सेवा बंद
चक्रवाती तूफान का असर मध्य प्रदेश के मैहर में भी दिखाई दिया। यहां खराब मौसम और तेज हवाओं को देखते हुए मां शारदा मंदिर की पहाड़ी पर संचालित रोपवे सेवा को बंद करना पड़ा। मौसम विभाग की चेतावनी को ध्यान में रखते हुए रोपवे प्रशासन ने यात्रियों की सुरक्षा के मद्देनजर यह निर्णय लिया। सुबह से ही इलाके में काले बादल छाए हुए थे और तेज हवाओं के साथ बारिश का सिलसिला जारी था।
रोपवे सेवा बंद होने के कारण मंदिर पहुंचने वाले श्रद्धालुओं को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। अब श्रद्धालुओं को मां शारदा के दर्शन के लिए करीब 1100 सीढ़ियां चढ़कर पहाड़ी तक पहुंचना पड़ रहा है। मौसम की स्थिति सामान्य होने तक रोपवे का संचालन बंद रखा गया है। खराब मौसम के कारण धार्मिक स्थल पर आने वाले लोगों की यात्रा भी प्रभावित हुई है।
उत्तर प्रदेश के बलरामपुर और श्रावस्ती में बारिश से नुकसान का डर
उत्तर प्रदेश के बलरामपुर जिले में भी चक्रवाती तूफान का असर लगातार दिखाई दे रहा है। यहां करीब 48 घंटे से रुक-रुककर बारिश होने के कारण जनजीवन प्रभावित हुआ है। बेमौसम बारिश ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। खेतों में कटी हुई धान की फसल पड़ी है और लगातार हो रही बारिश के कारण उसके खराब होने का खतरा मंडरा रहा है। किसानों को आशंका है कि यदि मौसम इसी तरह बना रहा तो उन्हें आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है।
श्रावस्ती जिले में भी तेज हवाओं के साथ रुक-रुककर बारिश हो रही है। यहां भी धान की फसल को लेकर किसान चिंतित हैं। खेतों में तैयार और कटी हुई फसल पर बारिश का प्रतिकूल असर पड़ने की आशंका है। तूफान के प्रभाव को देखते हुए जिले में अलर्ट जारी किया गया है। किसानों को अपनी फसल की सुरक्षा को लेकर चिंता सता रही है। लगातार बदलते मौसम ने कृषि कार्यों को भी प्रभावित किया है।
दिल्ली-एनसीआर में गरज-चमक के साथ बारिश
चक्रवाती तूफान का असर राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली और आसपास के एनसीआर क्षेत्रों में भी महसूस किया जा रहा है। यहां आसमान में घने बादल छाए हुए हैं। कई इलाकों में तेज बिजली कड़कने और बादलों के गरजने के साथ बारिश हो रही है। कहीं बारिश तेज हो रही है तो कहीं हल्की बूंदाबांदी का सिलसिला जारी है। मौसम में अचानक आए बदलाव से लोगों को गर्मी से राहत मिली है, लेकिन बारिश और तेज हवाओं ने सामान्य गतिविधियों को प्रभावित किया है।
उत्तर भारत के कई राज्यों में बारिश और तेज हवाओं के कारण तापमान में भी गिरावट दर्ज की जा रही है। आंध्र प्रदेश में फसलों को हुए नुकसान से लेकर उत्तर प्रदेश के ग्रामीण इलाकों में धान की फसल पर मंडराते खतरे तक, तूफान का प्रभाव अलग-अलग रूपों में सामने आ रहा है। ओडिशा में बाढ़ प्रभावित लोगों को बचाने के लिए चलाया गया एयरलिफ्ट अभियान भी हालात की गंभीरता को दर्शाता है।
किसानों और आम लोगों की बढ़ी मुश्किलें
Cyclone Impact: इस तूफान का सबसे अधिक असर उन क्षेत्रों में दिखाई दे रहा है जहां खेती-किसानी प्रमुख आजीविका का साधन है। आंध्र प्रदेश के विजयवाड़ा में खड़ी फसलों के गिरने और उत्तर प्रदेश के बलरामपुर तथा श्रावस्ती में धान की फसल खराब होने की आशंका ने किसानों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। खेतों में तैयार फसल के समय बेमौसम बारिश होना किसानों के लिए चिंता का बड़ा कारण बन गया है।
वहीं, ओडिशा में बाढ़ के कारण लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की जरूरत पड़ी है और मध्य प्रदेश के मैहर में खराब मौसम के चलते रोपवे सेवा बंद करनी पड़ी है। दिल्ली-एनसीआर समेत उत्तर भारत के कई इलाकों में बारिश, तेज हवाओं और गिरते तापमान का असर दिखाई दे रहा है। कुल मिलाकर चक्रवाती तूफान ने कई राज्यों में मौसम की स्थिति बदल दी है और जनजीवन से लेकर खेती तक पर इसका असर पड़ा है।


