नई दिल्ली। यदि क्रिकेट की दुनिया में नेपोटिज्म आ जाएगा तो क्या होगा? क्या उससे भारतीय क्रिकेट की शाख पर कोई बट्टा लगेगा? क्या आम भारतीय के लिए क्रिकेट की दुनिया में कदम रखना कठिन हो जाएगा? वैसे भी कुछ कठिनाइयां पहले से भी हैं। आज हम इसी संदर्भ में चर्चा करेंगे कि किस प्रकार नेपोटिज्म दबे पांव दस्तक दे रहा है।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!दरअसल, उभरते हुए युवा क्रिकेटर अर्जुन तेंडुलकर इन दिनों यूएई में मुंबई इंडियंस की टीम के साथ हैं। अर्जुन यहां नेट बॉलर के रूप में आए हैं। लेकिन कुछ फैन्स ने उनके यहां होने को ‘नेपोटिज्म’ बता दिया है। कुछ फैन्स को यह बात अच्छी नहीं लगी है। मुंबई के खिलाड़ी राहुल चाहर की ओर से पोस्ट की गई एक तस्वीर की बात करें, तो पूल में मुंबई के खिलाड़ियों के साथ अर्जुन भी पूल सेशन का आनंद ले रहे हैं।
आईपीएल की डिफेंडिंग चैंपियन मुंबई इंडियंस (MI) इस बार अपने 5वें खिताब की तैयारी जमकर कर रही है। मुंबई की टीम अपने साथ नेट बॉलरों को भी यूएई ले गई है, जो वहां उनकी टीम के बल्लेबाजों को बैटिंग प्रैक्टिस में सहयोग करेंगे। नेट बॉलरों में एक नाम महान बल्लेबाज सचिन तेंडुलकर के बेटे अर्जुन का भी है।
कुछ फैन्स ने इस तस्वीर की बजाय तारीफ करने के, अर्जुन को लेकर एक अलग ही ऐंगल निकाल लिया। एक ने लिखा, ‘भाई-भतीजावाद चरम पर है।’ एक ने लिखा, ‘यह नेपोटिज्म नहीं है। अर्जुन तेंडुलकर विराट कोहली से बेहतर गेंदबाज हैं।’
दरअसल, अर्जुन मुंबई के लिए ही घरेलू क्रिकेट में खेलते हैं। वह अंडर-19 क्रिकेट में भी मुंबई का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं। इसके अलावा टीम इंडिया की जूनियर टीम के खिलाड़ी के तौर पर वह कई देशों के खिलाफ क्रिकेट खेल चुके हैं।
आईपीएल की सभी फ्रैंचाइजियां नेट बॉलर के रूप में किसी भी उभरते हुए खिलाड़ी को चुन सकती हैं। अगर इनमें से एक नाम अर्जुन का भी है तो यह कोई गलत नहीं है। इसके अलावा अर्जुन समय-समय पर भारत की महिला और पुरुष टीम को भी नेट में बॉलिंग करा चुके हैं।


