बिजली का नया मीटर लगने के बाद अगर तय अवधि तक बिजली का बिल जमा नहीं हुआ तो सप्लाई ऑटोमेटिक बंद हो जाएगी। बिल जमा करने पर दोबारा चालू हो जाएगी। किसी लाइन स्टॉफ को इसके लिए अतिरिक्त समय नहीं देना होगा। केंद्रीय ऊर्जा राज्य मंत्री आरके सिंह स्मार्ट मीटर नेशनल प्रोग्राम के तहत 10 लाख स्मार्ट मीटर लगाने की घोषणा कर चुके हैं।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!उत्तर प्रदेश, दिल्ली, हरियाणा और बिहार में पहले से ही काम कर रहे इन स्मार्ट मीटरों का उद्देश्य बिजली वितरण प्रणाली में और निपुण बनना है। ताकि सेवाओं को बेहतर बनाया जा सके। एक डैश बोर्ड के जरिये कार्यक्रमों की प्रगति और इसके प्रभाव की निगरानी की जा सकती है।
मोबाइल की तरह पोस्टपेड, प्रीपेड दोनों सुविधाएं रहेंगी। उपभोक्ता 50 रुपये से लेकर खपत तक अमाउंट का रिचार्ज करवा सकते हैं। जितना रिचार्ज उतनी ही बिजली मिलेगी। अगला रिचार्ज कराने पर पीछे वाला बचा रिचार्ज आगे ऐड हो जाएगा। जरूरत न होने पर मीटर बंद भी करा सकते हैं।
तय चार्ज के हिसाब से एकमुश्त या किश्त में भुगतान करना होगा। इससे बिजली चोरी, लोड सिस्टम, बिल मिलना भरना आदि झंझट से मुक्ति मिल जाएगी।


