इंफोपोस्ट डेस्क, मुंबई। amit shah in mumbai:
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि लक्ष्मणराव जी महाराष्ट्र में जन्मे और गुजरात को उन्होंने अपनी कर्मभूमि बनाया और पूरा जीवन गुजरात के युवाओं के प्रेरणास्त्रोत बने। उन्होंने कहा कि कई क्षेत्रों के बड़े नेतों और कार्यकर्ताओं का सृजन लक्ष्मणराव इनामदार जी को मिला। उन्होंने कहा कि इनामदार जी द्वारा गढ़े और तैयार किए हुए अनेक कार्यकर्ताओं ने उनके द्वारा दिए संस्कारों के आधार पर गुजरात के सार्वजनिक जीवन को महिमामंडित करने का काम किया है।

केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने आज महाराष्ट्र में मुंबई विश्वविद्यालय और सहकार भारती द्वारा आयोजित माननीय लक्ष्मणराव इनामदार स्मृति व्याख्यान में संबोधन दिया। इस अवसर पर महाराष्ट्र के राज्यपाल रमेश बैस और मुख्यमंत्री श्री एकनाथ शिंदे सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे। इससे पहले अमित शाह ने गणेशोत्सव के दौरान विश्वप्रसिद्ध लाल बाग के राजा के दर्शन किए। अमित शाह ने मुंबई के बांद्रा पश्चिम इलाके में प्रसिद्ध गणपति पंडाल में भी पूजा-अर्चना की। इसके बाद केन्द्रीय गृह मंत्री ने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और उपमुख्यमंत्री देवेन्द्र फणनवीस के आवास पर स्थापित गणपति बाप्पा की पूजा की।
amit shah in mumbai: कार्यक्रम में अमित शाह ने कहा कि वकील साहब अपने साथ काम करने वाले कार्यकर्ता को संस्कारों से सिंचित कर उन्हें अमूल्य बना देते थे और एक लोहे जैसा कार्यकर्ता उनके स्पर्श में आते ही सोने जैसा हो जाता था। शाह ने कहा कि गुजरात का सार्वजनिक जीवन आज शुचितायुक्त है, इसमें इनामदार जी का बहुत बड़ा योगदान रहा है। उन्होंने कहा कि मुंबई विश्वविद्यालय ने लक्ष्मणराव इनामदार जी के नाम से एक पीठ स्थापित कर उनके विचारों को विद्यार्थियों के माध्यम से युगों-युगों तक पहुँचाने की नींव रखी है।
आदरपूर्वक याद करते हैं लोग
amit shah in mumbai: केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री ने कहा कि देशभर के सहकारिता क्षेत्र के प्रमुख नेताओं में आज लक्ष्मणराव जी को सभी लोग आदरपूर्वक याद करते हैं। उन्होंने कहा कि सहकारिता क्षेत्र के इन सभी नेताओं में से अकेले इनामदार जी एक ऐसे नेता थे जो किसी भी सहकारी समिति के ना तो सदस्य थे, ना ही पदाधिकारी थे लेकिन फिर भी सहकारिता क्षेत्र में उनका योगदान बहुत बड़ा था। श्री शाह ने कहा कि लक्ष्मणराव इनामदार जी में सहकार का तत्व, सिद्धांत और सहकारिता के अंदर व्याप्त बुराइयों को दूर करने के लिए बौद्धिकता थी और इसी से उन्होंने इतने वर्षों तक ‘सहकार भारती’ का मार्गदर्शन किया।

अमित शाह ने कहा कि कोई व्यक्ति निस्वार्थ जीवन कैसे जी सकता है और जीता है और इससे किस प्रकार की सुगंध फैलती है, इसके बारे में जानने के लिए गुजरात के सार्वजनिक क्षेत्र के लोगों से इनामदार जी के बारे में जानना चाहिए।
सहकारिता आंदोलन 1904 से आया
केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री ने कहा कि भारत में सहकारिता आंदोलन 1904 से आया और देखते-देखते महाराष्ट्र, गुजरात, कर्नाटक, मध्य भारत, तमिलनाडु और बंगाल में सहकारिता आंदोलन फैलने लगा। उन्होंने कहा कि आज़ादी के बाद सहकारिता ने सोशलिस्ट और कैपिटलिस्ट मॉडल्स के बीच का एक मॉडल देने का बहुत अच्छा प्रयास किया।
amit shah in mumbai: अमित शाह ने कहा कि आज सहकार के उत्कृष्ट मॉडल अमूल के तहत देश में 36 लाख बहनें 60,000 करोड़ रुपये का दूध का व्यापार करती हैं और इनमें से एक भी बहन की पूंजी 100 रूपए से अधिक नहीं लगी है। उन्होंने कहा कि गुजरात, विशेषकर ग्रामीण क्षेत्र, की समृद्धि में कोऑपरेटिव का बहुत बड़ा योगदान रहा है। उन्होंने कहा कि सहकारिता मॉडल हमारे देश के लिए बहुत उपयुक्त है क्योंकि हमें आर्थिक विकास के साथ-साथ रोजगार, mass production और production by masses भी चाहिए।

कोऑपरेटिव आंदोलन में नई जान डालने की कोशिश
केन्द्रीय सहकारिता मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी ने देश में अलग सहकारिता मंत्रालय का गठन कर कोऑपरेटिव आंदोलन में एक नई जान डालने और इसे फिर से गति देने का काम किया है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने 2014 से 2023 तक देश के उन 60 करोड़ लोगों, जो देश के अर्थतंत्र का हिस्सा ही नहीं थे, को बैंक अकाउंट, घर, पीने का पानी, बिजली, गैस कनेक्शन, शौचालय और 5 लाख रूपए तक का स्वास्थ्य का खर्चा दिया, जिससे इन 60 करोड़ लोगों के जीवन में एक नई ऊर्जा का संचार हुआ।
कई सरकारी बदलाव भी किए गए
amit shah in mumbai: अमित शाह ने कहा कि केन्द्र की नरेन्द्र मोदी सरकार ने कई सरकारी बदलाव भी किए हैं। उन्होंने कहा कि इनकम टैक्स में कोऑपरेटिव और कॉर्पोरेट, दोनों को एकसमान स्तर पर लाने का काम आजादी के बाद पहली बार प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी ने किया है।

amit shah in mumbai: उन्होंने कहा कि कोऑपरेटिव की गतिविधियों को अगर हम समयानुसार अत्याधुनिक तकनीक के साथ जोड़कर आगे बढ़ाएं, तो भारत जैसे देश में रोजगार के साथ अर्थतंत्र के विकास का इससे बड़ा और अच्छा तरीका और कोई नहीं है। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार आने वाले दिनों में सहकारिता क्षेत्र में कई नए कदम उठाने जा रही है। उन्होंने कहा कि ऐसा मानकर मत चलिए कि कोऑपरेटिव अप्रासंगिक हो चुका है, बल्कि कोऑपरेटिव का भविष्य और उज्ज्वल होने जा रहा है।


