Skip to content
Primary Menu
  • Home
  • ख़ास ख़बर
  • आलेख
    • सत्ता की सियासत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • राष्ट्रीय
  • दिल्ली एनसीआर
  • राज्यों से …
  • कारोबार
  • साहित्य
  • संस्कार
  • तकनीक
  • मनोरंजन
  • स्वास्थ्य
  • शिक्षा
  • खेल
Logo300

INFOPOST NEWS

The power of information

July 23, 2026

Connect with Us

  • Home
  • ख़ास ख़बर
  • आलेख
    • सत्ता की सियासत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • राष्ट्रीय
  • दिल्ली एनसीआर
  • राज्यों से …
  • कारोबार
  • साहित्य
  • संस्कार
  • तकनीक
  • मनोरंजन
  • स्वास्थ्य
  • शिक्षा
  • खेल

Categories

  • INFOPOST PDF
  • sports
  • Uncategorized
  • अंतरराष्ट्रीय
  • आलेख
  • कारोबार
  • ख़ास ख़बर
  • तकनीक
  • दिल्ली एनसीआर
  • बोलती तस्वीरें
  • मनोरंजन
  • राज्यों से …
  • राष्ट्रीय
  • शिक्षा
  • सत्ता की सियासत
  • संस्कार
  • साहित्य
  • स्वास्थ्य
An error has occurred, which probably means the feed is down. Try again later.

  • ख़ास ख़बर
  • राष्ट्रीय

भारत—अमेरिका दोस्ती से अधिक आक्रामक हो गया चीन

September 6, 2020
China becomes more aggressive than India-US friendship

न्यूज डेस्क, नई दिल्ली। चीन की हरकतों से ऐसा लगने लगा है कि जैसे जैसे भारत और अमेरिका दोस्ती की राह पर आगे बढ़े, चीन अधिक आक्रामक होता गया। कहीं न कहीं चीन को भारत इसलिए खटकता है, क्योंकि उसकी अमेरिका से गहरी दोस्ती है। भारत के मामले में ही चीन की दादागीरी को लगाम लगाने का माहौल बना है।

Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!

दरअसल, लद्दाख में वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) पर मई से सीमा विवाद जारी है। पिछले महीने 29-30 अगस्त की रात चुशूल सेक्टर के रेजांग ला में पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (पीएलए) ने घुसपैठ की कोशिश की, जिसे भारतीय सैनिकों ने नाकाम कर दिया। महीनों से चल रहे विवाद की वजह से सैनिकों का लद्दाख में लंबे वक्त तक डटे रहने का इरादा है। उन्हें निर्देश दिए गए हैं कि किसी भी चीनी सैनिक के उकसावे का मुंहतोड़ जवाब दें।

सीमा पर तनाव कम करने को लेकर दोनों पक्षों में लगातार सैन्य और कूटनीतिक स्तर पर बातचीत जारी है। शीर्ष सैन्य अधिकारियों से लेकर कूटनीतिक स्तर की कई वार्ता हो चुकी हैं। इसके बावजूद तनाव पूरी तरह से खत्म नहीं हुआ। लद्दाख में टकराव वाली कई जगहों से चीनी सैनिक पीछे गए तो तनातनी में कुछ कमी आई। लेकिन पिछले महीने के अंत में हुई घटना ने दोनों देशों के रिश्तों को वापस तनावपूर्ण बना दिया।

चीनी सैनिकों की आक्रामकता नवंबर में होने वाले अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव तक जारी रहेगी। गलवान से लेकर पैंगोंग में चीनी चालबाजी की वजह भी भारत-अमेरिका के बीच मजबूत होते हुए रिश्ते हैं। चीन की आगे की रणनीति इस बात पर भी निर्भर रह सकती है कि अमेरिका के चुनाव में किसे जीत मिलती है और चीन को लेकर उसका रुख क्या रहता है।

About Author

See author's posts

Post navigation

Previous: …तो रिया और सुशांत केस सुलझने से आ जाएंगे अच्छे दिन?
Next: श्रम शक्ति का शोषण और ईज ऑफ डूइंग बिजनेस

Related Stories

Rajiv Narayan's prediction
  • ख़ास ख़बर
  • राष्ट्रीय

Rajiv Narayan’s prediction: ज्योतिषीय भविष्यवाणी से गरमाई राजनीतिक बहस

infopost July 20, 2026 0
Sonam Wangchuk Episode
  • ख़ास ख़बर
  • राष्ट्रीय

Sonam Wangchuk Episode: पुलिस कार्रवाई ने तेज की राजनीतिक बहस

infopost July 19, 2026 0
Sonam Wangchuk
  • ख़ास ख़बर
  • राष्ट्रीय

Sonam Wangchuk: लोकतांत्रिक आंदोलन को दबाने की कोशिश!

infopost July 18, 2026 0

Copyright © All rights reserved. | MoreNews by AF themes.