bulldozer action: कई प्रदेशों में आरोपी के घर पर बुलडोजर चलाने के मामले पर बीते दिन सुप्रीम कोर्ट ने कड़ी फटकार लगाई और कई सवाल भी उठाए। कोर्ट ने कहा कि कोई भी आरोपी अगर दोषी भी साबित होता है, तो भी उसके घर पर बुलडोजर चलाना किसी भी तरह से जायज नहीं है। अगर कोई किसी अपराध में दोषी भी पाया जाता है, तो भी बिना कानूनी प्रक्रिया को पूरा किए उसके घर को ढहाया नहीं जा सकता। यूपी सरकार ने अपने बुलडोजर एक्शन पर जवाब दाखिल किया। योगी सरकार के हलफनामे को सुप्रीम कोर्ट ने सराहा है।
bulldozer action: योगी सरकार ने कहा, बिना कानूनी प्रक्रिया के कोई घर नहीं तोड़ा गया
इंफोपोस्ट डेस्क
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!bulldozer action: यूपी की योगी सरकार ने कहा कि प्रदेश में किसी का भी घर बिना कानूनी प्रकिया के नहीं तोड़ा गया। गृह विभाग के विशेष सचिव ने हलफनामे में कहा कि किसी भी अचल संपत्ति को कानूनी प्रक्रिया के तहत ही ध्वस्त किया जा सकता है और हम उसी का पालन कर रहे हैं।
सुप्रीम कोर्ट ने योगी सरकार के जवाब पर संतोष जताया और हलफनामे में अपनाए गए रुख की तारीफ की। सुप्रीम कोर्ट ने पूरे देश के लिए कुछ दिशा-निर्देश जारी करने की बात भी कही है। कोर्ट ने मामले के पक्षकारों के वकीलों से सुझाव भी मांगे हैं। ताकि इस संदर्भ में कोई न्यायसंगत व्यवस्था बनाई जा सके।
कोर्ट ने और क्या कहा?
सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि जो भी पक्षकार सुझाव देना चाहते हैं वो मध्य प्रदेश के अतिरिक्त महाधिवक्ता नचिकेता जोशी के ईमेल आईडी sr.adv.nachiketajoshi@gmail.com पर भी अपने सुझाव भेज सकते हैं। कोर्ट ने ये भी स्पष्ट किया था कि वो किसी भी अवैध निर्माण को संरक्षण नहीं देगा। मामले की अगली सुनवाई अब 17 सितंबर को होगी।
सुप्रीम कोर्ट में सोमवार को आरोपियों के खिलाफ बुलडोजर कार्रवाई पर सुनवाई हुई। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि अगर कोई सिर्फ आरोपी है तो प्रॉपर्टी गिराने की कार्रवाई कैसे की जा सकती है? जस्टिस विश्वनाथन और जस्टिस बीआर गवई की बेंच ने कहा, “अगर कोई दोषी भी हो, तब भी ऐसी कार्रवाई नहीं की जा सकती है।”
किसने लगाई है याचिका: सुप्रीम कोर्ट में यह याचिका जमीयत-उलेमा-ए-हिंद ने लगाई है। इसमें आरोप लगाया गया है कि BJP शासित राज्यों में मुसलमानों को निशाना बनाया जा रहा है और बुलडोजर एक्शन लिया जा रहा है। अब इस केस की सुनवाई 17 सितंबर को होगी।
कोर्ट के कमेंट पर केंद्र का जवाब
सुप्रीम कोर्ट ने कहा, हम यहां अवैध अतिक्रमण के बारे में बात नहीं कर रहे हैं। इस मामले से जुड़ी पार्टियां सुझाव दें। हम पूरे देश के लिए गाइडलाइन जारी कर सकते हैं। किसी का बेटा आरोपी हो सकता है, लेकिन इस आधार पर पिता का घर गिरा देना! यह कार्रवाई का सही तरीका नहीं है।
केंद्र सरकार का कहना है कि किसी भी आरोपी की प्रॉपर्टी इसलिए नहीं गिराई गई क्योंकि उसने अपराध किया। आरोपी के अवैध कब्जों पर म्युनिसिपल एक्ट के तहत एक्शन लिया गया है।


