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पर्सनल रैपिड ट्रांजिट क्या है, नोएडा में कब मिलेगी सुविधा?

September 1, 2020
E2

नोएडा। परिवहन की एक ऐसी व्यवस्था पर विचार किया जा रहा है, जो मेट्रो औ रैपिड ट्रेन की तुलना में सस्ती है। लंदन के हीथ्रो एयरपोर्ट पर यात्री परिवहन सेवा के लिए उसी का उपयोग हो रहा है। लागत में यह तकरीबन 6 गुना सस्ती पड़ेगी। अधिकतम रफ्तार सौ किलोमीटर प्रति घंटा है। इसके संचालन पर लागत खर्च दो रुपये प्रति किलोमीटर है। हम बात कर रहे हैं अल्ट्रा पीआरटी यानी पर्सनल रैपिड ट्रांजिट की।

जेवर इंटरनेशनल एयरपोर्ट को इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट और दिल्ली के अन्य हिस्सों से जोड़ने के विकल्प तलाशे जा रहे हैं। उसके लिए अल्ट्रा पीआरटी (पर्सनल रैपिड ट्रांजिट) के बारे में विचार किया जा रहा है। प्रस्तुतिकरण के बाद यमुना प्राधिकरण ने इसकी व्यावहारिकता रिपोर्ट दिल्ली मेट्रो रेल निगम से तैयार कराने का फैसला किया है।

देहरादून में इस परियोजना के लिए डीएमआरसी पहले से रिपोर्ट तैयार कर रही है। यमुना प्राधिकरण व डीएमआरसी के अधिकारी जल्द समझौता पत्र पर हस्ताक्षर करेंगे। लागत में यह मेट्रो व रैपिड ट्रेन की तुलना में काफी सस्ती है। जेवर एयरपोर्ट को मेट्रो से कनेक्टिविटी देने पर सात हजार व रैपिड ट्रेन से 18 हजार करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है।

लेकिन अल्ट्रा पीआरटी की बात करें तो उस पर 35 सौ करोड़ रुपये खर्च होंगे। इस एक कैप्सूल (टैक्सी) में बीस लोग एक साथ बैठ सकते हैं। खास बात यह है कि जरूरत के हिसाब से इसका संचालन किया जा सकता है। प्रत्येक स्टेशन पर रुकने के अलावा एक्सप्रेस सेवा के रूप में बीच में बिना रुके सीधे गंतव्य तक पहुंचाया जा सकता है।

इसका ट्रैक भूतल या एलिवेटेड बनाया जा सकता है। प्राधिकरण एलिवेटेड ट्रैक के लिए संभावनाएं तलाश करेगा। मेरठ से सराय काले खां दिल्ली के बीच रैपिड ट्रेन का काम चल रहा है। यह ट्रैक गौतमबुद्धनगर की सीमा पर अशोक नगर से गुजर रहा है। यहीं से जेवर एयरपोर्ट के लिए रैपिड ट्रेन की कनेक्टिविटी देने की योजना है।

नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेस वे व यमुना एक्सप्रेस वे के समानांतर इसे एयरपोर्ट तक ले जाने की योजना है। जेवर एयरपोर्ट से आईजीआई आने जाने के लिए अल्ट्रा पीआरटी से अशोक नगर पहुंचकर आगे रैपिड ट्रेन लेनी होगी। मेट्रो का भी विकल्प एयरपोर्ट की कनेक्टिविटी के लिए मेट्रो का भी विकल्प है।

एयरोसिटी से तुगलकाबाद तक मेट्रो रूट का निर्माण किया जा रहा है। प्राधिकरण की योजना इसे आगे बढ़ाते हुए नोएडा सेक्टर 142 तक जोड़ने की है। एक्वा मेट्रो के नॉलेज पार्क दो स्टेशन से यमुना एक्सप्रेस वे के समानांतर जेवर एयरपोर्ट तक मेट्रो ट्रैक बनाने की योजना है। इससे आईजीआई दिल्ली से जेवर एयरपोर्ट के बीच मेट्रो सेवा उपलब्ध हो जाएगी।

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