धूप, दीप और नैवेद्य भारतीय पूजा पद्धति के अभिन्न अंग होते हैं। क्या आप जानते हैं कि धूप से हमें क्या फायदा होता है? दरअसल, हमारी पूजा पद्धति वैज्ञानिक है, लेकिन हम उसके रहस्य को नहीं जानते हैं। हमें सिर्फ इतना पता होता है कि उससे राहत जरूर मिलती है। आज हम धूप के बारे में चर्चा करेंगे।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!दरअसल, धूप कई प्रकार की होती है। तंत्रसार के अनुसार अगर, तगर, कुष्ठ, शैलज, शर्करा, नागरमाथा, चंदन, इलाइची, तज, नखनखी, मुशीर, जटामांसी, कर्पूर, ताली, सदलन और गुग्गुल ये सोलह प्रकार के धूप माने गए हैं। इसे षोडशांग धूप कहते हैं।
गुग्गुल का उपयोग सुगंध, इत्र व औषधि में भी किया जाता है। इसकी महक मीठी होती है और आग में डालने पर वह स्थान सुंगध से भर जाता है। अक्सर गुरुवार को इसकी धूप घर में दी जाती है। जानते हैं गुग्गुल की धूप देने से क्या फायदा होता है।
गुग्गल की सुगंध से जहां आपके मस्तिष्क का दर्द और उससे संबंधित रोग दूर हो जाते हैं, वहीं इसे दिल के दर्द में भी लाभदायक माना गया है। घर में साफ-सफाई रखते हुए पीपल के पत्ते से 7 दिन तक घर में गौमूत्र के छींटे मारें और शुद्ध गुग्गल की धूप जला दें। इससे घर की नकारात्मक शक्तियां दूर हो जाती हैं।
सप्ताह में एक बार किसी भी दिन घर में कंडे जलाकर गुग्गुल या गुग्गल की धूनी देने से गृह कलह शांत होता है। यदि आपको किसी भी प्रकार का तनाव है या चिंता है तो गुग्गुल की धूप से राहत मिलेगी। इससे रात में अच्छी नींद भी आती है।
कहते हैं कि इस धूप से पारलौकिक या दिव्य शक्तियां आकर्षित होती हैं और व्यक्ति को उनसे मदद मिलती है। गुरुवार को किसी मंदिर या समाधि पर इसकी धूप लगाएं। यह धूप देवताओं के निमित्त ही देनी चाहिए।
सर्वप्रथम एक कंडा जलाएं। फिर कुछ देर बाद जब उसके अंगारे ही रह जाएं तब उस पर गुग्गुल डाल दें। इससे संपूर्ण घर में एक सुगंधित धुआं फैल जाएगा। अक्सर यह धूप गुरुवार और रविवार को दी जाती है।


