राजधानी दिल्ली में शुक्रवार को ब्रिक्स शिखर सम्मेलन का भव्य आगाज हुआ। वैश्विक नेताओं और उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडलों की मौजूदगी के चलते पूरे शहर में सुरक्षा के अभूतपूर्व और कड़े इंतजाम किए गए हैं। मुख्य आयोजन स्थल ‘भारत मंडपम’, विदेशी मेहमानों के ठहरने वाले होटलों और उनके आवागमन वाले मार्गों को बहुस्तरीय सुरक्षा घेरे में लिया गया है।
सुरक्षा व्यवस्था का दायरा और तैनाती
आयोजन स्थल और विदेशी प्रतिनिधिमंडलों की अभेद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए दिल्ली पुलिस के साथ-साथ अर्धसैनिक बलों के जवान तैनात किए गए हैं। रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण स्थानों और मुख्य रास्तों पर बलों की तैनाती की गई है ताकि सुरक्षा का बहुउपायिक कवच बन सके।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!विशेष रूप से उन मार्गों पर जहां से वीवीआईपी काफिले गुजर रहे हैं, वहां जवानों की भारी तैनाती देखी जा रही है। इन व्यवस्थाओं के तहत भारत मंडपम, होटलों और आवागमन मार्गों को कई सुरक्षा परतों में रखा गया है।
विशेष सुरक्षा टीम व उपकरण
सुरक्षा व्यवस्था के तहत 100 से अधिक प्रशिक्षित स्निफर डॉग्स (के-9 स्क्वॉड) तैनात किए गए हैं। ये श्वान दस्ता भारत मंडपम, होटलों, यात्रा मार्गों और ऐतिहासिक स्थलों की लगातार जांच कर रहा है।
नई दिल्ली इलाके की ऊंची इमारतों पर अत्याधुनिक हथियारों और दूरबीन से लैस कमांडो तैनात किए गए हैं, जो जमीन से लेकर आसमान तक हर हलचल पर पैनी नजर रख रहे हैं। बम पहचान एवं निरोधक दस्ता भी लगातार चेकिंग अभियान चला रहा है।
ड्रोन प्रतिबंध व निगरानी
शिखर सम्मेलन के दौरान निर्धारित क्षेत्रों में ड्रोन या किसी भी अनधिकृत हवाई वस्तु के उड़ाने पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगाया गया है। इस प्रतिबंध का पालन सुनिश्चित करने के लिए संबंधित इलाकों में निगरानी बढ़ाई गई है।
पूरे वीवीआईपी रूट और भारत मंडपम की रियल-टाइम निगरानी के लिए एक अस्थायी कंट्रोल रूम बनाया गया है, जहां से पुलिस अधिकारी सीसीटीवी कैमरों की लाइव फीड के जरिए हर गतिविधि पर नजर रख रहे हैं।
हवाई अड्डे पर सुविधाएं और सांस्कृतिक स्वागत
दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे पर विदेशी मेहमानों की सुगम और त्वरित आव्रजन प्रक्रिया के लिए समर्पित काउंटर बनाए गए हैं। इन व्यवस्थाओं का उद्देश्य आगमन प्रक्रिया को सहज और तेज बनाना है।
टर्मिनल और सेरेमोनियल लाउंज में राष्ट्राध्यक्षों एवं प्रतिनिधियों का पारंपरिक नृत्य और लोक संगीत के साथ भव्य सांस्कृतिक स्वागत किया गया है।
ऐतिहासिक स्थलों पर जीव-जंतुओं से सुरक्षा
यदि विदेशी प्रतिनिधिमंडल राजघाट जैसे ऐतिहासिक स्थलों का दौरा करते हैं, तो वहां आवारा पशुओं, बंदरों या सांपों से किसी प्रकार का व्यवधान न हो, इसके लिए मंकी कैचर्स, स्नेक कैचर्स और कैटल कैचर्स की विशेष टीमें तैनात की गई हैं।
इन टीमों की तैनाती इसका लक्ष्य है कि मेहमानों की आवाजाही पूरी तरह सुरक्षित और निर्बाध रहे और किसी भी प्रकार का व्यवधान उत्पन्न न हो।
निष्कर्ष
शिखर सम्मेलन के दौरान सुरक्षा के व्यापक और बहुस्तरीय इंतजामों का उद्देश्य मेहमानों की सुरक्षा और आयोजन की निर्बाध रूप से संचालन सुनिश्चित करना है। यह व्यवस्था लगातार निगरानी, चेकिंग और प्रतिक्रिया टीमों के माध्यम से लागू रखी जा रही है।


