vinay kumar Jha
ओम वर्मा, मोतिहारी। attack on farmer :
बिहार के पूर्वी चंपारण जिले के गांव सुंदरपट्टी में हथियार से लैस होकर बदमाशों ने किसान पर हमला कर दिया।
उसके साथ मारपीट की और जान से मारने की धमकी दी। हमलावर ने किसान विनय कुमार झा पर चाकू से हमला करने की चेष्टा की लेकिन आसपास के लोगों के विरोध के कारण उसे वहां से भागना पड़ा। जाते जाते हमलावर ने जान से मारने की धमकी दी। विनय कुमार झा ने इस मामले की शिकायत पकड़ीदयाल थाने से की है। प्रशासन ने इस मामले में कड़ी कार्रवाई का आश्वासन दिया है। घटना 25 जुलाई की है।
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attack on farmer : उल्लेखनीय है कि मोतिहारी से 22 किलोमीटर दूर गांव सुंदरपट्टी में विनय कुमार झा अकेले रहते हैं। उन्होंने तीन वर्ष पूर्व अपनी लिचवानी को छह साल के लिए 4 लाख रुपये में बगल के गांव सिरहा निवासी अनिरुद्ध प्रसाद को किराये पर दिया था। शुरू में उसने दो लाख रुपये दिए। तीन वर्ष बीत जाने के बाद विनय कुमार झा ने बाकी के पैसों को देने का निवेदन किया तो वह टालमटोल करने लगा। इससे विनय कुमार की माली हालत खराब होने लगी। वह बार बार पैसों के लिए मनुहार करने लगे। उन्होंने अनिरुद्ध प्रसाद से कहा कि उनकी आय का यही साधन है। इसी से उनका जीवन यापन होता है। अगर वह पैसा नहीं देंगे तो कैसे काम चलेगा।
25 जुलाई की है घटना
attack on farmer : इसी बीच 25 जुलाई को सुंदरपट्टी गांव में ही अनिरुद्ध प्रसाद से विनय कुमार झा की मुलाकात हो गई। तब फिर से विनय कुमार झा ने अनिरुद्ध कुमार से पैसा देने को कहा। इस पर अनिरुद्ध कुमार भड़क गए। वह गाली गलौज करने लगे। साथ ही विनय कुमार झा से मारपीट शुरू कर दी। मारपीट की वजह से विनय कुमार झा नीचे गिर गए। फिर अनिरुद्ध प्रसाद चाकू निकाल कर कहने लगा कि मुझसे बार बार पैसा मांगता है। जितना दे दिया है उतना बहुत है। आज तुम्हारा किस्सा यहीं खत्म कर देते हैं। न तुम रहेगा और न ही पैसा मांगेगा। जैसे ही अनिरुद्ध चाकू से वार करने के लिए आगे बढ़ा, आसपास के लोगों ने इसका विरोध किया। लोगों के विरोध को देखते हुए अनिरुद्ध प्रसाद वहां से फरार हो गया। जाते जाते वह धमकी दे गया कि कब तक आसपास के लोग तुम्हें बचाएंगे। तुमको मारकर यहीं गाड़ देंगे।
पुलिस प्रशासन करेगा कार्रवाई
attack on farmer : इस घटना के बाद से विनय कुमार झा डरे हुए हैं। डर से वजह से वह घर पर ही रह रहे थे। इस बीच अनिरुद्ध प्रसाद उन्हें लगातार धमकी देता रहा। अंत में उन्होंने पुलिस की मदद लेने का निर्णय लिया। 28 जुलाई को उन्होंने पकड़ीदयाल थाने को आपबीती सुनाई और अनिरुद्ध प्रसाद से खिलाफ लिखित शिकायत की। उनकी शिकायत पर पकड़ीदयाल थाने ने अपनी आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है।


