Aramco refinery shutdown: मध्य पूर्व में युद्ध फैला। ईरान ने सऊदी, UAE, कतर सहित कई देशों पर हमले किए। अरामको रिफाइनरी बंद। ट्रंप बोले, 4-5 हफ्ते तक चलेगा संघर्ष। लेबनान में हिजबुल्लाह ठिकाने निशाने पर। तेल कीमतें आसमान छू रही हैं।
Aramco refinery shutdown: ईरान के जवाबी हमलों से संकट गहराया
इंफोपोस्ट न्यूजडेस्क/दुबई/तेहरान/वाशिंगटन/Aramco refinery shutdown
मध्य पूर्व में अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच चल रहे संघर्ष ने तीसरे दिन तेजी पकड़ ली है। ईरान ने ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्लाह अली खामेनेई की मौत का बदला लेते हुए क्षेत्रीय स्तर पर बड़े पैमाने पर जवाबी हमले किए हैं।
सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात (UAE), ओमान, कतर, कुवैत, बहरीन, जॉर्डन और यहां तक कि साइप्रस जैसे देशों को निशाना बनाया गया है। ईरानी क्रांतिकारी गार्ड्स (IRGC) ने मिसाइलों और ड्रोनों से इन देशों में अमेरिकी सैन्य अड्डों, ऊर्जा सुविधाओं और अन्य ठिकानों पर हमले किए।
युद्ध की भेंट चढ़ी दुनिया की सबसे बड़ी तेल रिफाइनरी
सबसे गंभीर प्रभाव सऊदी अरब के रास तनूरा रिफाइनरी पर पड़ा, जो दुनिया की सबसे बड़ी तेल रिफाइनरी है। ईरानी ड्रोन हमलों के बाद सऊदी अरामको ने इस रिफाइनरी को अस्थायी रूप से बंद कर दिया।
हमलों से रिफाइनरी में आग लगी, हालांकि सऊदी अधिकारियों ने कहा कि आग पर काबू पा लिया गया है, लेकिन उत्पादन ठप हो गया है। कतर में भी रास लफ्फान इंडस्ट्रियल सिटी की प्रमुख गैस सुविधा और एक पावर प्लांट पर ड्रोन हमले हुए, जिसके बाद कतर एनर्जी ने LNG उत्पादन रोक दिया।
वैश्विक ऊर्जा बाजार में हड़कंप मच गया
इससे वैश्विक ऊर्जा बाजार में हड़कंप मच गया है—तेल की कीमतें आसमान छू रही हैं और यूरोपीय नैचुरल गैस कीमतें 40% तक बढ़ गई हैं। इजरायल ने भी मोर्चा संभाला है। लेबनान में हिजबुल्लाह के ठिकानों पर इजरायली हमले तेज हो गए हैं।
हिजबुल्लाह ने खामेनेई की मौत का बदला लेने के लिए इजरायल पर मिसाइल और ड्रोन हमले किए, जिसके जवाब में इजरायल ने बेरूत और अन्य इलाकों में सैकड़ों हमले किए। लेबनान में कम से कम 31 लोग मारे गए। इजरायल ने कहा कि वह तेहरान के दिल में हमले जारी रखेगा।
ट्रंप का दावा, ईरान कभी न्यूक्लियर हथियार नहीं रख पाएगा
डोनाल्ड ट्रंप ने संघर्ष की अवधि पर स्पष्ट रुख अपनाया। उन्होंने कहा कि ईरान के साथ यह ऑपरेशन “चार से पांच हफ्ते” तक चल सकता है। ट्रंप ने जोर देकर कहा कि ईरान कभी न्यूक्लियर हथियार नहीं रख पाएगा और अमेरिकी-इजरायली हमले “सर्जिकल, ओवरवेल्मिंग और निर्बाध” रहेंगे।
उन्होंने चेतावनी दी कि यदि ईरान “बहुत जोर से” जवाब देगा तो अमेरिका “कभी न देखी गई ताकत” से पलटवार करेगा। ट्रंप ने माना कि अमेरिकी सैनिकों की मौत हो सकती है और अधिक हताहत होने की आशंका जताई।
तीन अमेरिकी F-15 फाइटर जेट्स गिरे
कुवैत ने “फ्रेंडली फायर” में गलती से तीन अमेरिकी F-15 फाइटर जेट्स को गिरा दिया। सभी पायलट सुरक्षित बच गए, लेकिन यह घटना गठबंधन में तनाव का संकेत है। अमेरिकी दूतावासों को कई देशों में हाई अलर्ट जारी किया गया है और दर्जनों फ्लाइट्स सस्पेंड कर दी गई हैं।
दुबई, दोहा, मनामा और अबू धाबी जैसे शहरों में विस्फोटों की आवाजें सुनाई दीं। भारत ने स्थिति पर चिंता जताई। भारत ने UAE के साथ खड़े होने और डी-एस्केलेशन की अपील की है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बहरीन के किंग और सऊदी क्राउन प्रिंस से फोन पर बात की, जिसमें क्षेत्रीय स्थिरता और तनाव कम करने पर जोर दिया।
ईरान में अंतरिम लीडरशिप काउंसिल ने नेतृत्व संभाला
Aramco refinery shutdown: भारत ने अपने नागरिकों को सतर्क रहने की सलाह दी है। ईरान में अब तक 555 से अधिक लोग मारे गए हैं, जिसमें खामेनेई की पत्नी भी शामिल हैं। ईरान ने 40 दिनों का राष्ट्रीय शोक घोषित किया है। अंतरिम लीडरशिप काउंसिल ने नेतृत्व संभाला है, लेकिन सत्ता का वैक्यूम बना हुआ है।
विशेषज्ञों का कहना है कि यह संघर्ष क्षेत्रीय युद्ध में बदल सकता है, खासकर होर्मुज जलडमरूमध्य की नाकाबंदी की आशंका के बीच। वैश्विक अर्थव्यवस्था पर असर गहरा रहा है—शेयर बाजार गिरे, सोना चढ़ा और ऊर्जा संकट गहराया। दुनिया इस “नई वास्तविकता” से जूझ रही है।


