Skip to content
Primary Menu
  • Home
  • ख़ास ख़बर
  • आलेख
    • सत्ता की सियासत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • राष्ट्रीय
  • दिल्ली एनसीआर
  • राज्यों से …
  • कारोबार
  • साहित्य
  • संस्कार
  • तकनीक
  • मनोरंजन
  • स्वास्थ्य
  • शिक्षा
  • खेल
Logo300

INFOPOST NEWS

The power of information

September 9, 2026

Connect with Us

  • Home
  • ख़ास ख़बर
  • आलेख
    • सत्ता की सियासत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • राष्ट्रीय
  • दिल्ली एनसीआर
  • राज्यों से …
  • कारोबार
  • साहित्य
  • संस्कार
  • तकनीक
  • मनोरंजन
  • स्वास्थ्य
  • शिक्षा
  • खेल

Categories

  • INFOPOST PDF
  • sports
  • Uncategorized
  • अंतरराष्ट्रीय
  • आलेख
  • कारोबार
  • ख़ास ख़बर
  • तकनीक
  • दिल्ली एनसीआर
  • बोलती तस्वीरें
  • मनोरंजन
  • राज्यों से …
  • राष्ट्रीय
  • शिक्षा
  • सत्ता की सियासत
  • संस्कार
  • साहित्य
  • स्वास्थ्य
An error has occurred, which probably means the feed is down. Try again later.

  • ख़ास ख़बर
  • साहित्य

हिंदी साहित्य और भाषा पर पड़ा गांधीजी का प्रभाव

July 28, 2020
Hindi-literature-and-language-on

‘महात्मा गांधी के सिद्धांतों और हिंदी भाषा में योगदान’ पर आयोजित व्याख्यानमाला में हैम्बर्ग विश्वविद्यालय जर्मनी के प्रो. राम प्रसाद भट्ट ने जर्मनी और भारत के साहित्य में गांधी के योगदान के बारे में बताया।

Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!

गढ़वाल विवि की यूजीसी के सहयोग से इजराइल की हाईफा यूनिवर्सिटी के साथ गांधी के सिद्धांतों व विचारों पर प्रथम व्याख्यान माला आयोजित की गई। कार्यक्रम की शुरुआत में गढ़वाल विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. अन्नपूर्णा नौटियाल ने बताया कि हाईफा यूनिवर्सिटी के साथ गढ़वाल विवि का एमओयू हुआ है।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि नीति आयोग के मुख्य सलाहकार डॉ. अशोक कुमार जैन ने गांधी के सिद्धांतों, सत्याग्रह, स्वदेशी, अहिंसा व नैतिक मूल्यों की वर्तमान संदर्भ में प्रासंगिकता पर प्रकाश डाला। मुख्य वक्ता हाईफा विवि के डॉ. अरिक मोरन ने कुल्लू सीमांत पर सांस्कृतिक परिवर्तन की राजनीति : 1850-2000 विषय पर, गढ़वाल विवि के इतिहास विभाग के प्रो. डीपी सकलानी ने भारत की स्वतंत्रता के लिए गांधी के योगदान पर चर्चा की।

मुख्य वक्ता राष्ट्रीय साहित्य अकादमी के पूर्व अध्यक्ष आचार्य विश्वनाथ प्रसाद तिवारी ने साहित्य में गांधी के योगदान पर व्याख्यान दिया। उन्होंने बताया कि किस तरह आजादी के बाद और आजादी के पूर्व संपूर्ण हिंदी साहित्य एवं अन्य भाषाओं का साहित्य गांधीजी से प्रभावित रहा और गांधीजी के विचारों को साहित्य ने भी आत्मसात किया।

अकादमी के उपाध्यक्ष माधव कौशिक ने कहा कि गांधी ने हिंदी भाषा को मातृभाषा के रुप में स्थापित करने में अपनी भूमिका निभाई। इस मौके पर कार्यक्रम संयोजिका गढ़वाल विवि की हिंदी विभागाध्यक्ष प्रो. मंजुला राणा, डा. गुड्डी बिष्ट ने बताया कि राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की डेढ़ सौ शताब्दी के अवसर पर गढ़वाल विवि की ओर से अलग-अलग अंतरराष्ट्रीय व्याख्यान मालाओं का आयोजन किया गया।

About Author

See author's posts

Post navigation

Previous: इस ऐप से दो हजार लोग जुड़ेंगे वीडियो काल से
Next: जानें, भगवान गणेश की शारीरिक संरचना का रहस्य

Related Stories

Global Film Festival Noida
  • ख़ास ख़बर
  • मनोरंजन

Global Film Festival Noida: 19वां ग्लोबल फिल्म फेस्टिवल नोएडा 16 से 18

infopost September 9, 2026 0
Kayakalp Foundation Anniversary
  • ख़ास ख़बर
  • साहित्य

Kayakalp Foundation Anniversary: कायाकल्प साहित्य कला फाउंडेशन का 37वां स्थापना दिवस

infopost September 9, 2026 0
Dalit MPs FIR Demand
  • ख़ास ख़बर
  • राष्ट्रीय

Dalit MPs FIR Demand: जब संसद मार्ग पुलिस थाने पहुंचे 20 दलित सांसद

infopost September 9, 2026 0

Copyright © All rights reserved. | MoreNews by AF themes.