Monsoon Withdrawal: उत्तर भारत से मानसून की विदाई का समय आ गया है, लेकिन जाते-जाते कई राज्यों में बारिश का दौर जारी रहने वाला है। अक्टूबर की शुरुआत में उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड और पश्चिम बंगाल समेत 12 से अधिक राज्यों में भारी बारिश की चेतावनी दी गई है। दूसरी ओर, इस साल का मानसून 2001 के बाद चौथा सबसे कम बारिश वाला सीजन रहा है, जिसमें देशभर में सामान्य से 13 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई।
Monsoon Withdrawal: कई राज्यों में बारिश का अलर्ट
इंफोपोस्ट/Monsoon Withdrawal
उत्तर भारत से मानसून की वापसी की प्रक्रिया शुरू हो गई है। दिल्ली, पंजाब, हरियाणा और उत्तर प्रदेश के ज्यादातर हिस्सों से अगले दो से तीन दिनों में मानसून पूरी तरह विदा हो सकता है। सितंबर में हुई भारी बारिश के बाद अब इन क्षेत्रों में मौसम के धीरे-धीरे साफ होने के संकेत हैं। जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, बिहार, झारखंड, महाराष्ट्र और छत्तीसगढ़ में भी मानसून की वापसी के लिए परिस्थितियां अनुकूल बन चुकी हैं।
पूर्वी उत्तर प्रदेश में बारिश का दौर फिलहाल थम गया है, जबकि पंजाब के अमृतसर और गुरदासपुर जैसे इलाकों में हल्की बौछारें पड़ने की संभावना बनी हुई है। उत्तर-पश्चिम भारत से मानसून की विदाई के बीच पूर्वी और दक्षिण भारत के कई हिस्सों में अक्टूबर के पहले सप्ताह में बारिश जारी रहने का अनुमान है। बिहार, झारखंड और पश्चिम बंगाल में 2 से 6 अक्टूबर के बीच भारी बारिश की संभावना जताई गई है।
बिहार, झारखंड और बंगाल में तेज बारिश
Monsoon Withdrawal: बिहार में 3 से 6 अक्टूबर के बीच तेज बारिश का अनुमान है। झारखंड और पश्चिम बंगाल में भी 2 से 6 अक्टूबर के दौरान भारी बारिश की संभावना बनी हुई है। इस दौरान कई इलाकों में मौसम का मिजाज बदल सकता है और बारिश का दौर तेज हो सकता है।
ओडिशा में 1 से 6 अक्टूबर के बीच आंधी-तूफान, तेज हवाओं और बिजली चमकने के साथ बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। ऐसे में पूर्वी भारत के कई राज्यों में अक्टूबर के शुरुआती दिनों में मौसम सक्रिय रहने की संभावना है।
पहाड़ी इलाकों में भी बदलेगा मौसम
उत्तराखंड के पौड़ी, रुद्रप्रयाग और पिथौरागढ़ में हल्की बारिश की संभावना जताई गई है। बारिश के कारण पहाड़ी इलाकों में मौसम का मिजाज बदल सकता है। इसका असर चारधाम यात्रा के तहत केदारनाथ और बद्रीनाथ क्षेत्र में भी देखने को मिल सकता है।
पश्चिम और दक्षिण भारत की बात करें तो महाराष्ट्र में 5 और 6 अक्टूबर को बारिश के आसार हैं। पुणे, नागपुर, कोल्हापुर और सोलापुर समेत कई हिस्सों में आंधी-तूफान के साथ बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। कोंकण क्षेत्र और गोवा में भी 6 अक्टूबर तक बारिश की स्थिति बनी रह सकती है।
गुजरात और पूर्वोत्तर में भी बारिश
गुजरात के कच्छ और सौराष्ट्र क्षेत्रों में बारिश के संकेत हैं। वहीं पूर्वोत्तर राज्यों में भी मौसम सक्रिय रहने की संभावना है। असम, अरुणाचल प्रदेश, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में पूरे सप्ताह बारिश की फुहारें पड़ने का अनुमान है।
दक्षिण भारत में भी अक्टूबर के पहले सप्ताह के दौरान बारिश का दौर जारी रह सकता है। तमिलनाडु, पुडुचेरी, कर्नाटक, केरल और रायलसीमा में बारिश की संभावना बनी हुई है। इस तरह उत्तर-पश्चिम भारत में जहां मानसून की वापसी हो रही है, वहीं देश के कई पूर्वी, पूर्वोत्तर और दक्षिणी हिस्सों में बारिश जारी रहने वाली है।
2001 के बाद चौथा सबसे कम बारिश वाला सीजन
मानसून की विदाई के बीच इस साल के पूरे मानसून सीजन को लेकर आंकड़े भी सामने आए हैं। जून से सितंबर के चार महीनों में देशभर में औसत बारिश सामान्य स्तर की तुलना में केवल 87.4 प्रतिशत रही। इस आधार पर 2026 का मानसून सीजन 2001 के बाद चौथा सबसे कम बारिश वाला सीजन दर्ज किया गया है।
पूरे सीजन में सामान्य 868.6 मिलीमीटर बारिश के मुकाबले 759.4 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। यानी इस मानसून सीजन में बारिश में करीब 13 प्रतिशत की कमी रही। सामान्य बारिश के मुकाबले यह कमी पूरे चार महीने के मानसून सीजन के आंकड़ों में दर्ज हुई है।
अल नीनो को माना गया प्रमुख कारण
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार इस पूरे मानसून सीजन में बारिश की कमी की सबसे बड़ी वजह प्रशांत महासागर में सक्रिय अल नीनो की स्थिति को माना जा रहा है। इस मौसमी परिस्थिति का असर मानसून की बारिश पर पड़ा और देशभर में सामान्य से कम बारिश दर्ज हुई।
अल नीनो की सक्रिय स्थिति के कारण मानसून सीजन के दौरान बारिश के आंकड़े कमजोर रहे। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार इसका प्रभाव आने वाले समय में भी देखने को मिल सकता है। इस बीच अक्टूबर की शुरुआत में कई राज्यों में बारिश जारी रहने से मानसून की विदाई के साथ मौसम का मिला-जुला असर देखने को मिल रहा है।
उत्तर भारत में विदाई, कई राज्यों में बारिश
Monsoon Withdrawal: उत्तर भारत में मानसून की वापसी की प्रक्रिया तेज हो चुकी है। दिल्ली, पंजाब, हरियाणा और उत्तर प्रदेश के ज्यादातर हिस्सों से अगले दो से तीन दिनों में मानसून की पूरी विदाई की संभावना है। वहीं जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, बिहार, झारखंड, महाराष्ट्र और छत्तीसगढ़ में भी वापसी के लिए मौसम अनुकूल बना हुआ है।
इसके साथ ही पूर्वी, पूर्वोत्तर और दक्षिण भारत के कई राज्यों में अक्टूबर के पहले सप्ताह में बारिश का दौर जारी रहेगा। इस तरह मानसून की विदाई के अंतिम चरण में देश के अलग-अलग हिस्सों में मौसम का अलग-अलग रूप देखने को मिलेगा, जहां कुछ क्षेत्रों में मानसून लौट रहा है तो कई राज्यों में भारी बारिश की संभावना बनी हुई है।


