Expired Food Racket: एक वायरल वीडियो में यह दावा किया गया है कि कर्नाटक में खाद्य सुरक्षा विभाग की कार्रवाई के दौरान बड़े स्टोर्स और ऑनलाइन सप्लाई चेन से कथित रूप से बड़ी मात्रा में एक्सपायर्ड और गलत लेबल किए गए खाद्य उत्पाद बरामद हुए हैं। वीडियो में कार्रवाई का आंकड़ा 3 करोड़ रुपये से अधिक बताया गया है। वीडियो में ऐसे उत्पादों के ऊपर एक्सपायरी डेट बदलकर नई तारीख डालने का भी आरोप लगाया गया है।
Expired Food Racket: कर्नाटक में तीन करोड़ के एक्सपायर्ड खाद्य बरामद
Expired Food Racket: वीडियो में कहा गया है कि कुछ खाद्य उत्पादों की वास्तविक एक्सपायरी निकल चुकी थी, लेकिन उन पर नई तारीख लिखी गई पाई गई। यह आरोप उपभोक्ता के साथ धोखाधड़ी और खाद्य सुरक्षा के गंभीर उल्लंघन से जुड़ा बताया गया है। साथ ही वीडियो में यह भी उल्लेख है कि जांच के दौरान कुछ उत्पादों पर गलत लेबलिंग मिली।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!वीडियो के ट्रांसक्रिप्ट के अनुसार कार्रवाई के संदर्भ में Amazon के BLR6 और BLR7 केंद्रों का भी उल्लेख किया गया है। कहा गया है कि BLR6 में बड़ी मात्रा में कथित गलत लेबल वाले और एक्सपायर्ड खाद्य उत्पाद मिले, जबकि BLR7 में भी इसी तरह के उत्पादों की बात बताई गई है।
दवाओं के मामले में भी इसी घपले का आरोप
वीडियो में खाने-पीने की चीजों के अलावा लगभग ₹1.5 लाख से अधिक की कथित बिना लाइसेंस वाली दवाओं के मिलने का भी उल्लेख है। यह आरोप खाद्य वस्तुओं से अलग गंभीरता पैदा करता है और सप्लाई चेन में दवाओं की उपस्थिति पर सवाल उठाता है।
यह स्पष्ट किया गया है कि किसी कंपनी के परिसर में जांच या किसी सप्लायर के उत्पाद मिलने का मतलब अपने आप कंपनी की ओर से जानबूझकर गलत काम करना साबित नहीं करता। अंतिम जिम्मेदारी और भूमिका केवल जांच तथा आधिकारिक दस्तावेजों से ही स्पष्ट होगी।
सप्लाई चेन और उपभोक्ताओं के लिए सावधानियां
खबर में यह निरीक्षण भी शामिल है कि आज उपभोक्ता पारंपरिक किराना तक सीमित नहीं रहा; सुपरमार्केट, ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म और क्विक-कॉमर्स कंपनियां भी खाद्य वस्तुओं की आपूर्ति का बड़ा हिस्सा संभालती हैं। ऐसे में खाद्य सुरक्षा केवल अंतिम दुकानदार की जिम्मेदारी नहीं रह जाती और निर्माता, वितरक, वेयरहाउस, ऑनलाइन प्लेटफॉर्म व अंतिम विक्रेता—पूरी सप्लाई चेन की जवाबदेही अपेक्षित है।
खरीदारी करते समय ग्राहक पैकेट की Manufacturing Date, Expiry/Best Before Date, Batch Number, MRP और लेबल देखना चाहिए। अगर पैकेट पर छेड़छाड़, दोबारा चिपकाए गए स्टिकर या अस्पष्ट तारीख दिखाई दे तो उत्पाद खरीदने से बचना बेहतर है।
वायरल वीडियो में कर्नाटक में बताई जा रही कार्रवाई ऐसे सवाल उठाती है कि ऑनलाइन शॉपिंग और क्विक-कॉमर्स के बढ़ते भरोसे के बीच खाद्य सुरक्षा और लेबलिंग कितनी प्रभावी है। वीडियो में किए गए दावों की स्वतंत्र पुष्टि तथा संबंधित कंपनियों और सरकारी विभागों का आधिकारिक पक्ष सामने आना इस कहानी की वास्तविक तस्वीर समझने के लिए जरूरी है।



Expired Food Racket: एक वायरल वीडियो में यह दावा किया गया है कि कर्नाटक में खाद्य सुरक्षा विभाग की कार्रवाई के दौरान बड़े स्टोर्स और ऑनलाइन सप्लाई चेन से कथित रूप से बड़ी मात्रा में एक्सपायर्ड और गलत लेबल किए गए खाद्य उत्पाद बरामद हुए हैं। वीडियो में कार्रवाई का आंकड़ा 3 करोड़ रुपये से अधिक बताया गया है। वीडियो में ऐसे उत्पादों के ऊपर एक्सपायरी डेट बदलकर नई तारीख डालने का भी आरोप लगाया गया है।