Skip to content
Primary Menu
  • Home
  • ख़ास ख़बर
  • आलेख
    • सत्ता की सियासत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • राष्ट्रीय
  • दिल्ली एनसीआर
  • राज्यों से …
  • कारोबार
  • साहित्य
  • संस्कार
  • तकनीक
  • मनोरंजन
  • स्वास्थ्य
  • शिक्षा
  • खेल
Logo300

INFOPOST NEWS

The power of information

September 7, 2026

Connect with Us

  • Home
  • ख़ास ख़बर
  • आलेख
    • सत्ता की सियासत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • राष्ट्रीय
  • दिल्ली एनसीआर
  • राज्यों से …
  • कारोबार
  • साहित्य
  • संस्कार
  • तकनीक
  • मनोरंजन
  • स्वास्थ्य
  • शिक्षा
  • खेल

Categories

  • INFOPOST PDF
  • sports
  • Uncategorized
  • अंतरराष्ट्रीय
  • आलेख
  • कारोबार
  • ख़ास ख़बर
  • तकनीक
  • दिल्ली एनसीआर
  • बोलती तस्वीरें
  • मनोरंजन
  • राज्यों से …
  • राष्ट्रीय
  • शिक्षा
  • सत्ता की सियासत
  • संस्कार
  • साहित्य
  • स्वास्थ्य
An error has occurred, which probably means the feed is down. Try again later.

  • अंतरराष्ट्रीय
  • ख़ास ख़बर

G20: भारत को क्या हासिल हुआ?

infopost September 10, 2023
G20

G20: जी20 की धूमधाम, भव्यता और आयोजन की गर्वानुभूति के नीचे मतलब की तमाम बातें दब कर रह गई हैं। कारण, मीडिया की घोर उपेक्षा हुई है। फिर भी जानने की कोशिश करते हैं कि गर्व पैदा करने वाले परिदृश्यों के अलावा भी क्या कुछ ठोस हासिल हुआ है।

G20: चीन को मिला है करारा जवाब!

इंफोपोस्ट डेस्क

Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!

G20: भारत, सऊदी अरब, अमेरिका और यूरोप को जोड़ने वाले रेल लिंक प्रोजेक्ट पर सहमति बनने को चीन के बेल्ट एंड रोड इनीशिएटिव का जवाब माना जा रहा है। जो दुनिया के विकासशील देशों को आधारभूत ढांचे के विकास के नाम पर चीन के कर्ज के जाल से बचाएगा। भारत की अध्यक्षता में आयोजित जी20 शिखर सम्मेलन के निष्कर्षों के प्रभाव तो भविष्य में सामने आ सकते हैं, लेकिन उसके संकेत जरूर मिल रहे हैं।

बड़ी बात यह है कि भारत ने एक निष्पक्ष वैश्विक वित्तीय प्रणाली स्थापित करने के लिए मौलिक सुधार किए जाने का मुद्दा उठाया है। अभी हालात ये हैं कि गरीब अफ्रीकी देशों को कर्ज पर विकसित देशों के मुकाबले चार से आठ गुना अधिक ब्याज चुकाना पड़ता है। तभी तो भारत ने कर्ज संकट प्रबंधन, विश्व बैंक और अन्य बहुपक्षीय विकास बैंकों के सुधार और अंतरराष्ट्रीय वित्त प्रणाली के बदलाव पर ठोस प्रस्ताव रखे हैं।

विकासशील और गरीब देशों को भी मिलेगा प्रतिनिधित्व

अफ्रीकी यूनियन को जी20 में शामिल किए जाने को एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। अफ्रीकी यूनियन में अफ्रीका महाद्वीप के 55 देश शामिल हैं। ऐसे में जी20 जैसे अहम समूह में अफ्रीकी यूनियन के शामिल होने से दुनिया में नई विश्व व्यवस्था लागू हो सकती है। इससे विकासशील और गरीब देशों को भी वैश्विक फैसले करने की व्यवस्था में प्रतिनिधित्व मिलेगा।

इसलिए शिखर सम्मेलन को देश के भीतर और बाहर समावेशिता के लिए याद किया जाएगा। वसुधैव कुटुंबकम यानी एक पृथ्वी, एक परिवार, एक भविष्य की थीम के अनुरूप भारत ने अपने 28 प्रदेशों और आठ केंद्र शासित प्रदेशों के 60 शहरों में 220 से अधिक बैठकें आयोजित की हैं। जहां दुनिया के कोने कोने से आए लोग शामिल हुए। इस प्रकार भारत की विविधता और गतिशीलता दुनिया के सामने साफ नजर आई।

कार्बन उत्सर्जन को नेट जीरो करने में मिलेगी मदद

प्रधानमंत्री मोदी ने ग्लोबल बायोफ्यूल अलायंस बनाने की घोषण की है। इस गठबंधन में भारत, ब्राजील, अमेरिका जैसे देश शामिल हैं। इस गठबंधन के प्रयासों से अक्षय ऊर्जा को बढ़ावा मिलेगा और कार्बन उत्सर्जन को नेट जीरो करने में काफी मदद मिलेगी। भारत ने जलवायु पर जीवन शैली के प्रभावों को रेखांकित किया है।

क्योंकि दुनिया की एक प्रतिशत सबसे अमीर आबादी दुनिया के 50 प्रतिशत गरीबों की तुलना में दो गुना कार्बनडाईआक्साइड का उत्सर्जन करती है। इस असंतुलन को ठीक करने के लिए भारत ने बेशक दबाव डाला है। लेकिन लंबे समय से दुनिया भारत की इस फरियाद को नजर अंदाज कर रही है। शिखर सम्मेलन के बाद दुनिया के अमीर देशों की आदतों में कोई सुधार आएगा, इस बारे में अभी कुछ कहना कठिन है।

मीडिया की उपेक्षा से स्थितियां साफ नहीं

G20:  अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन के साथ भारत आए पत्रकार अपने नेता से बातचीत करना चाहते थे। लेकिन भारत सरकार की ओर से इसकी अनुमति नहीं दी गई। जाहिर है कि भविष्य में प्रदूषण रोकने में अमेरिका का कितना सहयोग मिलेगा, यह स्पष्ट नहीं हो पाया। फिर भी भारत ने वैश्विक भविष्य को बेहतर बनाने के लिए दुनिया के समक्ष साहस तो दिखाया ही है।

उम्मीद की जानी चाहिए कि भारत के मार्गदर्शन में वित्तीय समानता, डिजिटल समावेशिता और पर्यावरण संतुलन को बेहतर बनाए जाने का माहौल जरूर बनेगा। क्योंकि जलवायु परिवर्तन के कारण आ रही आपदाओं से दुनिया के तमाम देशों की अर्थव्यवस्था पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। भले ही प्रदूषण के लिए आर्थिक प्रगति की होड़ ही क्यों न जिम्मेदार हो। तभी तो यह अनिश्चितता बनी हुई है कि जी20 में एक सार्थक संयुक्त मसौदा तैयार हो पाएगा या नहीं।

About Author

infopost

administrator

See author's posts

Post navigation

Previous: Scenario of Journalism: जब कलंक बन जाते हैं कुछ राजनीतिक समाचार
Next: विहिप बोली—’इंडिया’ होगा पस्त, जीतेगा भारत, फिर आएगी मोदी की सरकार, देखें वीडियो

Related Stories

Social Politics
  • ख़ास ख़बर
  • दिल्ली एनसीआर

Social Politics: नोएडा के युवा नेताओं में तेजी से उभरता नाम संदीप अवाना

infopost September 5, 2026 0
Ram Mandir Trust Controversy
  • ख़ास ख़बर
  • राष्ट्रीय

Ram Mandir Trust Controversy: राम मंदिर ट्रस्ट पर उठे सवाल

infopost June 27, 2026
Narendra Modi IVLP Program
  • ख़ास ख़बर
  • राष्ट्रीय

Narendra Modi IVLP Program: क्या 1993 का अमेरिकी कार्यक्रम आज भी खड़ा करता है सवाल?

infopost June 27, 2026

Copyright © All rights reserved. | MoreNews by AF themes.